You Are Here: Home » Posts tagged "स्वयंसेवक"

संघ की ‘शाखा’ संस्कार देने वाला विद्यापीठ – सुनील कुलकर्णी

गोरखपुर (विसंकें). महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज परिसर गोलघर, गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरखपुर महानगर के स्वयंसेवक समागम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख सुनील कुलकर्णी जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 93 वर्षों से अनवरत चला आ रहा है. इस कालखंड में संगठन ने अनेकों उतार-चढ़ाव देखे. डॉ. हेडगेवार जी ने जब संघ की स्थापना की थी, तब समाज का एक बड़ा वर्ग अ ...

Read more

भारत का अध्यात्म एवं दर्शन ही भारत का परिचय है – डॉ. मनमोहन वैद्य जी

जबलपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि भारत की मूल धारा अध्यात्म है, इसलिए हिन्दू समाज में सबके प्रति स्वीकार्यता है. ये प्राचीन भारतीय दर्शन का सार है. धर्म एक विशुद्ध भारतीय शब्द है, जिसका अर्थ पूजा पद्धति नहीं है. धर्म का अर्थ है - जीवन के संतुलन को बनाए रखना. और ये संतुलन जब बिगड़ता है, तब धर्म की हानि होती है. सह सरकार्यवाह जी संघ के स्वयंसेवकों के राष्ट ...

Read more

तीन दिन तक समाज के प्रबुद्धजनों के साथ संवाद करेंगे सरसंघचालक

नई दिल्ली. सितंबर 17, 18, 19 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत की ओर से तीन दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन विज्ञान भवन में किया जा रहा है. जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दृष्टिकोण प्रबुद्धजनों के समक्ष रखेंगे. व्याख्यान माला में समाज के समस्त अंगों के चयनित प्रबुद्धजनों के साथ यह विचार मंथन ह ...

Read more

‘मुसलमानों ने बर्बरता की हदें पार कीं’

बात उन दिनों की है, जब मेरे बड़े भाईसाहब सेना मुख्यालय से जुड़े एक सरकारी दफ्तर में काम करते थे. कुछ दिन बाद उनका स्थानांतरण लाहौर हो गया. उस समय मैं मैट्रिक पास कर चुका था. तो भाईसाहब ने कहा कि गांव से लाहौर चले आओ तो यहां नौकरी मिल जाएगी. मुझे याद है कि मैं 8 जुलाई,1946 को लाहौर पहुंच गया. भाई की मदद से दो-तीन दिन बाद ही नौकरी मिल गयी. कुछ दिन कार्य करने के बाद 01 अक्तूबर,1946 को मुझे एक विदेशी कंपनी में बा ...

Read more

‘रास्ते में बिछी थीं लाशें’

बंटवारे के दिनों के बारे में जब भी सोचता हूं तो एक अजीब सी उलझन होने लगती है. उन दिनों पाकिस्तान में जहां भी हिन्दू रह रहे थे, वे सभी डरे हुए थे कि कब क्या हो जाए. मेरी माता जी का देहांत हो जाने के कारण मेरा लालन-पालन बुआ जी के पास हुआ. तब मेरी उम्र 8 वर्ष थी. अचानक एक दिन हमारे मुहल्ले में भी हालात खराब हो गए. स्थिति इतनी ज्यादा खराब थी कि पलायन ही एक मात्र रास्ता सभी को सूझ रहा था क्योंकि आस-पास के हिन्दू ...

Read more

‘नहीं भूलते बंटवारे के दिन’

बंटवारे के वक्त मैं नागपुर में संघ का तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था. इस बीच पाकिस्तान की ओर से हिन्दुओं के पलायन की खबरें आनी शुरू हुर्इं. संघ अधिकारियों ने वर्ग को जल्दी समाप्त कर दिया ताकि सीमापार रहने वाले स्वयंसेवक अपने परिवार की मदद कर सकें. नागपुर से मैं फगवाड़ा आया, जहां संघ का शिविर लगा हुआ था और पूज्य गुरुजी वहां आए हुए थे. पाकिस्तान के हालात को देखकर शुरुआत में गुरुजी का आग्रह था कि लोग ...

Read more

‘स्वयंसेवकों ने दिया सेना का साथ’

विभाजन के समय मेरी आयु 7 वर्ष की थी. मैं मीरपुर में रहता था. यह बड़ा ही समृद्ध और पढ़े-लिखे लोगों का इलाका था. 15 अगस्त, 1947 को जब विभाजन के कारण पाकिस्तान से हिन्दू भारत आ रहे थे, उस समय मीरपुर के लोगों को आशा थी कि जम्मू-कश्मीर राज्य के राजा हरि सिंह का क्षेत्र होने के कारण इसका भारत में ही विलय होगा. मुजफ्फराबाद या आस-पास के क्षेत्रों से जो पलायन हो रहा था, मीरपुर के हिन्दुओं ने उन्हें अपने में ही बसा लिय ...

Read more

स्वयंसेवक ‘अटल’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक अटल बिहारी वाजपेयी बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक अपने स्वयंसेवकत्व पर अटल रहे. संघ का स्वयंसेवक अर्थात् अपने संगठन, समाज और राष्ट्र के हित में स्वयं की प्रेरणा से निःस्वार्थ भाव से निष्ठापूर्वक निरंतर काम करने वाला आदर्श नागरिक. 15 वर्ष की आयु में डी.ए.वी. कॉलेज कानपुर के छात्रावास की संघ शाखा में अपना संघ जीवन प्रारम्भ करने वाले अटल जी को वामपंथी विचा ...

Read more

केरल : सेवा के अग्रिम मोर्चों पर पहुंचे संघ के स्वयंसेवक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हजारों स्वयंसेवक अपनी जान को हथेली पर रखकर केरल में बाढ़ पीड़ितों की सहायता में दिनरात एक किए हुए हैं. इन स्वयंसेवकों ने दूरदराज के ग्रामीण बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर सेना के जवानों, अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस का सहयोग करते हुए सेवा के प्रायः सभी कार्यों को सम्भाला है. स्वयंप्रेरणा एवं निःस्वार्थ भाव से सेवा कार्य में जुटे यह स्वयंसेवक किसी प्रमाणपत्र अथवा राजीनतिक वाहवाही से को ...

Read more

28 जुलाई / इतिहास स्मृति – त्रिपुरा के बलिदानी स्वयंसेवक

नई दिल्ली. विश्व भर में फैले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करोड़ों स्वयंसेवकों के लिए 28 जुलाई, 2001 एक काला दिन सिद्ध हुआ. इस दिन भारत सरकार ने संघ के चार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मृत्यु की विधिवत घोषणा कर दी, जिनका अपहरण छह अगस्त, 1999 को त्रिपुरा राज्य में कंचनपुर स्थित ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ के एक छात्रावास से चर्च प्रेरित आतंकियों ने किया था. इनमें सबसे वरिष्ठ थे, 68 वर्षीय श्यामलकांति सेनगुप्ता. उनका जन्म ग ...

Read more
Scroll to top