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संघ और गांधीजी

चुनाव का शंख बज चुका है. सभी दल अपनी-अपनी संस्कृति और परम्परा के अनुसार चुनावी भाषण भी दे रहे हैं. एक दल के नेता ने कहा कि इस चुनाव में आपको गांधी या गोडसे के बीच चुनाव करना है. एक बात मैंने देखी है. जो गांधी जी के असली अनुयायी हैं, वे अपने आचरण पर अधिक ध्यान देते हैं, वे कभी गोडसे का नाम तक नहीं लेते. संघ में भी गांधी जी की चर्चा तो अनेक बार होती देखी है, पर गोडसे के नाम की चर्चा मैंने कभी नहीं सुनी है. पर ...

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हिन्दुस्थान भारतवासियों का है और पूर्ण स्वराज्य हमारा ध्येय है – डॉ. हेडगेवार

मैं अच्छी तरह जानता हूं कि मातृभूमि के भक्तों को दमन की चक्की में पीसने वाली सरकार पर मेरे कथन का कोई भी परिणाम नहीं होने वाला है. फिर भी मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि हिन्दुस्थान भारतवासियों के लिए ही है और पूर्ण स्वराज्य हमारा ध्येय है. आज तक ब्रिटिश प्रधानों एवं शासकों द्वारा उद्घोषित ‘आत्म निर्णय’ का नारा यदि कोरा ढोंग मात्र है तो सरकार खुशी से मेरे भाषण को राजद्रोहात्मक समझे, पर ईश्वर के न्याय पर ...

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‘भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता’ के सेनानी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार

चिरसनातन अखण्ड भारत की सर्वांग स्वतंत्रता के लिए कटिबद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार स्वतंत्रता संग्राम के एक ऐसे अज्ञात सेनापति थे, जिन्होंने अपने व अपने संगठन से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में अपना तन-मन सब कुछ भारत माता के चरणों में अर्पित कर दिया था. बाल्यकाल से लेकर जीवन की अंतिम श्वास तक भारत की स्वतंत्रता के लिए जूझते रहने वाले इस महान स्वतंत्रता सेनानी ने न तो अपनी आत्मकथा लिखी और न ही ...

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31 मार्च / पुण्य तिथि – संघनिष्ठ नानासाहब भागवत

नई दिल्ली. श्री नारायण पांडुरंग (नानासाहब) भागवत मूलतः महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के वीरमाल गांव के निवासी थे. वहां पर ही उनका जन्म 1884 में हुआ था. घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे अपने मामा जी के घर नागपुर काटोल पढ़ने आ गये. आगे चलकर उन्होंने प्रयाग (उत्तर प्रदेश) से कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की तथा चंद्रपुर के पास वरोरा में कारोबार करने लगे. इसी दौरान उनका संपर्क संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी ...

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कुछ लोग सबूत मांगकर सेना के पराक्रम पर सवाल उठा रहे – मे.जन. जीडी बक्शी

इंदौर (विसंकें). डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा आयोजित चिंतन यज्ञ में मेजर जनरल (सेनि.) जीडी बक्शी ने कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा ही सरकार का पहला उत्तरदायित्व है. भारतीय सेना के लिए देश की सुरक्षा और सेवा प्रमुख ध्येय होता है, इसे प्रत्येक सैनिक जीवन पर्यन्त निभाता है. उन्होंने कहा कि समाज को सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, परन्तु कुछ लोग सबूत मांगकर उनके पराक्रम पर प्रश्नचिन्ह उठा रहे हैं जो बेहद श ...

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संघ की ‘शाखा’ संस्कार देने वाला विद्यापीठ – सुनील कुलकर्णी

गोरखपुर (विसंकें). महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज परिसर गोलघर, गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर के स्वयंसेवक समागम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 93 वर्षों से अनवरत चला आ रहा है. इस कालखंड में संगठन ने अनेकों उतार-चढ़ाव देखे. डॉ. हेडगेवार जी ने जब संघ की स्थापना की थी, तब समाज का एक बड़ा वर्ग अ ...

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जो शाश्वत है, वही सनातन धर्म है और वही हिन्दुत्व है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समय बदलता है, परिस्थितियां बदलती हैं. लेकिन मनुष्य के जीवन में बहुत कुछ ऐसा शाश्वत होता है, जिसको कभी बदल नहीं सकते और उस पर ही पैर गढ़ाकर, अड़ाकर बदलते समय के झोकों का सामना करते हुए मनुष्यता आगे बढ़ती है. वो जो शाश्वत है, वही सनातन धर्म है और वही हिन्दुत्व है. उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के परकीय आक्रमणों के बाद भी हिन्दुस्थान है, ...

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‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में स्वयंसेवकों की अतुलनीय शहादतें

डॉक्टर हेडगेवार, संघ और स्वतंत्रता संग्राम – 14 संघ संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार के देहावसान के बाद संघ के सभी अधिकारी एवं कार्यकर्ता अपने नये सरसंघचालक श्री गुरुजी के नेतृत्व में डॉक्टर जी द्वारा निर्धारित कार्य-विस्तार के लक्ष्य को पूरा करने हेतु परिश्रमपूर्वक जुट गए. श्रीगुरुजी एवं सहयोगी संघ अधिकारियों के सामूहिक प्रयास के फलस्वरूप अनेक युवा स्वयंसेवक अपने घर-परिवार छोड़कर देश के प्रायः सभी प्रांतों में प्रच ...

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हजारों स्वयंसेवकों के साथ डॉक्टर हेडगेवार पुनः सश्रम कारावास में

डॉक्टर हेडगेवार, संघ और स्वतंत्रता संग्राम – 11 पूर्व में हुए असहयोग आंदोलन की विफलता से शिक्षा लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अब एक और देशव्यापी आंदोलन करने की योजना बनाई. महात्मा गांधी जी को इस नए, ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ का नेतृत्व सौंप दिया गया. अतः गांधी जी ने 6 अप्रैल 1920 को सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत अपनी ऐतिहासिक दांडी यात्रा के माध्यम से कर दी. गांधी जी ने सरकार द्वारा बनाए गए नमक कानून को तोड़ ...

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संघ-शाखाओं में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस (26 जनवरी 1930)

डॉक्टर हेडगेवार, संघ और स्वतंत्रता संग्राम – 10 संघ संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार तथा उनके अंतरंग सहयोगी अप्पाजी जोशी 1928 तक मध्य प्रांत कांग्रेस की प्रांतीय समिति के वरिष्ठ सदस्य के नाते सक्रिय रहे. कांग्रेस की इन बैठकों एवं कार्यक्रमों के आयोजन में डॉक्टर जी का पूरा साथ रहता था. सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव इन्हीं के द्वारा तैयार किए जाते थे. इसी समय अंग्रेज सरकार ने भारतीय फौज की कुछ टुकड़ियों को चीन में भेजने का ...

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