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विश्व को सहकार और सहयोग के साथ चलने की प्रेरणा केवल भारत ही दे सकता है – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). युवा विमर्श तीन दिवसीय सम्मेलन का शुभारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने किया. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान के सभागृह में ‘आधुनिक सभ्यता की चुनौतियां’ विषय पर कहा कि विज्ञान की आंख सीमित है. जहां विज्ञान रुकता है, वहां से अध्यात्म शुरु होता है. आधुनिक सिविलाइजेशन में विज्ञान द्वारा अर्जित भौतिक प्रगति की स्पर्धा में अध्यात्म को जीवन से निकाला जा रहा ...

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अपनी बीमारी भूल समाज के रोगोपचार में लगे रहे महावीर जी – डॉ. कृष्णगोपाल जी

वरिष्ठ प्रचारक महावीर जी के श्रद्धांजलि समारोह में रुदनकण्ठों से यशगान हजारों गणमान्यों व सामाजिक संगठनों ने आज के दधीचि को याद किया मानसा, पंजाब (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि संसार ने अभी तक लोक कल्याण के लिए अस्थियों का दान करने वाले महर्षि दधीचि के बारे में केवल शास्त्रों में पढ़ा, परंतु हमने अपने वरिष्ठतम साथी महावीर जी के रूप में उस प्रात: स्मरणीय महान ...

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राष्ट्र के निर्माण में जनजातीय समाज का योगदान भी अहम – दत्तात्रेय होसबले जी

रांची. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने प्रज्ञा प्रवाह के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के निर्माण में जितना कथित सभ्य समाज का योगदान है, उतना ही जनजातीय समाज का भी. उन्होंने भारतीय संस्कृति, सभ्यता पर कहा कि जो नगर में रहे, वे नागरिक कहलाए, गांव में रहने वाले ग्रामीण और जंगल में रहने वाले जनजातीय. इन सबका योगदान राष्ट्र निर्माण में है. राष्ट्र और राष्ट्रीयता के मुद ...

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30 अक्तूबर / जन्मदिवस – बहुमुखी कल्पनाओं के धनी मोरोपन्त पिंगले जी

नई दिल्ली. संघ के वरिष्ठ प्रचारक मोरोपन्त पिंगले जी को देखकर सब खिल उठते थे. उनके कार्यक्रम हास्य-प्रसंगों से भरपूर होते थे. पर, इसके साथ ही वे एक गहन चिन्तक और कुशल योजनाकार भी थे. संघ नेतृत्व द्वारा सौंपे गए हर काम को उन्होंने नई कल्पनाओं के आधार पर सर्वश्रेष्ठ ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उनका पूरा नाम मोरेश्वर नीलकंठ पिंगले था. उनका जन्म 30 अक्तूबर, 1919 को हुआ था. वे बचपन में मेधावी होने के साथ ही बहुत चंचल ए ...

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1971 के युद्ध में जीते हिस्से को राजनीतिक असफलता के कारण खो दिया – नरेंद्र कुमार जी

देहरादून (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार जी ने कहा कि हमने स्वतन्त्रता का उत्सव भौगोलिक आधार पर मनाया था. 1947 में अंग्रेजों ने भारत से स्वतंत्रता के जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराये थे, वह वास्तव में विभाजन का दस्तावेज था. नरेंद्र जी विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित ‘आजादी के सत्तर साल, क्या खोया, क्या पाया ?’ स्मारिका ‘संवाद’ के विमोचन अवसर पर संबोधित कर रह ...

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मनुष्य को स्वस्थ्य और सक्षम बनाने का कार्य कर रही आरोग्य भारती – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). इंदौर में आरोग्य भारती की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्रालय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपाद येसो नाइक, डॉ. राजेश कोटेचा सचिव, आयुष मंत्रालय, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री रुस्तम सिंह जी उपस्थित रहे. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी न ...

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विविधता भरे भारत में एक शाश्वत सत्य हमारी सांस्कृतिक एकता है – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज में एक प्रभावी संगठन खड़ा करने के लिए संघ नहीं बना है, समाज को संगठित करने के लिए संघ कार्य करता है. जिस देश के युवा गुण संपन्न सामाजिक हित में जीने-मरने के लिए तैयार रहते हैं, उस समाज का, देश का उत्थान हो सकता है और यही कार्य संघ की शाखा में किया जाता है. संघ की शाखा में ऐसे कार्यक्रमों के द्वारा ही शक्ति संचय का कार्य कि ...

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अध्यात्म के बिना भौतिक ज्ञान भी मार्ग से भटक जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत एक है और अब वो जाग रहा है. भारत उठेगा और अपना स्थान हासिल करेगा, ऐसी आशाएं पल्लवित हो रही हैं. ज्ञान निधि प्रकट करने का समय आ गया है. हमें अपने आप को पहचानना होगा. वेद हमारी पहचान तो हैं, लेकिन उसे एक बार फिर लोगों के लिए आधुनिक युग के हिसाब से समझाना होगा. परमाणु क्षेत्र में हुए खोज का श्रेय भी वैज्ञानिक वेदों को ही देते रहे ह ...

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23 सितम्बर / जन्मदिवस – नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले जी

नई दिल्ली. अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले जी का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था. ‘’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे उनके घर में ही रहते थे. नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे. एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली. इंटर की ...

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आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों का अभिनन्दन किया

मेरठ (विसंकें). सन् 1975 में इंदिरा गांधी सरकार द्वारा घोषित आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष में जेल जाने वाले एवं अनेक प्रकार की यातनाओं को सहने वाले कार्यकर्ताओं का ‘‘कार्यकर्ता मिलन’’ कार्यक्रम शंकर आश्रम शिवाजी मार्ग स्थित संघ कार्यालय में आयोजित किया गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. दर्शन लाल अरोड़ा जी ने आपातकाल के अनुभवों को बताते हुए कहा कि 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा के साथ ही इंद ...

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