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भाव, ज्ञान और कर्म से ही मानव की पहचान बनती है – प्रो. एसपी सिंह जी

गोरखपुर (विसंकें). लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी सिंह ने कहा कि सामाजिक समरसता एक क्रांतिकारी विचार है. किसी भी देश की एकता के लिए यह आवश्यक शर्त है. बरगद की तरह विचार कभी खत्म नहीं होते, समय आने पर वे प्रासंगिक हो जाते हैं. प्रो. एसपी सिंह जी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्विद्यालय के संवाद भवन में आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक बालास ...

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समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए शाखा विस्तार आवश्यक – दत्तात्रेय जी होसबले

देवरिया (गोरक्ष प्रांत). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिये शाखा विस्तार आवश्यक है. जिसके लिये स्वयंसेवक सर्वस्पर्शी बनें. सह सरकार्यवाह जी नर्वदेश्वर सरस्वती शिशु मंदिर में गोरक्ष प्रांत के नगरीय क्षेत्रों के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे. पांच दिवसीय बैठक के अंतिम दिन (सोमवार, 21 दिसंबर) कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. इससे पह ...

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साहित्यकारों का पुरस्कार लौटाना – संवेदना या राजनीति विषय पर गोष्ठी का आयोजन

गोरखपुर (विसंकें). अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले साहित्यकार एक सोची समझी रणनीति के तहत एक भ्रम उत्पन्न करना चाहते हैं कि इस समय देश में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. ये वही साहित्यकार हैं, जिन्होंने कश्मीर से हिन्दुओं के पलायन और 1984 के दंगों पर अपनी जुबानें सिल रखीं थीं. पूर्व रेल अधिकारी एवं व्यंग्यकार रणविजय सिंह ने विश्व संवाद केंद्र गोरखपुर के साहित्य प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संब ...

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ध्येय, अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता रहती है तो लक्ष्य प्राप्ति के लिए सब साथ चल पड़ते हैं – डॉ. मोहन जी भागवत

गोरखपुर (विसंकें). संस्कृति पब्लिक स्कूल में आयोजित क्षेत्रीय समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि विभिन्न समवैचारिक संगठनों में समन्वय की आवश्यकता नहीं, वरन् कार्यकर्ताओं में समन्वय ही वास्तव में समन्वय है. समन्वय स्वभाव के आधार पर होता है न कि नीतियों से. सभी संगठनों के कार्यकर्ताओं में व्यवहार, ध्येय और अनुशासन के प्रति प्रतिबद्धता रहती है तो बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लि ...

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संघ में सबसे महत्वपूर्ण सामान्य स्वयंसेवक होता है – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि अपना कार्य भारत को परम वैभव, साधन संपन्नता तक ले जाने के लिए समाज को तैयार करना है. इस काम के महत्व को समझकर काम को उत्कृष्ट तरीके से तथा संस्कारक्षम्य होकर करना. समाज की कुछ दुष्ट शक्तियां कार्य से भटकाने का प्रयास करती हैं, परंतु कार्य की पद्धति को ध्यान में रखकर अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार कार्य को अलग-अलग महत्व देने स ...

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युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित करवाने की आवश्यकता – डॉ. मोहन भागवत जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत ने कहा कि परिवार का मतलब केवल खून का रिश्ता नहीं होता है. दैनिक जीवन में जितने लोगों का सहयोग मिलता है, वे सब परिवार के सदस्य हैं. उसे ही कुटुम्ब कहते हैं. इस सच्चाई को हम सभी को स्वीकार्य करना होगा. तभी देश और समाज को हम आगे ले जाने में सफल होंगे. सरसंघचालक जी गोरखपुर प्रवास के प्रथम दिन शाम चार बजे संघ कार्यालय माधव धाम में आयोजित क ...

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नवयुवकों ने लिया भारत को पुनः अखंड बनाने का संकल्प

गोरखपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर (गोरक्ष प्रान्त) के अनुशांगिक संगठन सेवाभारती के तत्वाधान में 14 अगस्त 'अखंड भारत संकल्प दिवस' पर सैकड़ों नवजवानों ने भारत के अखंड स्वरुप को साकार करने का संकल्प लिया. भारत माता की जय का गगन भेदी उद्घोष करते हुए नवयुवकों ने समाज में अखंड भारत के स्वरूप के प्रति चेतना जगाने हेतु मोटर वाहन रैली निकाली, जिसे महानगर संघचालक डॉ. महेन्द्र अग्रवाल ने झंडी दिखा कर रवाना किया. ...

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श्री गुरूजी जयंती पर रक्तदान और नेत्र दान का संकल्प लिया

गोरखपुर (विसंके). युगाब्द 5016 विक्रमी संवत 2071 दिनांक 19 फरवरी 2015 गुरुवार को गोरक्ष प्रान्त के प्रान्तीय कार्यालय "माधव धाम" में द्वितीय सरसंघचालक प. पू. माधव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी की 109वीं जयन्ती मनायी गयी. इस पावन अवसर पर प्रातः 10:30 बजे सुन्दर काण्ड पाठ व हवन किया गया. साथ ही रक्त दान एवं नेत्रदान संकल्प युवा भारती एवं सक्षम के सहयोग से संपन्न हुआ. श्री गुरुजी के जीवन पर आधारित चित्र ...

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