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मसर्रत आलम की रिहाई पर संघ देशवासियों के आक्रोश के साथ : दत्तात्रय होसबले

नागपुर, मार्च 13. जम्मू-कश्मीर की मुफ़्ती सरकार द्वारा कश्मीरी अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई से पूरे देश में जनाक्रोश है. इस आक्रोश का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह दत्तात्रय होसबले ने कहा कि हम देशवासियों के साथ हैं. उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संसद में इस पर आक्रोश व्यक्त किया था. सह सरकार्यवाह अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के पह ...

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अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक नागपुर में शुरू, मातृ भाषा में शिक्षा पर होगा मंथन

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक शुक्रवार सुबह से नागपुर में शुरू हो गई. प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक का विधिवत शुभारंभ सरसंघचालक डॉ मोहन जी भागवत ने किया. तीन दिवसीय बैठक के दौरान देश व समाज से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी, साथ ही प्रांत अनुसार संघ कार्य का अवलोकन भी किया जाएगा. बैठक के पहले दिन की अध्यक्षता सरकार्यवाह सुरे ...

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प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में देने, योग दिवस मनाने को लेकर होगा मंथन

नागपुर, मार्च 12. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक रेशीमबाग़ के स्मृति मंदिर परिसर में शुरू हो रही है. प्रतिनिधि सभा की पूर्व संध्या पर मीडिया को जानकारी देते हुए संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बताया कि सभा में लगभग 1400 प्रतिनिधि शामिल होंगे. बैठक में विद्यार्थियों की प्रारंभिक शिक्षा पर चिंतन होगा. विद्यार्थियों की शिक्षा को सरल, सहज और बोधगम्य बनाने क ...

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एकनाथजी को ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ से कुछ भी कम स्वीकार नहीं था : मोहन भागवत

नागपुर. एकनाथजी को हर कार्य में ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ से कुछ भी कम स्वीकार नहीं था. वे एक परफेक्शनिस्ट के रूप में जाने जाते हैं. परफेक्शन उनका स्वाभाविक गुण था. एकनाथजी का यह स्वभाव ही है जिसके कारण उन्होंने असंभव लगनेवाले कार्यों को संभव कर दिखाया. नकारात्मकता का अंश मात्र भी उनमें नहीं था, एकबार जो ठान लिया उसे पूरा करने के लिए वे अपनी सारी शक्ति लगा देते थे. कल्पना करना, नीत नई योजना बनाना और उसे साकार ...

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स्वदेशी जागरण मंच, नागपुर की बाबु गेनू को भावभीनी श्रद्धांजली

स्वदेशी जागरण मंच नागपुर महानगर शाखा की ओरसे १२ दिसंबर को स्वदेशी के लिये बलिदान देनेवाले बाबु गेनू को विनम्र श्रद्धांजली अर्पित की गई. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागपुर महानगर के संघचालक डा. दिलीप गुप्ता एवं रामदासपेठ नागरिक मंडल के कार्याध्यक्ष विनय दाणी ने बाबु गेनू के छायाचित्र को पुष्पमाला अर्पित की. महाराष्ट्र प्रांत सह संयोजक अमोल पुसदकर ने बाबु गेनू द्वारा अंग्रेज शासन के विरुद्ध किये बलिदान की स्मृतिय ...

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शिक्षा से ही बेहतर मनुष्यों का निर्माण संभव – सरसंघचालक श्री मोहन भागवत

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने कहा है कि शिक्षा से ही श्रेष्ठ मनुष्यों का निर्माण संभव होता है, अतः ऐसा नया स्वदेशी मॉडल विकसित करना चाहिये जो सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित करने में समर्थ हो. उन्होंने यह भी कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली से कोई भी प्रसन्न नहीं है. हमें दृढ़ता से अपने सीखने और सिखाने के तौर-तरीके बदलने होंगे. नई दिशा प्रदान करने के लिये आज सम्पूर्ण विश्व ...

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एकात्म दृष्टि से ही होगा विश्वकल्याण : परमपूज्य सरसंघचालक

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डा. मोहन राव भागवत ने विश्व के जीवन में से विभिन्न प्रकार के कष्टों के संपूर्ण निवारण के लिये विगत दो हजार वर्ष से चल रहे समस्त प्रयोगों की विफलता का कारण पुरानी, एकांतिक जड़वादी, उपभोग आधारित व स्वार्थ-प्रेरित विचारधारा बताते हुए स्वयं के अंदर से स्वार्थ, भय एवं निपट भौतिक जड़वादिता को पूरी तरह समाप्त कर एक साथ सबके सुख का विचार करने वाली एकात्म व समग् ...

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संघ का जम्मू-कश्मीरवासियों की सहायता का आह्वान

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेश (भय्याजी) जोशी ने जम्मू-कश्मीर राज्य में आई प्राकृतिक विपत्ति के समय में समस्त देशवासियों विशेषकर स्वयंसेवकों से एकजुट होकर सभी प्रकार की आवश्यक सहायता हेतु आगे आने का आह्वान किया है. सरकार्यवाह के 11 सितंबर को यहां जारी वक्तव्य में कहा गया है, “अपनी सदैव की परंपरा और अभ्यास के अनुसार संघ के स्वयंसेवक नागरिकों के सहयोग से ‘‘सेवा भारती, जम्मू-कश्मीर’’ ...

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एकात्म मानव दर्शन पर चलेंगे वर्ष भर कार्यक्रम

नागपुर. संघ विचार परिवार 'एकात्म मानव दर्शन' के प्रवर्तन की स्वर्ण जयंती पर वर्ष भर विभिन्न आयोजनों के माध्यम से इस कल्याणकारी दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेगा. पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा 1964 में प्रवर्तित इस दर्शन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सितंबर 2014 से सितंबर 2015 तक सभी प्रांतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इन कार्यक्रमों में वक्ताओं के लिये अभ्यास वर्ग, प्रबोधन के कार् ...

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हिन्दू समाज के अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाये रखने में संतों की महती भूमिका : सरकार्यवाह

नागपुर. हिन्दू समाज के अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाये रखने रखने में देश के संतों का महती योगदान है. अपने देश में हजारों वर्षों तक अनेक आक्रान्ताओं ने आक्रमण किया, धर्म-संस्कृति पर अघात किये, पर प्रत्येक संकट की घड़ी में संतों ने समाज का सतत मार्गदर्शन किया. यही कारण है कि हमारे धर्म और संस्कृति की रक्षा हो पाई. उन संतों के जीवन और सन्देश से वर्तमान पीढ़ी को अवगत करना आवश्यक है, ऐसा कहकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ...

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