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समाज परिवर्तन का आंदोलन है संघ – दीपक विस्पुते जी

भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज परिवर्तन का आंदोलन है. संघ के कार्यकर्ता समाज जागरण के कार्य में संलग्न हैं. संघ मानता है कि देश का आम जनमानस जब तक खड़ा नहीं होगा, तब तक देश का परिवर्तन संभव नहीं. बाकि सब बदलाव सहायक होते हैं, किंतु स्थायी परिवर्तन जनमानस के जागृत होने पर आता है. संघ शाखा के माध्यम से व्यक्ति नि ...

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स्वदेशी को अपनाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए – कश्मीरी लाल जी

नई दिल्ली. स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल जी ने कहा कि स्वदेशी को अपनाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए. देश को मजबूत बनाने के लिए हमें चीन द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की जगह स्वदेशी उत्पादों पर जोर देना चाहिए. यह हमारे कार्यक्रमों व संकल्प से ही होगा. पूरे विश्व में चीन ने व्यापार अतिक्रमण नीति अपनाई है. जिसके कारण ख़राब उत्पाद विश्व के कई देशों के साथ- साथ भारत में भी भेज रहा है, नतीजन स्थानी ...

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मानव, संपूर्ण सृष्टि का कल्याण, यही हिन्दुत्व का आधार है – डॉ. कृष्णगोपाल जी

बरेली (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल जी ने हिन्दुत्व को समझाते हुए बताया कि "हिन्दुत्व"...इसका कोई खांचा नहीं है, इसकी कोई आउटलाइन बाउंड्री नहीं है, क्योंकि इसमें हर दिन कोई भी व्यक्ति एक नया विचार देता है. इसमें एक नया एडिशन कर देता है. इसलिए सनातन परंपरा का एक प्रवाह है. यह प्रवाह निरंतर चलता है, निरंतर नई-नई बातें जुड़ती हैं, नई-नई खोज होती और ये नई खोजों को प्रोत्साहि ...

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हिन्दू कोई जाति या पंथ नहीं, यह एक संस्कार व संस्कृति है – शंकर लाल जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य शंकर लाल जी ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि भारत भूमि पर पैदा हुए हैं. यह भूमि इतनी पवित्र है कि यहां स्वयं भगवान भी जन्म लेने की इच्छा रखते हैं. हिन्दुस्थान की भूमि हिन्दू भूमि है. हिन्दू कोई जाति या पंथ नहीं है. यह एक संस्कार व संस्कृति है. हिन्दुस्थान में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है. सभी के पूर्वज एक हैं. उपासना पद्धति जरूर अ ...

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राष्ट्र के प्राचीन गौरव बोध व राष्ट्र भाव के जागरण हेतु हम सब स्वयंसेवक हैं – डॉ. भगवती प्रकाश जी

संतों की तरह संघ भी परमार्थ के कार्य के लिए ही है – डॉ. रूपचन्द दास जी जोधपुर (विसंकें). गादीपति कबीर आश्रम माधोबाग डॉ. रूपचंद दास जी ने कहा कि दया, गरीबी, बंदगी, समता और शील ये संतों के गुण हैं, इसी द्वारा संत, सरोवर, वृक्ष एवं वर्षा परोपकार के लिए कार्य करते हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों में भी उपरोक्त सभी गुण समाविष्ट होते हैं. इसीलिए संघ एवं संतों को परमार्थ का पर्याय माना जाता है. वे राजस ...

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सरसंघचालक जी का संबोधन (नागपुर) संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष

प्रतिवर्ष नागपुर में तृतीय वर्ष का वर्ग लगता है और प्रतिवर्ष उसका समापन समारोह होता है. ऐसे जो हमारे कार्यक्रम होते हैं उसमें संघ स्थापना के समय से ही हमारी ये परंपरा रही है कि देश के सज्जनों को हम आमंत्रित करते हैं. जिनको आना संम्भव है वो हमारा निमंत्रण स्वीकार करते हैं और यहाँ पर आते हैं. संघ का स्वरूप देखते हैं, अपनी तरफ से अपनी कुछ बात कहते हैं. उसको पाथेय रूप में स्वीकार कर उसका चिंतन करते हुए हम आगे ब ...

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विभाजनकारी शक्तियां देश व समाज को तोड़ने के लिये प्रयासरत – अनिरुद्ध देशपांडे जी

गोरखपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे जी ने कहा कि विभाजनकारी शक्तियां हिन्दू समाज को बांटने और देश को तोड़ने का कार्य कर रही हैं. जाति-बिरादरी और ऊंच-नीच का भाव दिखाकर समाज के लोगों को लड़ाने की पुरजोर कोशिश में जुटी हुई हैं, लेकिन संघ उनके इस कुत्सित प्रयास को पूरा नहीं होने देगा. समाज को जागृत कर ऐसी देशद्रोही मानसिकता वाले लोगों को पराजित करना ही संघ क ...

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संघ को समझकर, फिर सहकार्य करने के लिए आगे आएं – डॉ. मोहन भागवत जी

नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि विविधता में एकता पर संघ का दृढ़ विशवास है. इस भूमी को माता मानने वाला हर व्यक्ति भारतीय है. विविधता में एकता यही भारत की विशेषता है और यही संस्कृति है. सरसंघचालक नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग तृतीय वर्ष के समापन समारोह में संबोधित कर रहे थे. समारोह में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणव मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. “संघ संस ...

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