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05 मई / जन्मदिवस – सेवा के धाम विष्णु कुमार जी

नई दिल्ली. सेवा पथ के साधक विष्णु जी का जन्म कर्नाटक में बंगलौर के पास अक्कीरामपुर नगर में 5 मई, 1933 को हुआ था. छह भाई और एक बहन वाले परिवार में वे सबसे छोटे थे. घर में सेवा व अध्यात्म का वातावरण होने के कारण छह में से दो भाई संघ के प्रचारक बने, जबकि दो रामकृष्ण मिशन के संन्यासी. विष्णु जी का मन बचपन से ही निर्धनों के प्रति बहुत संवेदनशील था. छात्रावास में पढ़ते समय घर से मिले धन और वस्त्रों को वे निर्धनों ...

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16 नवम्बर / जन्म दिवस – ब्रह्मदेश में संघ के प्रचारक रामप्रकाश धीर जी

नई दिल्ली. ब्रह्मदेश (बर्मा या म्यांमार) भारत का ही प्राचीन भाग है. अंग्रेजों ने जब 1905 में बंग-भंग किया, तो षड्यंत्रपूर्वक इसे भी भारत से अलग कर दिया था. इसी ब्रह्मदेश के मोनीवा नगर में 16 नवम्बर, 1926 को रामप्रकाश धीर जी का जन्म हुआ था. बर्मी भाषा में उनका नाम ‘सयाजी यू सेन टिन’ कहा जाएगा. उनके पिता नंदलाल जी वहां के प्रसिद्ध व्यापारी एवं ठेकेदार थे. सन् 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के समय जब अंतरराष्ट्र ...

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12 दिसम्बर/जन्म-तिथि; दलिया वाले बाबा भैया जी कस्तूरे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है. इसमें विभिन्न आयु, वर्ग, आर्थिक स्थिति, स्वभाव तथा काम करने वाले कार्यकर्ता हैं. यहां गृहत्यागी प्रचारक हैं, तो गृहस्थ कार्यकर्ता भी; पर हिन्दुत्वनिष्ठा के कारण सब एक दूसरे से अत्यधिक प्रेम करते हुए संघ की योजनानुसार काम करते हैं. ऐसे ही एक प्रचारक थे दत्तात्रेय गंगाधर कस्तूरे, जो भैया जी के नाम से प्रसिद्ध हुये. उन्होंने 40 वर्ष तक दिन में केवल ...

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27 जून / पुण्य-तिथि; कर्तव्य कठोर : दादाराव परमार्थ

बात एक अगस्त, 1920 की है. लोकमान्य तिलक के देहान्त के कारण पूरा देश शोक में डूबा था. संघ संस्थापक डा. हेडगेवार किसी कार्य से घर से निकले. उन्होंने देखा कुछ लड़के सड़क पर गेंद खेल रहे हैं. डा. जी क्रोध में उबल पड़े - तिलक जी जैसे महान् नेता का देहान्त हो गया और तुम्हें खेल सूझ रहा है. सब बच्चे सहम गये. इन्हीं में एक थे c, जो आगे चलकर दादाराव परमार्थ के नाम से प्रसिद्ध हुये. दादाराव का जन्म नागपुर के इतवारी म ...

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