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पंथ – संप्रदाय नहीं, भारत की पहचान हमारी पुरातन संस्कृति है – डॉ. मोहन भागवत जी

रायपुर में मकर संक्रांति उत्सव पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का संबोधन रायपुर, छत्तीसगढ़ (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने सामाजिक समरसता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि सुख की चाह में हम जो बटोर रहे हैं, उसमें से जरूरतमंदों को कुछ बांटने की जरूरत है. भारत का चेहरा कोई पंथ या संप्रदाय नहीं हो सकता, बल्कि हमारी चिर पुरातन संस्कृति ही हमारी पहचान है. उपरोक्त विचारों को हम आत्म ...

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हमारे पास अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष को जोड़ने वाला धर्म है – डॉ. मोहन भागवत जी

प्रतिष्ठा कमाने में नहीं, बांटने में है – सरसंघचालक जी इंदौर (विसंकेंभा). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हम जीवन जीने की कला भूल गए हैं. इसी कारण हम विघटित होते जा रहे हैं. हमें अपनी संस्कृति की ओर आगे बढ़ना पड़ेगा. संस्कृति के मार्ग पर पीछे जाने की बात ही नहीं है. वेदों की ओर बढ़ने पर हम आगे ही जाएंगे. वेद को सामान्य लोग केवल पूजा-पाठ का ज्ञान मानते हैं. वेद तो जीवन जीने क ...

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विष पीकर अमर होने वाला देश भारत ही है – डॉ. मोहन भागवत जी

उज्जैन (विसंकेंभा). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनियाभर में मिलते हैं. विष पीकर अमर होने वाला देश भारत ही हो सकता है. हमारा कर्तव्य बनता है कि दुनिया को राह दिखाने का काम करें. शिव का पहला नाम रुद्र है, रुद्र का अर्थ है शक्ति. बिना शक्ति के शिव होने का कोई मतलब नहीं है. विश्व की सारी दुष्ट शक्तियों को भस्म करने वाले रुद्र ही शिव हैं. हम लोगों क ...

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कर्त्तव्यनिष्ठा से उत्कृष्ट जीवन जीने की प्रेरणा देती है गीता – डॉ. मोहन भागवत जी

कहा, गीता का अनुसरण करते हुए समाज में लानी होगी एकता एवं आत्मीयता की भावना कुरुक्षेत्र (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश आज जिस परिस्थिति से गुजर रहा है, उसमें गीता का अनुसरण आवश्यक है. समाज में एकता एवं आत्मीयता की भावना लानी होगी. समाज को गीता का संदेश प्रत्यक्ष रूप से जीवन में उतारना होगा. गीता कर्त्तव्य निष्ठा से लेकर उत्कृष्ट जीवन जीने की प्रेरणा देती है. ब ...

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भारतीय शास्त्रीय संगीत विश्व को सत्य, करुणा और पवित्रता की ओर ले जाता है –  डॉ. मोहन भागवत जी

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत का शास्त्रीय संगीत विश्व को सत्य, करुणा और पवित्रता की ओर ले जाता है. जहां विश्व में संगीत में मनोरंजन पक्ष पर ध्यान रखा जाता है, जबकि हमारे देश में परंपरा से संगीत को सत्य, करुणा और पवित्रता उत्पन्न करने वाला माना जाता है. सरसंघचालक जी रविवार को वैशाली नगर स्थित चित्रकूट स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्व ...

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स्वर गोविन्दम् 2017 के लिये चित्रकूट स्टेडियम में भूमि पूजन

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम स्वर गोविंदम् 2017 के लिये बुधवार को वैशाली नगर स्थित चित्रकूट स्टेडियम में भूमि पूजन सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम की सफलता एवं पर्यावरण की शुद्धता के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन का कार्य संपन्न हुआ. जयपुर प्रांत संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल जी, प्रान्त प्रचारक निम्बाराम जी, लघु उद्योग भारती के प्रकाशचन्द जी, पूर्व अध्यक्ष ओम जी मित्तल, राजस्थान क्षेत्र ...

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मनुष्य को स्वस्थ्य और सक्षम बनाने का कार्य कर रही आरोग्य भारती – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). इंदौर में आरोग्य भारती की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने किया. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्रालय, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपाद येसो नाइक, डॉ. राजेश कोटेचा सचिव, आयुष मंत्रालय, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री रुस्तम सिंह जी उपस्थित रहे. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी न ...

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विविधता भरे भारत में एक शाश्वत सत्य हमारी सांस्कृतिक एकता है – डॉ. मोहन भागवत जी

इंदौर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि समाज में एक प्रभावी संगठन खड़ा करने के लिए संघ नहीं बना है, समाज को संगठित करने के लिए संघ कार्य करता है. जिस देश के युवा गुण संपन्न सामाजिक हित में जीने-मरने के लिए तैयार रहते हैं, उस समाज का, देश का उत्थान हो सकता है और यही कार्य संघ की शाखा में किया जाता है. संघ की शाखा में ऐसे कार्यक्रमों के द्वारा ही शक्ति संचय का कार्य कि ...

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गुरू गोबिंद सिंह जी के जीवन के स्मरण मात्र से पूरा जीवन प्रकाशमय हो जाएगा – डॉ. मोहन भागवत जी

गुरू गोबिंद सिंह जी का जीवन समाज को जोड़ने की सीख देता है – डॉ. मोहन भागवत जी नई दिल्ली (इंविसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने वालों में दशमेश गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज एक बड़ा कारण रहे हैं, इसलिए बच्चा- बच्चा उन्हें अपना आदर्श मानता है, उनके जैसा बनना चाहता है. यही कारण है भारत की पहचान विश्व में बताने वाले विवेकानंद जी ने कहा था - भारत के गौरव को पान ...

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हिन्दुत्व की राह पर चल कर ही भारत फिर बनेगा विश्व गुरु – डॉ. मोहन भागवत जी

कोलकत्ता. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने भगिनी निवेदिता के 150वें जन्मदिवस पर कोलकत्ता में राष्ट्रवाद विषय पर आयोजित सम्मेलन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने जो राह चुनी थी, वह व्यक्ति व समाज को तैयार करने की थी. भगिनी निवेदिता ने स्वामी जी के आदेश का पूर्ण अनुशासन से पालन कर अपने लिए जो दिशा तय की, वह उस समय चल रही व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए थी. भगिनी के जीवन में एक विशेष ...

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