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मनुष्य को स्वस्थ्य और सक्षम बनाने का कार्य कर रही आरोग्य भारती – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). इंदौर में आरोग्य भारती की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्रालय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपाद येसो नाइक, डॉ. राजेश कोटेचा सचिव, आयुष मंत्रालय, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री रुस्तम सिंह जी उपस्थित रहे. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी न ...

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विविधता भरे भारत में एक शाश्वत सत्य हमारी सांस्कृतिक एकता है – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज में एक प्रभावी संगठन खड़ा करने के लिए संघ नहीं बना है, समाज को संगठित करने के लिए संघ कार्य करता है. जिस देश के युवा गुण संपन्न सामाजिक हित में जीने-मरने के लिए तैयार रहते हैं, उस समाज का, देश का उत्थान हो सकता है और यही कार्य संघ की शाखा में किया जाता है. संघ की शाखा में ऐसे कार्यक्रमों के द्वारा ही शक्ति संचय का कार्य कि ...

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गुरू गोबिंद सिंह जी के जीवन के स्मरण मात्र से पूरा जीवन प्रकाशमय हो जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

गुरू गोबिंद सिंह जी का जीवन समाज को जोड़ने की सीख देता है – डॉ. मोहन भागवत जी नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने वालों में दशमेश गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज एक बड़ा कारण रहे हैं, इसलिए बच्चा- बच्चा उन्हें अपना आदर्श मानता है, उनके जैसा बनना चाहता है. यही कारण है भारत की पहचान विश्व में बताने वाले विवेकानंद जी ने कहा था - भारत के गौरव को पान ...

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घर, विद्यालय और समाज में हो एक जैसी शिक्षा – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि कोई भी ग्रन्थ अंतिम शब्द नहीं होता. ग्रन्थ पोथी बद्धता को बढ़ाने वाले नहीं होने चाहिए, जबकि हम सभी पोथीबद्ध हो जाते हैं. औपनिवेशिक काल में स्वामी विवेकानंद, रविन्द्र नाथ ठाकुर, महात्मा गांधी जैसे हमारे महापुरुषों ने हालांकि मैकाले की शिक्षा पद्धति से शिक्षा प्राप्त की, लेकिन वे इससे अप्रभावित रहे और भारतीय शिक्षा पद्धति पर ही ध्यानाक ...

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विश्व कल्याण का काम भारत ही कर सकता है  – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत में पंथ, भाषा, परंपरा, पर्यावरण में विविधता है, फिर भी यह एकता की भूमि है. क्योंकि यहाँ हिन्दू बहुसंख्यक हैं और हिन्दू विचार की दृष्टि सबको स्वीकार करती है. ऐसे सबको स्वीकार करने वाले लोगों का देशव्यापी समूह निर्माण करने का काम संघ कर रहा है. सरसंघचालक जी नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष के समारोप कार्यक्रम में संबो ...

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सफल होने के साथ-साथ व्यक्ति का जीवन उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जीवन में सफल होने के साथ-साथ जीवन को उद्देश्यपूर्ण भी होना चाहिए. तभी मनुष्य को प्राप्त विद्या सार्थक होती है. ऐसे उत्कृष्ट कार्य को विद्या भारती पूरी मेहनत के साथ कर रही है. सरसंघचालक मोहन भागवत जी 23 मई को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबंधित समर्थ शिक्षा समिति द्वारा संचालित राव मेहर चंद सरस्वती विद्या म ...

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विश्व को उन्नतावस्था में ले जाने की क्षमता सिर्फ मनुष्य के पास है – डॉ. मोहन भागवत जी

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत को राष्ट्र के नाते आगे बढ़ने के लिये उसकी भारतीयता भी कायम रखने की आवश्यकता है. भारत एक महान राष्ट्र बनना चाहिये, यह सपना हर किसी भारतीय का होता है. परन्तु समाज के सामने अच्छे उदाहरण प्रस्तुत करने की भी जरूरत होती है. सरसंघचालक जी मुंबई में सुविख्यात चित्रकार वासुदेव कामत जी की षष्टिपूर्ति के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्र ...

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कोई भी काम और मनुष्य छोटा-बड़ा नहीं होता, सब समान होते हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

सेवाभारती के रजत जयंती वर्ष एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर भोपाल में आयोजित श्रम साधक संगम में शामिल हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संत रविदास महाराज ने हमें अपने काम और व्यवहार से संदेश दिया था कि कोई भी काम और मनुष्य छोटा-बड़ा नहीं होता, सब समान होते हैं. हमें अपने श्रम को हल्का नहीं मानना चाहिए. समाज को उसकी आवश्यकता है, ...

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धर्म का मतलब केवल पूजा नहीं है – डॉ. मोहन भागवत जी

धर्म संपूर्ण सृष्टि को जोड़कर रखता है, जीवन सहित सृष्टि की उन्नति करता है - डॉ. मोहन भागवत जी जमशेदपुर (विसंकें). 68वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिष्टुपुर स्थित गुजराती सनातन समाज में राष्ट्रध्वज को सलामी देने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि राष्ट्र ध्वज के बीच में जो नीले रंग का चक्र है, वह धर्म चक्र है. धर्म का मतलब केवल पूजा नहीं है. सारे जीवन की जिससे धारणा होती है ...

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महिलायें स्वावलंबी बनें व समाज का नेतृत्व करें : संघ प्रमुख

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कुटुंब व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलायें ही परिवार को मजबूती प्रदान कर सकती हैं. इसलिये इस दिशा में महिलाओं को अपनी सक्रियता बढ़ानी होगी. रविवार को नागपुर में संघ से जुड़े विविध संगठनों के महिला प्रतिनिधियों को संघ प्रमुख ने सम्बोधित किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने परिवार की निर्णय प्रक्रिया में आगे आना ...

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