You Are Here: Home » Posts tagged "बलिदान दिवस"

23 जून / बलिदान दिवस – जम्मू कश्मीर के लिए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का बलिदान

नई दिल्ली. छह जुलाई, 1901 को कोलकत्ता में आशुतोष मुखर्जी एवं योगमाया देवी के घर में जन्मे डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को दो कारणों से सदा याद किया जाता है. पहला तो यह कि वे योग्य पिता के योग्य पुत्र थे. आशुतोष मुखर्जी कोलकत्ता विश्वविद्यालय के संस्थापक उपकुलपति थे. 1924 में उनके देहान्त के बाद केवल 23 वर्ष की अवस्था में ही श्यामाप्रसाद को विश्वविद्यालय की प्रबन्ध समिति में ले लिया गया. 33 वर्ष की छोटी अवस्था म ...

Read more

20 जून / बलिदान दिवस – राजा दाहरसेन का बलिदान

नई दिल्ली. भारत को लूटने और इस पर कब्जा करने के लिए पश्चिम के रेगिस्तानों से आने वाले मजहबी हमलावरों का वार सबसे पहले सिन्ध की वीरभूमि को ही झेलना पड़ता था. सिन्ध के राजा थे दाहरसेन, जिन्होंने युद्धभूमि में लड़ते हुए प्राणाहुति दी. उनके बाद उनकी पत्नी, बहिन और दोनों पुत्रियों ने भी अपना बलिदान देकर भारत में एक परम्परा का सूत्रपात किया. सिन्ध के महाराजा के असमय देहांत के बाद उनके 12 वर्षीय पुत्र दाहरसेन गद्द ...

Read more

13 जून / बलिदान दिवस – गंगा की रक्षा के लिए प्राणाहुति देने वाले स्वामी निगमानंद

नई दिल्ली. मां गंगा भारत की प्राण रेखा है. भारत की एक तिहाई जनसंख्या गंगा पर आश्रित है, पर उसका अस्तित्व आज संकट में है. उसे बड़े-बड़े बांध बनाकर बन्दी बनाया जा रहा है. उसके किनारे बसे नगरों की गंदगी गंगा में बहा दी जाती है. वहां के उद्योगों के अपशिष्ट पदार्थ गंगा में डाल दिये जाते हैं. कहें तो गंगा को मृत्यु की ओर धकेला जा रहा है. हरिद्वार एक तीर्थ है. वहां स्थित हजारों आश्रमों में रहकर सन्त लोग साधना एवं ...

Read more

स्वदेशी अपनाकर देश को करें मजबूत: डा. तुंगवीर

मेरठ. मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं मुख्य वक्ता डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा केवल बातों तक सीमित नहीं रहनी चाहिये. हमें अपने जीवन में भी स्वदेशी को अपनाना होगा तभी भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा सकेंगे. स्वदेशी जागरण मंच मेरठ महानगर द्वारा स्वदेशी आंदोलन के नायक प्रथम बलिदानी बाबू गेनू के बलिदान दिवस पर विश्व संवाद केन्द्र पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. बाबू गेनू ने स्वदेशी के ...

Read more
Scroll to top