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जनसहभागिता व राष्ट्रीयता एक दूसरे के पूरक हैं – हितेश शंकर जी

नोएडा. प्रेरणा शोध संस्थान द्वारा "राष्ट्रीयता में जनसहभागिता" विषय पर प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में केशव संवाद पत्रिका के "राष्ट्रीयता" अंक का विमोचन भी किया गया. कार्यक्रम का आयोजन शम्भू दयाल पी.जी. कॉलेज, गाजियाबाद के सभागार में किया गया. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के गम्भीर विषयों पर शोध एवं अन्वेषण के उपरान्त इस प्रकार ...

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हथकंडे न अपनाते तो पश्चिम एशिया में सिमटे रहते इस्लाम और ईसाइयत: तसलीमा

आगरा में हुई कन्वर्जन की घटना के बाद जिस तरह से एक राजनीतिक बवंडर बनाकर इसे प्रस्तुत किया गया वह असल में एक सामूहिक भय है. कहीं यह पूरा बवंडर समाज में बढ़ती कन्वर्जन के प्रति बढ़ती जागरूकता एवं गिरते मिशनरियों के भाव के कारण तो नहीं है? राष्ट्रीय विचारों के प्रसार के लिये समर्पित प्रसिद्ध साप्ताहिक पाञ्चजन्य ने अपने नवीनतम अंक में एक पड़ताल में इस सच को उजागर कर दिया है कि कैसे मिशनरियां देश में अपने पैर पस ...

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25 दिसंबर/ जन्म तिथि; भारत के अमूल्य रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी

सरकार ने भारत के अमूल्य रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान कर स्वयं को गौरवान्वित किया है. राष्ट्रीय क्षितिज पर स्वच्छ छवि के साथ अजातशत्रु कहे जाने वाले कवि एवं पत्रकार, सरस्वती पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी, एक व्यक्ति का नाम नही है वरन् वो तो राष्ट्रीय विचारधारा का नाम है. राष्ट्रहित एवं राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रबल पक्षधर अटल जी राजनेताओं में नैतिकता के प्रतीक हैं. अटल ...

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यूरोपीय इतिहास के विरोध में विश्व संगठित हो

इक्कीसवीं सदी तक विज्ञान का विकास सूचना तकनीक, जैव विज्ञान और नैनोविज्ञान तक आ चुका है, लेकिन आज भी विश्व का इतिहास 'वंशवाद' नामक दकियानूसी सिद्धांत पर ही निर्भर है. विश्व का विभाजन आज भी 'वंश सिद्घांत’ पर ही आधारित है. यह सिद्धांत कहता है कि आज के विश्व का विस्तार नोहा की कहानी के आधार पर तुर्किस्तान के अरावत पर्वत से हुआ है़, यह कहानी जेनेसिस में है. उसी को आधार मानकर आज विश्व के 80 प्रतिशत देशों की पाठशा ...

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राजनीति के क्षेत्र में अध्यात्म के राजदूत थे दीनदयाल – अजय मित्तल

मेरठ. विश्व संवाद केन्द्र पर दीनदयाल उपाध्याय जयन्ती पर उनको श्रद्धांजलि दी गयी.विश्व संवाद केन्द्र प्रति माह एक पत्रकार लेख की जयन्ती अथवा पुण्यतिथि पर किसी महापुरुष को याद करता है. कार्यक्रम का शुभारम्भ दीनदयाल जी के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर किया गया. गोष्ठी के मुख्य वक्ता राष्ट्रदेव के सम्पादक अजय मित्तल ने कहा कि दीनदयाल जी राजनीति में अध्यात्म तथा संस्कृति के राजदूत थे. वे राजनेता के साथ ही राजर्षि व ...

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राष्ट्रवादी पत्रकारिता के हस्ताक्षर शिवकुमार गोयल का निधन

गाजियाबाद. जाने-माने लेखक, राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार शिवकुमार गोयल का मंगलवार सुबह निधन हो गया. 76 वर्षीय शिवकुमार गोयल को कमजोरी महसूस होने पर 20 अप्रैल को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां दिल का दौरा पड़ने के बाद उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया. वह करीब आठ दिन तक वेंटीलेटर पर रहे. सोमवार सुबह डाक्टरों के जवाब देने पर परिजन उन्हें पिलखुवा स्थित ...

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