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‘भेद रहित समाज का निर्माण होने वाला है’ – डॉ. मोहन भागवत जी

और फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न हो सके - इसका इंतजाम होना चाहिए फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न होना सके - इसका इंतजाम होना चाहिए. यह सब इसलिए करना है ताकि संपूर्ण समाज एक हो सके. आपस में दुर्भावना बढ़ाने वाली भाषा नहीं होनी चाहिए. फिर व्यवस्था में इस दृष्टि से जो-जो प्रावधान किए जाते हैं, या करने के सुझाव आते हैं, वे प्रावधान लागू हों. इस प्रक्रिया में सबको समाहित करते हुए, किसी की राह देखे बिना, नित्य व्य ...

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युवाओं व सामाजिक समरसता पर विशेष बल देगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – आलोक कुमार जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत आगामी वर्ष में दैनिक शाखाओं में वृद्धि के साथ ही सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर युवाओं में, राष्ट्रीयता की भावना के और अधिक विस्तार की दिशा में काम करेगा. दिल्ली प्रांत सह संघचालक आलोक कुमार जी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देशभर में पिछले वर्ष 1 लाख 4 हजार स्वयंसेवकों ने प्राथमिक शिक्षा वर्ग में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि द ...

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सात दिन के शिशु की मृत देह का एम्स में देह दान

आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक ने अपने सात दिन के मृत पौत्र की देह दान की नई दिल्ली. शिशु आंचल गुप्ता (पुत्र श्री सूरज गुप्ता और श्रीमती आंचल गुप्ता) का जन्म 1 मार्च 2017 को पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में हुआ था. उसके जन्म से परिवार में खुशियां छा गईं. बहरहाल, शिशु अल्पायु था. जन्म के कुछ घंटे बाद ही उसके माता-पिता को सूचना दी गई कि उसकी आर्टरीज़ उलझी हुई हैं और शिशु को हल्का दिल का  दौरा पड़ा है. परिवार शिशु को ...

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श्री हल्देकर जी का संघ जीवन से बड़ा पुरुषार्थ क्या हो सकता है ? – सुरेश भय्या जी जोशी

केवल युद्ध करना ही पुरुषार्थ नहीं होता है, अपितु अंतःकरण की सभी भावनाओं को, संपूर्ण जीवन को केवल एक ध्येय के लिए समर्पित करना, यह भी पुरुषार्थ होता है. श्री रामभाऊ हल्देकर जी, जब 1954 में संघ के प्रचारक निकले, वह समय संघ के लिए सब प्रकार से विरोध का कालखण्ड था. ऐसी परिस्थितियों में जो संघ के प्रचारक निकले, उससे बड़ा पुरुषार्थ क्या हो सकता है? जो जो बंधु श्री हल्देकर जी के संपर्क में आए, उनको संघ समझाने के लि ...

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सामाजिक परिवर्तन से ही सुधरेगी महिलाओं की स्थिति – गीता गुंडे जी

नई दिल्ली. सामाजिक कार्यकर्ता गीता गुंडे जी ने कहा कि केवल कानूनों में बदलाव करने से महिलाओं की स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इसके लिए व्यापक सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता है. गीता ताई ‘महिलाओं के लिए बने संपत्ति व विवाह कानूनों की प्रभावशीलता’ विषय़ पर आयोजित संगोष्ठी में संबोधित कर रही थीं. संगोष्ठी का आयोजन ‘चेतना’ तथा ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था. उन्होंने कहा कि मनुष्य ने जब समूह ...

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वामपंथी भारत को बांटने का प्रयास कर रहे हैं – अनिरुद्ध देशपांडे जी

नई दिल्ली. रष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे जी ने वामपंथियों द्वारा भारत को बांटने के प्रयासों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों से सावधान रहने और उनका प्रतिकार करने की आवश्यकता है. दिल्ली में आयोजित ‘भारत बोध’ सम्मेलन के तीसरे दिन समापन सत्र में अनिरुद्ध जी ने कहा कि छोटी-छोटी अस्मिताएँ हैं, पर साथ अपने यहां एक अखंड अस्मिता भी है जो सबको जोड़कर रखने का ...

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‘भारत-बोध’ सम्मेलन – भारतीय शिक्षा व कलाएं मनुष्य के सर्वांगीण विकास में सहायक

नई दिल्ली. ब्रिटिश शासन काल से पहले भारत कहीं ज्यादा बेहतर शिक्षित था, लेकिन अंग्रेजों ने हमारी शिक्षा व्यवस्था का ढांचा ध्वस्त कर दिया. प्राचीन काल में तक्षशिला जैसे ज्ञान के केंद्र सभी प्रमुख सभ्यताओं में आदान-प्रदान का केंद्र बिंदु था, लेकिन आज हम उस व्यवस्था से कोसों दूर हैं. जरूरत साक्षरता के साथ शिक्षित करने की भी है. गुजरात के ऑरो विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र राज मेहता तीन द ...

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हमें अपने दृष्टिकोण से भारत की सांस्कृतिक व बौद्धिक विरासत को देखना होगा – सुरेश सोनी जी

भारतीय सभ्यता हमें मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाती है – राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी नई दिल्ली. भारतीय शिक्षण मंडल तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारत बोध’ 23 फरवरी से दिल्ली में शुरू हो गया. सम्मेलन का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी ने किया. पहले दिन उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात अरणी मंथन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह स ...

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हिन्दुत्व अनुभव से, शास्त्र से, स्वभाव से भारत की राष्ट्रीयता है – दत्तात्रेय होसबले जी

आज भारत से जात-पात, ऊँच-नीच, छुआछूत के भेद को मिटाने की आवश्यकता है नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि हिन्दुत्व अनुभव से, शास्त्र से, स्वभाव से भारत की राष्ट्रीयता है. मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि डॉ. बाली द्वारा शोध के आधार पर लिखी गई "भारत गाथा" पुस्तक स्वतंत्र लेख तो है ही, साथ ही यह एक स्वतंत्र ग्रन्थ है. दूसरी पुस्तक "भारत को समझने की शर्तों" को समझेंगे, ...

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आर्थिक मॉडल में सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों को भी समाहित करने की आवश्यकता – दत्तात्रेय होसबले जी

नई दिल्ली. भारत अपने शासन और नीतियों के बल पर प्रगति कर रहा है और भारतीय आर्थिक व सामाजिक विकास के वैश्विक कारकों के अनुसार आकार ग्रहण कर कार्यशील हो रहा है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि अपने विकास के एजेंडे में हमें सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को नहीं छोड़ना चाहिए. सह सरकार्यवाह भारत नीति प्रतिष्ठान (इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन) द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय आर्थिक स ...

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