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भारत के बिना हिंदू नहीं और हिंदुओं के बिना भारत नहीं : भय्या जी जोशी

बैंगलूरू (विसंके). विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर बैंगलूरू के नेशनल कालेज मैदान में हिंदू समाजोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के शुभारंभ में संतों ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित किये. तत्पश्चात पूरा पंडाल धार्मिक नारों से गूंज उठा. भगवान गणेश की स्तुति की गई, उसके बाद विहिप का संगठन गीत गाया गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्या जी जोशी ने सर्वप्रथम संतों को प्र ...

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शिक्षा में भारतीय मूल्यों का समावेश भगवाकरण है, तो इसमें कुछ गलत नहीं – राज्यपाल वजूभाई आर वाला

बैंगलूरू. कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल वजूभाई आर वाला ने कहा कि शिक्षा में भारतीय मूल्यों को शामिल करने का प्रयास होता है तो कुछ लोग शिक्षा का भगवाकरण कहकर विरोध करते हैं. यदि यह वास्तव में शिक्षा का भगवाकरण है तो इसमें कुछ गलत नहीं है. राज्यपाल मंगलवार सुबह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ अवसर पर देशभर से एकत्रित शिक्षाविदों को संबोधित कर रहे थे. संगोष्ठी का आयोजन दिशा चेरिटेबल ट्रस्ट तथा महारानी लक ...

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हमारी सांस्कृतिक जड़ें भारत से जुड़ी हैं – यजीदी प्रतिनिधिमंडल

मैसूर. यज़ीदी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनजी भागवत से मुलाकात कर यज़ीदी प्रार्थना पद्धत्ति तथा हिन्दू संस्कृति में समानता आदि को लेकर विचार विमर्श किया. प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मैसूर में आयोजित पांचवीं अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेने के लिये आया हुआ है. प्रतिनिधि मंडल के एक सदस्य ने बताया कि यह एक मित्रतापूर्ण मुलाकात थी. हमारी सांस्कृतिक जड़ें भारत से जुड़ी हैं. यज ...

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धर्मांतरण समाज के लिये चिंता का विषय – मंगेश जी

कर्नाटक (विसंके). शिवमोगा का एनईएस मैदान रविवार को नये इतिहास का गवाह बना. रविवार शाम को मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परिवर्तन कार्यक्रम में हजारों युवा स्वयंसेवकों ने गणवेश में शिरकत की. और संगठन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रतिज्ञा ली. परिवर्तन उद्घोष के साथ शिवमोगा जिला की ओर से एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में 15000 के करीब गणवेशधारी युवा स्वयंसेवकों ने पूरे उत्साह के ...

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विश्व कल्याण के लिये सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा – सरसंघचालक जी

मैसूर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन जी भागवत ने कहा कि विश्व कल्याण के लिये प्रकृति, संस्कृति और समाज का संरक्षण ही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का लक्ष्य है. इस लक्ष्य को सभी ने स्वीकार किया है, और अपनाया भी है. पर, शायद विश्व को अभी अहसास नहीं हुआ है कि कल्याण के लिये इसके अतिरक्त अन्य कोई मार्ग नहीं है. विश्व में विभिन्न तत्व शामिल है, समस्त एक दूसरे के साथ संबंधित हैं. हमारी पुरातन संस्कृति ने हमे ...

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बेंगलुरु से चल रहा था आईएसआईएस का ट्विटर अकाउंट

बेंगलुरु. दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के बारे में एक और विस्मयकारी रहस्योद्घाटन हुआ है कि आईएसआईएस के लिये भर्ती का सबसे बड़ा ऑनलाइन अभियान भारत से ही चलाया जा रहा है. आईएसआईएस के इस 'भारतीय दोस्‍त' के पर्दाफाश के बाद गुप्तचर संगठन काफी सतर्क हो गये हैं. ब्रिटिश न्यूज चैनल 'चैनल4' ने दावा किया है कि उसने इस व्यक्ति से बात भी की है, जिसका नाम 'मेहदी' से शुरू होता है. यह एक भारतीय कंपनी में मार ...

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तुमकुर के संत सम्मेलन ने दिया सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संदेश

तुमकुर. धर्मांतरण पर प्रतिबन्ध लगाने और हिन्दू समाज के भीतर अस्पृश्यता और जातिवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के स्पष्ट सन्देश के साथ दो दिवसीय ऐतिहासिक संत सम्मेलन बुधवार की शाम को कर्नाटक के तुमकुर में संपन्न हुआ. 11 और 12 नवंबर 2014 को आयोजित यह दो दिवसीय संत सम्मेलन विश्व हिंदू परिषद द्वारा अपने स्वर्ण जयंती समारोह श्रंखला के अंतर्गत  आयोजित किया गया था. अपने स्वास्थ्य संबंधी कारणों से विहिप के ...

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भारत सार्वभौमिक आध्यात्मिक एकता का स्रोत: मोहन भागवत

तुमकुर, कर्नाटक. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने सभी संत महात्माओं से आध्यात्मित जीवन मूल्यों की स्थापना हेतु विश्लेषण व आवश्यक चिंतन मनन कर एक कार्यविधि निश्चित करने का आवाहन किया है. विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना के पचास वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्ण जयंती समारोह पर यहाँ  आयोजित ऐतिहासिक संत सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि 'भारत सार्वभौमिक आध्यात ...

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एमवी कामथ का निधन, संघ ने व्यक्त किया गहरा शोक

मणिपाल. वरिष्ठ पत्रकार और प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष एमवी कामथ नहीं रहे. उनका गुरुवार, 9 अक्टूबर को प्रात:काल यहां अपने पैतृक स्थान में निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी लिखने वाले शुरुआती लेखकों में से थे. कामथ करीब एक दशक तक वाशिंगटन में 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के संवाददाता भी रहे. उनके भतीजे जयराम कामथ ने यहां बताया कि उन्होंने सुबह ल ...

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