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गांव-गांव और घर-घर जाएंगे संत

सामाजिक समरसता एवं सद्भावना के भाव का होगा संचार वृन्दावन (विसंकें). सामाजिक समरसता एवं सद्भाव के लिये नारायण आश्रम वृन्दावन में आगरा, अलीगढ़, बुलन्दशहर, मुज्जफरनगर एवं मथुरा जनपद के संतों ने दो दिन तक चिन्तन किया. सभी संतों ने आगामी योजना बनाई, जिसके अन्तर्गत शहर व गांव की बस्तियों में सामूहिक यात्रा करेंगे. घर-घर जाकर सामाजिक समरसता एवं सद्भाव का भाव जगाएंगे. चिन्तन बैठक के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर संत गोप ...

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पुस्तक परिचय – जन्मजात राष्ट्रभक्त स्वतंत्रता सेनानी संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जन्मजात राष्ट्रभक्त स्वतंत्रता सेनानी थे. चिर-सनातन हिन्दू-राष्ट्र का परम-वैभव उनके जीवन का लक्ष्य था. अतः अखण्ड भारतवर्ष की सर्वांग स्वतन्त्रता के लिए वे जीवन की अंतिम श्वास तक संघर्षरत रहे. ‘नहीं चाहिए पद-यश-गरिमा’ के आदर्श पर अटल रहते हुए ना तो अपनी आत्मकथा लिखी और ना ही समाचार पत्रों की सुर्खियां बटोरीं. इस अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी का समस्त ...

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अपनी भाषा का प्रयोग व्यवहारिक सुविधा ही नहीं, अपने स्वत्व की अभिव्यक्ति भी  है – डॉ. मोहन भागवत जी

नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि अपनी भाषा का प्रयोग केवल व्यवहारिक सुविधा नहीं है, अपितु अपने स्वत्व की अभिव्यक्ति भी है. स्व की अभिव्यक्ति मातृभाषा में ही संभव है. भाव विदेशी भाषा में व्यक्त नहीं होते. लोकव्यवहार में बोली जाने वाली भाषाओं का अनुवाद भाषा के भाव के अनुरूप नहीं हो पाता. सरसंघचालक जी "जनता को जनता की भाषा में न्याय" विषय पर संबोधित कर रहे ...

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एक जीता – जागता उदाहरण हजारों भाषणों से ज्यादा प्रेरणा देता है – सुरेश सोनी जी

भोपाल (विसंकें). नदी - महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी जी ने कहा कि इस पंचम नदी-महोत्सव के केंद्र बिंदु का विषय सहायक नदियाँ हैं. गाँव-गाँव में फैली जलधाराओं की एक दुनिया है और उसे समझने की आवश्यकता है. पश्चिमी और भारतीय चिंतन में अंतर समझाते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने मौलिक चिंतन को समझकर उसमें परिवर्तन करना होगा. पिछले 150 साल में विज्ञान ने बहुत सी ...

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धर्म आधारित व्यापार हो, यही ग्राहक पंचायत का ध्येय – दत्तात्रेय होसबले जी

भोपाल (विसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत संगठन का मूल उद्देश्‍य है - समाज में धर्म आधारित उद्योग/व्यापार की नींव खड़ी करना, ताकि किसी भी ग्राहक के साथ अन्‍याय न हो. जब मैं दूध का व्‍यापारी होता हूँ तो मुनाफे के लिए मुझे किसी भी सीमा तक छूट चाहिए, लेकिन वहीं जब मैं अन्य वस्‍तुओं की प्राप्‍ति के लिए एक ग्राहक की भूमिका में रहता हूँ तो सा ...

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देशभर में निरंतर बढ़ रहा संघ कार्य – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

भाषा और बोली का संरक्षण करने हेतु प्रस्ताव पारित होगा नागपुर (विसंकें). हर वर्ष संघ की सर्वोच्च प्रतिनिधि सभा की बैठक मार्च माह में होती है. पिछले वर्ष यह कोयम्बटूर में हुई थी. प्रत्येक तीन वर्ष के बाद नागपुर में अ.भा. प्रतिनिधि सभा होती है. इस बार बैठक में कुल 1538 प्रतिनिधि उपस्थित हैं. यह कुल अपेक्षित संख्या की 90 प्रतिशत उपस्थिति है, और वे देश का 95 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं. बैठक में परिवार के कुल ...

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सामाजिक समरसता के लिए सभी का एकत्रीकरण जरूरी – डॉ. मोहन भागवत जी

ब्रज (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ का कार्य ही संपूर्ण समाज में समरसता स्थापित करना है. देश के साथ ही संपूर्ण विश्व में भी समरसता स्थापित करना है. जब हम समूह में खड़े होते हैं, तब एकता की आवश्यकता पड़ती है. व्यक्ति को खड़ा होना है तो सभी अंगों का ठीक होना जरूरी है. इसी प्रकार समरसता के लिए सभी का एकत्रीकरण जरूरी है. सरसंघचालक जी 24 फरवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक ...

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मूल्य आधारित परंपरा के कारण दुनिया में है भारत का सम्मान – डॉ. मोहन भागवत जी

वाराणसी (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि दुनिया में हमारी सनातन परंपरा अनादि काल से चली आ रही है. हमने दुनिया को ज्ञान विज्ञान आयुर्वेद सभ्यता संस्कृति एवं संस्कार दिये. इसी कारण आज दुनिया में भारत के प्रति आदर का भाव है. संघ समागम का मतलब भीड़ इक्ठ्ठा करना नहीं है. बल्कि एक ध्येय के लिए सभी का एकत्रित होना है. यह शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक लक्ष्य की प्रप्ति के ल ...

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मानसिक व आध्यात्मिक शांति भारतीय चिंतन में ही संभव – सुरेश सोनी जी

पटना (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी जी ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने हमारे जीवन को सुविधापूर्ण बना दिया है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि मानव जीवन के लिए तकनीक ही सब कुछ नहीं है. वह तो एक साधन मात्र है. तकनीक हमें एक - दूसरे से संपर्क करा सकती है, लेकिन संबंध नहीं बना सकती. यही कारण है कि सोशल मीडिया पर हजारों लोगों से जुड़े रहने के बावजूद व्यक्ति अपने को अकेला महसूस करता है. स ...

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स्वयंसेवकों का समर्पण ही संघ के निरंतर विकास का आधार – सह सरकार्यवाह जी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर केंद्रित पुस्तकों का लोकार्पण ‘हमारे डॉ. हेडगेवार जी’, ‘हमारे श्रीगुरुजी’, ‘हमारे बालासाहब देवरस’, ‘हमारे रज्जू भैया’ तथा ‘हमारे सुदर्शन जी’ का लोकार्पण पटना. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने इंदिरा गांधी तारामंडल स्थित सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच सरसंघचालकों के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व पर ...

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