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देवपुत्र गौरव सम्मान समारोह सम्पन्न

दो दिवसीय महिला बाल साहित्यकार सम्मेलन इन्दौर. सरस्वती बाल कल्याण न्यास द्वारा प्रकाशित देवपुत्र बाल मासिक के सप्तम देवपुत्र गौरव सम्मान 2018 का आयोजन देवपुत्र सभागार में सम्पन्न हुआ. पटना के सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. भगवती प्रसाद द्विवेदी को विद्याभारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी (नई दिल्ली) एवं प्रख्यात साहित्यकार लीला मेंहदले (पुणे) सहित देशभर से उपस्थित महिला बाल साहित्यकारों की ...

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राष्ट्र में बढ़ रहीं देश विरोधी गतिविधियां चिंताजनक – रवि शेखर नारायण सिंह

धार, मालवा (विसंकें). रॉ के पूर्व अधिकारी एवं सुरक्षा मामलों के जानकार रवि शेखर नारायण सिंह ने कहा कि देश को आज आंतरिक व बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है. जिहादी, माओवादी और चर्च नए संदर्भ में देश के राजनीतिक पटल पर घुस गए हैं. आज देश छद्म युद्ध के दौर से गुजर रहा है. बाहरी ताकतें हमारे अपने ही लोगों की वजह से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं. छत्तीसगढ में माओवादी गतिविधियां स ...

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कश्मीर जैसे हालात देश के कई हिस्सों में बन रहे हैं – पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ

धार, मालवा (विसंकें). राजनीतिक विश्लेषक एवं पाकिस्तानी मामलों के विशेषज्ञ पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमारे समक्ष जो इतिहास रखा जा रहा है, वह सत्य के निकट नहीं है. शिक्षा पद्धति और इतिहास हमें भ्रम में रखे हुए है. जो हमें आजादी मिली है, वह वास्तव में आजादी न होकर शक्ति-सत्ता का हस्तांतरण मात्र है. सत्ता आएगी-जाएगी, लेकिन समाज स्थिर है. अब समय आ गया है कि समाज उठ खड़ा हो और सत्ता चलाने वालों से प्रश्न कर ...

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हमारी सेना संयमित और सामर्थ्यवान है – मेजर सुरेंद्र पूनिया जी

इंदौर (विसंकें). मेजर सुरेंद्र जी पूनिया ने कहा कि हमारे देश की सेना पर हम सभी को गर्व होना चाहिए. वह बहुत खराब समय होता है, जब हमारे साथ रहने खाने-पीने वाला सीमाओं पर हमारे साथ ड्यूटी करने वाला सैनिक एक ऑपरेशन में शहीद हो जाता है. हम उसे ढंग से अलविदा भी नहीं कर पाते और वह हमारे बीच से चला जाता है, सैनिक देश की सेवा में लगा है. पर, कुछ लोग सेक्युलर शब्द और आंदोलन को अपनी ताकत बना कर देश में अपनी राजनीति चम ...

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संस्कारयुक्त शिक्षा वर्तमान समय की अनिवार्यता – सुरेश सोनी जी

उज्जैन में आयोजित विराट गुरुकुल सम्मलेन का समापन उज्जैन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी जी ने कहा कि मनुष्य एक जीवमान इकाई है. आप उसे मशीन नहीं बना सकते. अगर वह मशीन बनेगा तो शिक्षा के क्षेत्र में रिक्तता आएगी. इसलिए आज के समय में संस्कार युक्त शिक्षा होनी चाहिए, जो मनुष्य के जीवन को आदर्श बनाए. सह सरकार्यवाह उज्जैन में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन के ...

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शिक्षा से केवल ज्ञान प्राप्त नहीं होता, संस्कारों में भी शुद्धता आती है – सुरेश भय्याजी जोशी

उज्जैन (विसंकें). विराट गुरुकुल सम्मेलन के दूसरे दिन ज्ञानयज्ञ सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा कि शिक्षा से केवल ज्ञान प्राप्त नहीं होता, संस्कारों में भी शुद्धता आती है. भारत की परंपराओं को देखते हैं तो हम पाते हैं कि विकेंद्रित व्यवस्थाओं के तहत प्राचीन काल में गुरुकुलों में शिक्षा प्रदान की जाती थी. गुरुकुल को केवल आवासीय एवं भोजन व्यवस्था के विद्यालय नहीं कह सकते ...

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जीविका के साथ जीवन की भी मिले शिक्षा – डॉ. मोहन भागवत जी

उज्जैन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ आजीविका ही नहीं दे, जीवन के लिए भी शिक्षा आवश्यक है. शिक्षा में जीवन के लिए दृष्टिकोण होना चाहिए, जो मूल्य आज हम परिवार में देखते हैं, उनका प्रकटीकरण भी गुरुकुल शिक्षा में होना चाहिए. सरसंघचालक जी महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रह ...

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भारतीयों भाषाओं के सरंक्षण एवं संवर्धन में हो समाज की भूमिका – अशोक सोहनी जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक अशोक सोहनी जी ने कहा कि आज विविध भारतीय भाषाओं व बोलियों के चलन तथा उपयोग में आ रही कमी, उनके शब्दों का विलोपन तथा विदेशी भाषाओं से प्रतिस्थापन एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है. आज अनेक भाषाएं एवं बोलियां विलुप्त होती जा रही हैं और कई अन्य भाषाओं का अस्तित्व संकट में है. इसलिए हम सभी को समाज को सामूहिक प्रयास करके इन भाषाओं को विलुप्त होने से बचाना ...

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मानवाधिकार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बिना मर्यादा के सही नहीं – मेजर गौरव आर्य

इंदौर (विसंकें). सेवानिवृत्त मेजर गौरव आर्य ने कहा कि मानवाधिकार एवं अभिव्यक्ति की  भारत के संविधान द्वारा संरक्षित है. पर संविधान की रक्षा कौन करता है ? जो संविधान की रक्षा करता है, उसके मानवाधिकारों का क्या ? उसकी अभिव्यक्ति की आजादी का क्या ? जो लोग आतंकवादी के मानवाधिकारों की बात करते हैं, क्या उन्होंने सैनिकों के मानवाधिकारों की बात की है? जो लोग आतंकवादी के मरने पर उनके घर जाकर दुःख व्यक्त करते हैं, क ...

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हमारे पास अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष को जोड़ने वाला धर्म है – डॉ. मोहन भागवत जी

प्रतिष्ठा कमाने में नहीं, बांटने में है – सरसंघचालक जी इंदौर (विसंकेंभा). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम जीवन जीने की कला भूल गए हैं. इसी कारण हम विघटित होते जा रहे हैं. हमें अपनी संस्कृति की ओर आगे बढ़ना पड़ेगा. संस्कृति के मार्ग पर पीछे जाने की बात ही नहीं है. वेदों की ओर बढ़ने पर हम आगे ही जाएंगे. वेद को सामान्य लोग केवल पूजा-पाठ का ज्ञान मानते हैं. वेद तो जीवन जीने क ...

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