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मानव का सम्पूर्ण प्रकृति के साथ एकात्म संबंध स्थापित करना ही एकात्म मानव दर्शन – मदन दास देवी जी

चित्रकूट. राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख ने 1968 में पं. दीनदयाल उपाध्याय के निर्वाण के उपरांत दीनदयाल स्मारक समिति बनाकर उनके अधूरे कार्यो को पूर्ण करने के लिये दिल्ली में नींव रखी थी. श्रद्धेय नानाजी ने 42 वर्ष में दीनदयाल स्मारक समिति से लेकर दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना तक के सफर में पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन के विचारों को व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतारने का काम सामूहिक पुरूषार्थ से करके दि ...

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अभावग्रस्तों की सेवा करना, उनकी सहायता करना हमारे जीवन मूल्यों में है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. एयरो सिटी नई दिल्ली, वरलक्ष्मी फाउंडेशन (जीएमआर ग्रुप) के सिल्वर जुबली समारोह में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का उद्बोधन....... वरलक्ष्मी फाउंडेशन और जीएमआर ग्रुप से संबन्धित सभी कर्मचारीगण, कार्यकर्तागण उपस्थित नागरिक सज्जन, माता और बहनों, मंत्री जी ने जो कहा, उससे मैं 100 प्रतिशत सहमत हूँ, कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी, ये तीन शब्द आने के बहुत पहले से जो कमाते हो, उसमें से कितना देते हो, उस पर ...

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सरसंघचालक ने मातृशक्ति और घुमंतू जाति के नेतृत्व के साथ किया विचार विमर्श

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत जी ने जयपुर प्रवास के दौरान सोमवार को भारती भवन में घुमंतू जातियों के मुखियाओं से मुलाकात की. इस अवसर पर बागरिया, नट, सांसी, कालबेलिया, बावरी, बंजारा, गाड़िया लौहार आदि घुमंतू बिरादरियों के गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे. उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में सेवा कार्यों में सक्रिय मातृशक्ति से भी बातचीत की. सरसंघचालक जी ने स्पष्ट संदेश दिया कि सं ...

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आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों का अभिनन्दन किया

मेरठ (विसंकें). सन् 1975 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा घोषित आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष में जेल जाने वाले एवं अनेक प्रकार की यातनाओं को सहने वाले कार्यकर्ताओं का ‘‘कार्यकर्ता मिलन’’ कार्यक्रम शंकर आश्रम शिवाजी मार्ग स्थित संघ कार्यालय में आयोजित किया गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा जी ने आपातकाल के अनुभवों को बताते हुए कहा कि 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा के साथ ही इंद ...

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हम अपने कार्य पर ध्यान देंगे तो हमारा उत्साह बढ़ता जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम अपने कार्य पर ध्यान देंगे तो हमारा उत्साह बढ़ता जाएगा. स्वयंसेवकों का आह्वान करते हुए कहा कि कार्य, कार्यकर्ता, कार्य यन्त्र को सम्भालने के लिए कार्यकर्त्ता प्रयास करें. कार्यकर्त्ता योजक, मित्र, प्रवासी, ध्येयनिष्ठा के गुणों की अपने अंदर निरंतर वृद्धि करता रहे. सरसंघचालक जी रविवार को केशव विद्यापीठ जामडोली में चल रहे खण्ड ...

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संघ और संतों द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों पर चर्चा

संतों से सरसंघचालक जी की भेंट जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने राजस्थान प्रवास के दौरान शनिवार को संतों से भेंट कर, उनके द्वारा हिन्दू समाज के लिए चलाए जा रहे सेवाकार्यों के बारे में चर्चा की. संतों से संवाद के दौरान उन्होंने समाज के पीड़ित, वंचित और निर्धन व्यक्ति की सेवा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज में अभावग्रस्त बंधुओं के लिए सेवा कार्य अधिक कैसे बढ़ें, इस दि ...

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स्वस्थ समाज व सफल राष्ट्र के लिए सामाजिक समरसता प्रथम आवश्यकता – डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारे समाज में विद्यमान सभी प्रकार के भेदभाव को निर्मूल करते हुए समरसता के निर्माण में संलग्न हों, स्वस्थ समाज व सफल राष्ट्र के लिए सामाजिक समरसता प्रथम आवश्यकता है. सरसंघचालक जी शुक्रवार को भारती भवन में राजस्थान क्षेत्र के प्रचारकों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे. बैठक में जिला, विभाग व प्रान्त स्तर के प्रचारक उपस्थित थे. इस ...

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घर, विद्यालय और समाज में हो एक जैसी शिक्षा – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि कोई भी ग्रन्थ अंतिम शब्द नहीं होता. ग्रन्थ पोथी बद्धता को बढ़ाने वाले नहीं होने चाहिए, जबकि हम सभी पोथीबद्ध हो जाते हैं. औपनिवेशिक काल में स्वामी विवेकानंद, रविन्द्र नाथ ठाकुर, महात्मा गांधी जैसे हमारे महापुरुषों ने हालांकि मैकाले की शिक्षा पद्धति से शिक्षा प्राप्त की, लेकिन वे इससे अप्रभावित रहे और भारतीय शिक्षा पद्धति पर ही ध्यानाक ...

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दुनिया के सभी देशों का भारत के प्रति विश्वास बढ़ा है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि प्रमाणिकता भारत का बड़ा संबल है, स्वाधीनता के बाद लालबहादुर शास्त्री जी ने पहले केंद्रीय मंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में उसे आगे बढ़ाया. वही प्रमाणिकता आज फिर दिख रही है, जिससे भारत की धाक दुनिया में बढ़ी है. सरसंघचालक जी लालबहादुर शास्त्री तकनीकी इंटरमीडिएट कॉलेज मांडा में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री जी व ...

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आने वाले समय में भारत की भूमिका निर्णायक होने वाली है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

वृंदावन में संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक का समापन सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, सीमा क्षेत्र में जागरण आदि विषयों पर हुआ मंथन वृंदावन (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि परिवार विखंडन को रोकने के लिये कुटुम्ब का प्रबोधन, समाज में संस्कार का निर्माण समय की आवश्यकता है. वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. आने वाले समय में एशिया और विशे ...

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