You Are Here: Home » Posts tagged "प्रचारक"

23 सितम्बर / जन्मदिवस – नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले जी का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था. ‘’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे उनके घर में ही रहते थे. नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे. एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली. इंटर की ...

Read more

स्वयंसेवक ‘अटल’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक अटल बिहारी वाजपेयी बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक अपने स्वयंसेवकत्व पर अटल रहे. संघ का स्वयंसेवक अर्थात् अपने संगठन, समाज और राष्ट्र के हित में स्वयं की प्रेरणा से निःस्वार्थ भाव से निष्ठापूर्वक निरंतर काम करने वाला आदर्श नागरिक. 15 वर्ष की आयु में डी.ए.वी. कॉलेज कानपुर के छात्रावास की संघ शाखा में अपना संघ जीवन प्रारम्भ करने वाले अटल जी को वामपंथी विचा ...

Read more

02 मई / पुण्यतिथि – आधुनिक विश्वकर्मा बड़े भाई रामनरेश सिंह

बड़े भाई रामनरेश सिंह का जन्म 1925 की दीपावली के शुभ दिन ग्राम बघई (मिर्जापुर, उ.प्र.) में एक सामान्य किसान श्री दलथम्मन सिंह के घर में हुआ था. 1942 में हाईस्कूल कर चुनार तहसील में नकल नवीस के नाते उनकी नौकरी लग गयी. जब वहां सायं शाखा प्रारम्भ हुई, तो ये तहसील की निर्धारित वेशभूषा में ही वहां आने लगे. शाखा पर आने वालों में सबसे बड़े थे. अतः सब इन्हें ‘बड़े भाई’ कहने लगे. उन दिनों माधव जी देशमुख मिर्जापुर मे ...

Read more

05 जनवरी / पुण्यतिथि – वीर रस के प्रसारक स्वामी शिवचरण लाल जी

नई दिल्ली. प्रायः हर व्यक्ति में कुछ न कुछ गुण एवं प्रतिभा होती है. संघ की शाखा में आने से ये गुण और अधिक विकसित एवं प्रस्फुटित होते हैं. शाखा एवं अन्य कार्यक्रमों में गीत एवं कविता के माध्यम से भी संस्कार दिये जाते हैं. शिवचरण लाल जी ऐसे ही एक प्रचारक थे, जो विभिन्न कार्यक्रमों में वीर रस की कविताओं का इतने मनोयोग से पाठ करते थे कि श्रोता मन्त्रमुग्ध हो जाते थे. कविता समाप्त होने पर ऐसा लगता था मानो श्रोता ...

Read more

14 अक्तूबर / पुण्यतिथि – चिर युवा दत्ता जी डिडोलकर

नई दिल्ली. दत्ता जी डिडोलकर संघ परिवार की अनेक संस्थाओं के संस्थापक तथा आधार स्तम्भ थे. उन्होंने काफी समय तक केरल तथा तमिलनाडु में प्रचारक के नाते प्रत्यक्ष शाखा विस्तार का कार्य किया. उस जीवन से वापस आकर भी वे घर-गृहस्थी के बंधन में नहीं फंसे और जीवन भर संगठन के जिस कार्य में उन्हें लगाया गया, पूर्ण मनोयोग से उसे करते रहे. 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' के कार्य के तो वे जीवन भर पर्यायवाची ही रहे. सरसंघचाल ...

Read more

10 जुलाई / जन्मदिवस – संकल्प के धनी जयगोपाल जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में अनेक कार्यकर्ता प्रचारक जीवन स्वीकार करते हैं, पर ऐसे लोग कम ही होते हैं, जो बड़ी से बड़ी व्यक्तिगत या पारिवारिक बाधा आने पर भी अपने संकल्प पर दृढ़ रहते हैं. जयगोपाल जी उनमें से ही एक थे. उनका जन्म अविभाजित भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त स्थित डेरा इस्माइल खां नगर के एक प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न परिवार में 10 जुलाई, 1923 को हुआ था. अब यह क्षेत्र पाकिस्तान में ...

Read more

11 मई / जन्मदिवस – वानप्रस्थी सेना के नायक जितेन्द्रवीर गुप्त जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्य विस्तार में प्रचारकों का बड़ा योगदान रहता है. पर, उस कार्य को टिकाने तथा समाज के विविध क्षेत्रों में पहुंचाने में वानप्रस्थी, गृहस्थ कार्यकर्ताओं की बहुत बड़ी भूमिका है. 11 मई, 1929 को नरवाना (हरियाणा) में संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबू दिलीप चंद्र गुप्त के घर जन्मे जितेन्द्रवीर गुप्त वानप्रस्थी कार्यकर्ताओं की मालिका के एक सुगंधित पुष्प थे. वर्ष 1979 में वे पंजाब- ...

Read more

11 अक्तूबर/जन्म-दिवस : आधुनिक चाणक्य नानाजी देशमुख

ग्राम कडोली (जिला परभणी, महाराष्ट्र) में 11 अक्तूबर, 1916 (शरद पूर्णिमा) को श्रीमती राजाबाई की गोद में जन्मे चंडिकादास अमृतराव (नानाजी) देशमुख ने भारतीय राजनीति पर अमिट छाप छोड़ी. 1967 में उन्होंने विभिन्न विचार और स्वभाव वाले नेताओं को साथ लाकर उ0प्र0 में सत्तारूढ़ कांग्रेस का घमंड तोड़ दिया. इस कारण कांग्रेस वाले उन्हें नाना फड़नवीस कहते थे. छात्र जीवन में निर्धनता के कारण किताबों के लिए वे सब्जी बेचकर पै ...

Read more

आचार्य गिरिराज किशोर: श्रीराम के कार्य को समर्पित व्यक्तित्व

विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक आचार्य गिरिराज किशोर का जीवन बहुआयामी था. उनका जन्म 4 फरवरी, 1920 को एटा, उ.प्र. के मिसौली गांव में श्री श्यामलाल एवं श्रीमती अयोध्यादेवी के घर में मंझले पुत्र के रूप में हुआ. हाथरस और अलीगढ़ के बाद उन्होंने आगरा से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की. आगरा में श्री दीनदयाल जी और श्री भव जुगादे के माध्यम से वे स्वयंसेवक बने और फिर उन्होंने संघ के लिये ही जीवन समर्पित कर दिया. प्रचार ...

Read more

हजारों नम आंखों ने दी राकेश कुमार को विदायी

मंडी अहमदगढ़. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक व सीमा जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री राकेश कुमार का शुक्रवार, 13 जून को यहां बजरंग अखाड़े के पास अंतिम संस्कार किया गया. जैसलमेर के पास 12 जून को एक सडक़ दुर्घटना में उनका निधन हो गया था. श्री राकेश कुमार के भतीजे श्री भूपेश कुमार ने जब दिवंगत देह को मुखाग्नि दी, उन्हें सदा के लिये विदा करने को उपस्थित हजारों आंखें नम हो गईं. जोधपुर प्रांत के प्रा ...

Read more
Scroll to top