You Are Here: Home » साक्षात्कार

राष्ट्र को सर्वोपरि मानने वाला व राष्ट्रहित में सोचने वाला समूह सत्ता में आए – भय्याजी जोशी

“देश को सर्वोपरि मानने वाला, देश के हित में सोचने वाला राजनैतिक समूह केंद्र सरकार की बागडोर संभाले यही संघ की इच्छा है. संकुचित बातों से ऊपर उठकर देश हित में सोचने वाला राजनैतिक समूह सत्ता में आना चाहिए.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने हिन्दी विवेक पत्रिका के साथ साक्षात्कार में कहा, “चुनाव में भाषा और आचरण का संयम होना चाहिए. संवाद के जरिए चर्चा हो और चुनाव खत्म होते ही कटुता भी खत्म ...

Read more

माओवादी ताकतों का मकसद है संविधान और लोकतंत्र को जड़ से उखाड़ना

भीमा कोरेगांव की घटना के विरोध में 03 जनवरी 2018 को मुंबई में भी प्रदर्शन किया गया था, रैलियां निकाली गईं थीं, बंद का आह्वान किया गया था. इस घटना को एक वर्ष पूर्ण हो गया है. अब केंद्र तथा राज्य में एक मजबूत सरकार होने और माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान से उनकी कमर टूट चुकी है और वे बौखला गए हैं. भीमा-कोरेगांव दंगों की माओवादियों की साजिश, उनकी नई रणनीति, दलित-पिछड़े वर्ग व आदिवासियों को बरगलाने के ...

Read more

यह देश राम-कृष्ण का है, इसलिए मुसलमानों को तहे दिल से इनका सम्मान करना ही होगा

वरिष्ठ अधिवक्ता, सामाजिक-पांथिक एवं वैधानिक मुद्दों को लेकर टी.वी. चैनलों पर होने वाली बहसों में इस्लाम की कुरीतियों पर तीखे प्रहार करने के कारण वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सैयद रिजवान अहमद कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं. उन्हें ट्विटर पर सच कहने के लिए न केवल कट्टरपंथी धमकाते हैं, बल्कि उनके मौसेरे भाई और फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी तक भला-बुरा कहते हैं. पिछले दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के ‘हिन्दू प ...

Read more

वामपंथी इतिहासकारों ने मुसलमानों को गुमराह किया, नहीं तो मुद्दा सुलझ जाता – के.के. मुहम्मद

प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) श्री के.के. मुहम्मद जी 1978 में डॉ. बी.बी. लाल की अगुआई वाली उस टीम के सदस्य थे, जिसने अयोध्या में उत्खनन किया था. श्री मुहम्मद साक्ष्यों के आधार पर पुरजोर तरीके से कहते आ रहे हैं कि अयोध्या में विवादित ढांचा हिन्दू मंदिरों के अवशेष पर खड़ा किया गया. उन्होंने अपनी किताब में भी इसका उल्लेख किया है. केरल के कालीकट में जन्मे ...

Read more

‘भेद रहित समाज का निर्माण होने वाला है’ – डॉ. मोहन भागवत जी

और फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न हो सके - इसका इंतजाम होना चाहिए फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न होना सके - इसका इंतजाम होना चाहिए. यह सब इसलिए करना है ताकि संपूर्ण समाज एक हो सके. आपस में दुर्भावना बढ़ाने वाली भाषा नहीं होनी चाहिए. फिर व्यवस्था में इस दृष्टि से जो-जो प्रावधान किए जाते हैं, या करने के सुझाव आते हैं, वे प्रावधान लागू हों. इस प्रक्रिया में सबको समाहित करते हुए, किसी की राह देखे बिना, नित्य व्य ...

Read more

नया गणवेश संघ को ज्यादा स्वीकार्य बनाएगा

सप्ताह का इंटरव्यू - मनमोहन वैद्य इससे (गणवेश में बदलाव से) संघ के साथ काम करने में समाज के लोगों को अधिक सहजता रहेगी. युवाओं का संघ से जुड़ना तो लगातार बढ़ ही रहा है. उसमें और अधिक सहजता आएगी. नुकसान का तो कोई कारण ही नहीं है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं की पहचान रही है उनकी खाकी हाफ पैंट. पर इस विजयादशमी से संघ का गणवेश बदल जाएगा. अब वे फुल पैंट में दिखेंगे. इस बदलाव की पृष्ठभूमि और संघ ...

Read more

माकपा छोड़ संघ में आना है हत्याओं की वजह

केरल लंबे समय से मार्क्सवादी आतंकवाद की छाया में रहा है. जिस तरह रूस में स्टालिन के कार्यकाल में हत्या की राजनीति का जोर था, उसका प्रतिरूप कन्नूर में दिखा, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इस बारे में कभी बहस नहीं सुनी गई. दिल्ली में हम असहिष्णुता पर बहस सुन चुके हैं, लेकिन पांच लंबे, खूनी दशकों के दौरान कन्नूर में जैसी हिंसा दिखी है, उससे असहिष्णुता का असली रूप चरितार्थ हुआ. हालांकि, इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक सं ...

Read more

शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण होना चाहिए – अतुल कोठारी जी

स्वतंत्रता पश्चात हमें शिक्षा क्षेत्र में किस दिशा में बढ़ना था और हम किस तरफ चल पड़े, हमारी वर्तमान शिक्षा नीति जीवन के मूल उद्देश्यों को पूरा कर पा रही है अथवा नहीं, मातृभाषा केवल भावनात्मक विषय नहीं है, बल्कि मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देने के पीछे वैज्ञानिक कारण विद्यमान हैं, भाषा न केवल ज्ञानार्जन का माध्यम है, अपितु संस्कार व संस्कृति के प्रसार का माध्यम भी है,  विदेशी भाषा में शिक्षा के प्रभाव, सहित ...

Read more

विविधता है, भेद नहीं, इसी आधार पर हम सबको साथ लाते हैं’

शाखा यानी टहनी, इस टहनी को संभालने वाला संघवृक्ष कैसा है ? इसके कार्य की प्रकृति और आयाम क्या हैं, यह जानने के क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य जी से बात की, प्रस्तुत हैं वार्ता के प्रमुख अंश........ प्रश्न - संघ के नाम पर कुछ लोग नाक - भौं  चढ़ाते हैं, कुछ इसे रचनात्मक शक्ति कहते हैं, आपने संघ के प्रचारक के रूप में जीवन दिया है, आपने संघ को कैसा पाया ? उत्तर - रा.स ...

Read more

दुनिया चाहती है कि आपदा के बाद नेपाल फिर खड़ा हो – सह सरकार्यवाह जी

नेपाल में आए भूकम्प के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले राहत कार्यों का मार्गदर्शन करने नेपाल गए थे. उन्होंने पीडि़तों के दु:ख-दर्द को साझा किया, उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और हिन्दू स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों में हाथ बंटाया. नेपाल से दिल्ली लौटने पर साप्ताहिक पाञ्चजन्य ने उनसे बात की, प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश- कहा जा रहा है कि भूकंप ...

Read more
Scroll to top