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धूलिकण चित्र प्रदर्शनी का आयोजन

भोपाल (विसंकें). श्री कला संस्थान, भोपाल द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी की जयंती के अवसर पर चित्रकला प्रदर्शनी "धूलिकण" का आयोजन स्वराज कला वीथिका भोपाल में किया गया.   ...

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समाज में सकारात्मक भाव को जगाना है मीडिया का लक्ष्य – नरेंद्र कोहली जी

वरिष्ठ पत्रकार उमेश उपाध्याय और विजय मनोहर तिवारी को गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान भोपाल. साहित्यकार नरेंद्र कोहली जी ने कहा कि पत्रकारों का लक्ष्य आजीविका नहीं है, खबरों को प्रसारित करना भी उनका लक्ष्य नहीं है और अखबारों की श्रृंखलाएं शुरू करना भी उनका उद्देश्य नहीं है. बल्कि पत्रकारिता का लक्ष्य समाज में सकारात्मक विचारों को जगाने का है. देश सबसे पहले के भाव को समाज में ले जाना उनका कर्तव्य है. नरेन्द्र कोह ...

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मध्यभारत प्रांत में भी बढ़ रहा संघ कार्य – अशोक पांडेय जी

भोपाल (विसंकें). विश्व संवाद केंद्र भोपाल में प्रेस वार्ता में मध्यभारत प्रान्त सह संघचालक अशोक पांडेय जी ने कहा कि प्रतिनिधि सभा में 11 क्षेत्र, 42 प्रान्तों से 1396 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. श्री अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर (तमिलनाडु) के परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा बैठक के दौरान देश व समाज से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा हुई. प्रांत अनुसार संघ कार्य एवं सम वैचारिक संगठनों के कार्यों को देश ...

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भारत की आत्मा भारत की संस्कृति में है – डॉ. गुलरेज शेख

भोपाल (विसंकें). लेखक, स्तंभकार एवं शिक्षाविद् डॉ. गुलरेज शेख ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि राष्ट्रवादी पत्रकारिता के विषय पर हम चर्चा कर पा रहे हैं. राष्ट्रवादी पत्रकारिता की आवश्यकता प्रत्येक राष्ट्रवादी व्यक्ति महसूस कर रहा है. पत्रकारिता का स्तर आज गिरता जा रहा है और निम्न से भी नीचे होता जा रहा है वो हम सभी को दिखता है. डॉ. गुलरेज भोपाल में आयोजित पाञ्चजन्य पाठक सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे. पाठक स ...

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केरल में माकपा ने देवभूमि को कत्लखाना बना दिया – जे. नंदकुमार जी

केरल में माकपा गुंडों द्वारा राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में मानव अधिकार मंच का धरना भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंदकुमार जी ने कहा कि पिछले 8 महीनों में केरल में मार्क्सवादियों की सरकार आने के बाद पौने दो लाख आपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं. इनमें से अधिकांश प्रकरण माकपा के गुंडों द्वारा अपने विरोधी विचार वाले कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हिंसा के है ...

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संघ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने में विश्वास करता है – जे. नंद कुमार जी

भोपाल (विसंकें). केरल में मार्क्सवादियों द्वारा लगातार हो रही हत्या के विरोध में पूरे देश में 01 से 03 मार्च के बीच विभिन्न मंचों, संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में 01 मार्च को उज्जैन में जन अधिकार समिति द्वारा आक्रोश सभा एवं धरने का आयोजन किया गया था. इसमें एक वक्ता डॉ. कुंदन चंद्रावत द्वारा केरल के मुख्यमंत्री के सम्बन्ध में विवादित बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संज्ञान ...

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दीनदयाल जी का विचार अपनी भारतीय परंपरा का काल सुसंगत प्रकटीकरण है – डॉ. मोहन भागवत जी

भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत जी ने 11 फरवरी को भारत भवन में सुबह वरिष्ठ पत्रकार विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक 'भारत की खोज में मेरे पांच साल' का विमोचन किया. सरसंघचालक जी ने इस किताब को देशभक्ति के साहित्य संभार में एक और महत्वपूर्ण संस्करण बताते हुए इसकी प्रसंशा की. विजय मनोहर तिवारी ने बताया कि उन्होंने 8 बार भारत के अलग अलग शहरों की यात्राएँ की और भारत को करीब से जान ...

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कोई भी काम और मनुष्य छोटा-बड़ा नहीं होता, सब समान होते हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

सेवाभारती के रजत जयंती वर्ष एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर भोपाल में आयोजित श्रम साधक संगम में शामिल हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संत रविदास महाराज ने हमें अपने काम और व्यवहार से संदेश दिया था कि कोई भी काम और मनुष्य छोटा-बड़ा नहीं होता, सब समान होते हैं. हमें अपने श्रम को हल्का नहीं मानना चाहिए. समाज को उसकी आवश्यकता है, ...

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आदर्श व उन्नत खेती के लिए भी पांच 5 नियमों स्वच्छता, स्वाध्याय, तप, सुधर्म और संतोष का पालन करें – डॉ. मोहन भागवत जी

बनखेड़ी के समीप स्थित भाऊसाहब भुस्कुटे लोक न्यास के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए सरसंघचालक, समग्र ग्राम विकास के प्रकल्पों का किया अवलोकन जल, जंगल और जमीन का विकास ही भारत का विकास – सरसंघचालक भोपाल (विसंकें). देश को वैभव सम्पन्न बनाना है. इसलिए सबसे पहले यह समझ लेना चाहिए कि देश क्या है. जन, जल, जंगल, जमीन और जानवर इन सबको मिलाकर एक देश बनता है. देश का विकास होता है, तब इन सबका विकास होता है. लेकिन, देश ...

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‘भारत माता की जय’ हमारे हृदय की भाषा है – डॉ. मोहन भागवत जी

दुनिया भारत को विश्वगुरु की भूमिका में देख रही है - डॉ. मोहन भागवत जी भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब हम हिन्दू समाज कहते हैं, तब उसका अर्थ होता है, संगठित हिन्दू. यदि हममें किसी भी प्रकार का भेद और झगड़ा है, तब हम अस्वस्थ समाज हैं. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए हमें संगठित रहना होगा, सभी प्रकार के भेद छोड़ने होंगे, विविधताओं का सम्मान करना होगा. यही आदर्श और ...

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