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भारत में स्वाधीनता की चेतना के नायक हैं महाराणा प्रताप – डॉ. बालमुकुन्‍द

गोरखपुर (विसंकें). मध्यकालीन भारत में महाराणा प्रताप स्वाधीन चेतना के वैसे ही नायक हैं जैसे बीसवीं शताब्दी में भगत सिंह, आजाद, बिस्मिल जैसे क्रान्तिकारी थे. महाराणा प्रताप हमारे वास्तविक नायक हैं, जिनका जीवन शौर्य, संप्रभुता, स्वतंत्रता, जातीय स्वाभिमान का प्रतिमान था. महाराणा प्रताप का नाम भारत के शिखर के अमर-सपूतों में दर्ज है. प्रताप भारत एवं भारतीयता के प्रतीक हैं. राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए प् ...

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संघ की ‘शाखा’ संस्कार देने वाला विद्यापीठ – सुनील कुलकर्णी

गोरखपुर (विसंकें). महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज परिसर गोलघर, गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर के स्वयंसेवक समागम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 93 वर्षों से अनवरत चला आ रहा है. इस कालखंड में संगठन ने अनेकों उतार-चढ़ाव देखे. डॉ. हेडगेवार जी ने जब संघ की स्थापना की थी, तब समाज का एक बड़ा वर्ग अ ...

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हिन्दू कोई जाति या पंथ नहीं, यह एक संस्कार व संस्कृति है – शंकर लाल जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य शंकर लाल जी ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि भारत भूमि पर पैदा हुए हैं. यह भूमि इतनी पवित्र है कि यहां स्वयं भगवान भी जन्म लेने की इच्छा रखते हैं. हिन्दुस्थान की भूमि हिन्दू भूमि है. हिन्दू कोई जाति या पंथ नहीं है. यह एक संस्कार व संस्कृति है. हिन्दुस्थान में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है. सभी के पूर्वज एक हैं. उपासना पद्धति जरूर अ ...

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विभाजनकारी शक्तियां देश व समाज को तोड़ने के लिये प्रयासरत – अनिरुद्ध देशपांडे जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे जी ने कहा कि विभाजनकारी शक्तियां हिन्दू समाज को बांटने और देश को तोड़ने का कार्य कर रही हैं. जाति-बिरादरी और ऊंच-नीच का भाव दिखाकर समाज के लोगों को लड़ाने की पुरजोर कोशिश में जुटी हुई हैं, लेकिन संघ उनके इस कुत्सित प्रयास को पूरा नहीं होने देगा. समाज को जागृत कर ऐसी देशद्रोही मानसिकता वाले लोगों को पराजित करना ही संघ क ...

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गोरखपुर का प्रथम अप्रवासी भारतीय स्वयंसेवक सम्मेलन

गोरखपुर (विसंकें). विदेशों में रहकर व्यापार या नौकरी करने वाले गोरखपुर के अप्रवासी स्वयंसेवक बन्धुओं का प्रथम सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरखपुर द्वारा तारामण्डल, भगत चौराहा स्थित देवकी लॉन में शनिवार (31 मार्च) को आयोजित किया गया. सम्मेलन में प्रमुख रूप से थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, खाड़ी देशों, फिलीपींस आदि में रहने वाले स्वयंसेवक उपस्थित रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व विभाग हिन्दू स्वयंसेवक सं ...

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सम्पूर्ण समाज संगठित, समरस, समभाव होकर मानवता की उन्नति के लिए कार्य करे – रामाशीष सिंह जी

गोरखपुर (विसंकें). प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संगठन मंत्री रामाशीष सिंह जी ने कहा कि मकर संक्रांति के दौरान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है. इसके बाद से दिन बड़े होने शुरू हो जाते हैं. समाज से धुंध, अंधकार छंटने लगता है. ये नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का पर्व है. इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सहभोज के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव जैसी बुर ...

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राष्ट्र को सेवा क्षेत्र में आंदोलन की आवश्यकता – सुधीर जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय सेवा भारती के राष्ट्रीय सह महासचिव सुधीर जी ने कहा कि भारतवर्ष के सेवाभावी इतिहास को धत्ता बताकर सेवा के नाम पर छलावा करने वाली विदेशी धन पर पोषित मिशनरीयों ने न केवल देश के खिलाफ कार्य किया, बल्कि अपने गुप्त एजेण्डे के तहत उन्होंने मतांतरण का कुचक्र भी चलाया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सेवा विभाग निरन्तर विपदा की स्थितियों में, आदिवासी बाहुल्य प्रदेशों में पिछड़ों और वंचितों के ...

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आंग्लदासता से युक्त इतिहासकारों ने भारत के राष्ट्रीय इतिहास के गौरव के मर्दन का कुप्रयास किया – बालमुकुंद जी

गोरखपुर (विसंकें). अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बाल मुकुंद जी ने कहा कि इतिहास के समक्ष यह सोचने का बिन्दु है कि आखिर सन् 1857 की प्रथम राष्ट्रीय क्रांति के काल में न तो सांप्रदायिक कट्टरवाद था और न ही जातिवादिता. लेकिन पाश्चात्य जगत ने आंग्लदासता से युक्त इतिहास लिखने के लिए हमारे राष्ट्रीय इतिहास के गौरव का मर्दन करने का कुप्रयास किया. यह सौभाग्य का विषय रहा कि तत्कालीन भारती ...

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संघ में सभी का स्वागत है – सुनील कुलकर्णी जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी जी ने कहा कि संघ समाज के सभी वर्गों को समाहित करता है. संघ में सभी का स्वागत है. संघ की पद्धति व कार्यशैली अलग है, इसलिए संघ को समझना है तो शाखा आना पड़ेगा. संघ की शाखा में व्यक्ति का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास होता है. संघ की शाखा में धैर्यवान, राष्ट्रप्रेमी और जोशीले कार्यकर्ता तैयार किये जाते हैं जो समय-समय पर सम ...

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भारतीय पत्रकारिता सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय है – प्रो. राकेश सिन्हा जी

गोरखपुर (विसंकें). भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रो राकेश सिन्हा जी ने कहा कि पश्चिम की पत्रकारिता पूंजी के दासत्व की प्रतिमान है, जबकि इसके विपरीत भारत की पत्रकारिता मूल्यों का पराक्रम है. भारतीय पत्रकारिता सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय है. प्रो. राकेश जी देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में विश्व संवाद केन्द्र गोरखपुर द्वारा आयोजित "संवाददाता, सं ...

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