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पुलवामा हमले के बलिदानियों के परिवार की सहायता हेतु आह्वान

14 फरवरी को कश्मीर घाटी के पुलवामा में सुरक्षा बलों पर हुए आत्मघाती हमले में 45 से अधिक वीर सुरक्षाबलों का बलिदान हुआ है. पूरा देश इससे व्यथित है. वस्तुतः यह अप्रत्यक्ष युद्ध जैसी स्थिति है, जिसमें देश के किसी न किसी भाग में प्रतिदिन सुरक्षा बल बलिदान दे रहे हैं ताकि हम शांति से रह सकें. मातृभूमि की रक्षा में अपने जीवन न्यौछावर करने वाले बलिदानियों के परिजनों की पीड़ा में हम सभी उनके साथ हैं. उन्होंने देश क ...

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संघ में अनुयायी नहीं, सहयोगी तैयार किए जाते हैं – अनिरुद्ध देशपांडे

ठाणे (विसंकें). ‘संघ के संस्कार’ ध्यान में रखकर पाथेय रूप से, प्रेम सरलता से डॉ. पां.रा. किनरे ने लेख संग्रह किया है. डॉ. पांडुरंग रा. किनरे लिखित, 14 श्रेष्ठ व्यक्तियों के शब्द चित्र तथा एक लेख से सर्वसामावेशक ‘तृप्तीची तीर्थोदके’ पुस्तक का विमोचन बुधवार 13 फरवरी को ठाणे स्थित सहयोग मंदिर सभागृह में हुआ. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध जी मुख्य वक्ता के रूप में उ ...

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संघ ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की निंदा की. संघ ने आशा व्यक्त की कि केंद्र की सरकार हमले के प्रत्युत्तर में कड़ा कदम उठाएगी. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए कायराना आतंकी हमले की हम घोर निंदा करते हैं. आतंकवाद पर कसते हुए शिकंजे की बौखलाहट और निराशा ही इस घटना से साफ दिखाई देती है. सरकार इस घटना के दोषियों पर शीघ्र कड़ी से कड ...

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देश में विज्ञान की प्राचीन परंपरा – जयन्त सहस्रबुद्धे

जयपुर (विसंके). विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री जयंत सहस्रबुद्धे जी ने कहा कि देश में ज्ञान की प्राचीन परम्परा और विशेषता से हम थोड़ा दूर चले गए. आज अपने देश से ज्यादा पश्चिम को श्रेष्ठ मानने लगे हैं. अपने विज्ञान में तंत्र ज्ञान, यंत्र ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान का आधुनिक क्षेत्र में विकास के अध्ययन की आवश्यकता है. उन्होंने दिल्ली के कुतुबमीनार के पास लौह स्तम्भ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में विज् ...

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समुत्कर्ष का प्रतिभा सम्मान समारोह

जबलपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक श्रीरंग राजे ने कहा कि सफलता किसी की मोहताज नहीं होती. परिश्रम से आगे बढ़ने वालों को कोई भी बाधा रोक नहीं सकती. ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जहां एक व्यक्ति की सकारात्मक सोच एवं दृढ़ इच्छाशक्ति ने दुनिया को झुका दिया. अगर हौंसले बुलंद हों और दिल में मंजिल पाने की चाहत हो तो कोई भी परिस्थिति इंसान को रोक नहीं सकती. आज मुझे बहुत खुशी है कि समुत्कर्ष के छा ...

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संघ समता युक्त-शोषण मुक्त समाज एवं अहंकार व स्वार्थ मुक्त व्यवस्था बनाने में लगा है – डॉ. मोहन भागवत

देहरादून (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी जन्मजात देशभक्त थे. उनको लगा कि हमारे समाज का परिवर्तन या देश को स्वतन्त्रता सिर्फ सरकारों या नारों के माध्यम से नहीं मिलेगी तथा स्वतन्त्रता का लाभ तभी मिलेगा, जब हमारा समाज एकजुट होगा. इस उद्देश्य को लेकर उन्होंने सन् 1925 में संघ की स्थापना की और शाखा के माध्यम से व्यक्ति निर्माण व समाज सेवा क ...

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रज्जू भैया की स्मृति में होगा व्याख्यान माला का आयोजन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) एक वैज्ञानिक थे. संघ का प्रचारक बनने के बाद भी 1966 तक वे इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय में परमाणु भौतिकी पढ़ाते रहे और विभागाध्यक्ष रहे. वर्ष 2003 में 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था. पाथेय-कण ने उनकी स्मृति में एक व्याख्यान-माला प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है. प्रत्येक वर्ष उनके जन्मदिन के आसपास किसी सामयिक एवं महत्वपूर्ण विषय पर ...

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धर्म संसद में श्रीराम जन्मभूमि पर पारित प्रस्ताव

धर्मसंसद दिनांक 01 फरवरी, 2019 सेक्टर-14, ओल्ड जी. टी. रोड, कुम्भ मेला क्षेत्र, प्रयागराज प्रस्ताव - श्रीराम जन्मभूमि श्रीराम जन्मभूमि की मुक्ति का संघर्ष 1528 से ही हिन्दू समाज सन्तों के नेतृत्व में निरन्तर करता रहा है. इसी का परिणाम है कि आज वहां गुलामी का प्रतीक बाबरी ढांचा नहीं रहा. आज वहां श्रीरामलला का मन्दिर है, जिसमें निरन्तर पूजा-अर्चना हो रही है. अब भव्य मन्दिर का निर्माण करना शेष है. इसके लिए सन् ...

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वैचारिक कुम्भ हम सब को एकात्मता की ओर ले जाने वाला सिद्ध होगा – भय्याजी जोशी

प्रयागराज. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने कहा कि भारत की विशिष्ट पहचान एवं हिन्दू समाज की जीवन दृष्टि, विभिन्न विचार मत, पंथ, सम्प्रदाय एवं साधना पद्धतियों का ध्येय व सत्य एक है, उसे प्राप्त करने के मार्ग अनेक हैं. सभी सम्प्रदायों का उद्देश्य नर को नारायण बनाना है. संयमित उपभोग, मर्यादाओं का पालन ही संस्कार है. भारतीय संस्कृति सिद्धान्त नहीं आचरण है और विश्व कल्याण की कामना इसी संस्कृ ...

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31 जनवरी / जन्मदिवस – वनबन्धु मदनलाल अग्रवाल

अपना काम करते हुए समाज सेवा बहुत लोग करते हैं, पर 31 जनवरी, 1923 को झरिया (जिला धनबाद, झारखंड) में जन्मे मदनलाल अग्रवाल सामाजिक कार्य को व्यापार एवं परिवार से भी अधिक महत्व देते थे. उन्होंने अनेक संस्थाएं बनाकर अपने रिश्तेदारों व परिचितों को भी इस हेतु प्रेरित किया. यह परिवार जिला झुंझुनु (राजस्थान) के लोयल ग्राम का मूल निवासी था. इनके दादा हरदेव दास 1876 में झरिया आए थे. प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1913-14 मे ...

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