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मुलायम सरकार ने हिन्दू कारसेवकों को दफनवा दिया था

1990 में अयोध्या में कारसेवा के दौरान उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह सरकार की पुलिस ने अनगिनत कारसेवकों को मौत के घाट उतार दिया था, मृतकों की संख्या काफी कम बताई गई और ऐसा करने के लिये मारे गए कारसेवकों का हिन्दू पद्धति के अनुसार अंतिम संस्कार करने के बजाय उन्हें दफना दिया गया था. रिपब्लिक टीवी चैनल ने स्टिंग के माध्यम से हैरतअंगेज तथ्यों का खुलासा किया है. टीवी चैनल ने क्षेत्र के तत्कालीन थाना प्रभारी का स्टि ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – (अंतिम)

कोर्ट के कटघरे में हिन्दुओं की आस्था, हिन्दुओं के कटघरे में कोर्ट की आस्था भारत के सम्पूर्ण राष्ट्र जीवन को झकझोर देने वाले, करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के साथ जुड़े हुए, गत 490 वर्षों से निरंतर संघर्ष करते चले आ रहे हिन्दू समाज की अस्मिता श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर के पुनर्निर्माण का ज्वलंत एवं भावुक विषय सर्वोच्च न्यायालय की प्राथमिकता में नहीं है. यह किसका दुर्भाग्य है? समस्त भारतीयों का? करोड़ों हिन्दुओं का?  ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 13

राष्ट्र की अस्मिता : ‘शौर्य दिवस’ 06 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने एक जर्जर ढांचे को भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान पर एक विदेशी आक्रांता द्वारा लगाया गया कलंक का टीका मानकर लाखों कारसेवकों की भीड़ ने इस कलंक को मिटा दिया. यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि श्रीराम जन्मभूमि को मुक्त करवाने का यह 78वां प्रयास था. इस दिन को कुछ लोगों ने शौर्य दिवस कहा तो कुछ लोगों ने शर्म का दिन करार कर दिया. एक ओर ...

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भारत के गौरव का प्रतीक है राम मंदिर

आधुनिक भारत के कई राष्ट्र निर्माताओं ने ‘भारत की सामूहिक अंतश्चेतना’ को अपनी वाणी और आचरण से अभिव्यक्त किया है. इस‘सामूहिक अंतश्चेतना’ की इच्छा, आकांक्षा और संकल्प है अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाकर भारत के गौरव-प्रतीक को प्रतिष्ठित करना. जैसे ही सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकताएं भिन्न हैं और अयोध्या में राम मंदिर के मामले की तेजी से सुनवाई करने का उसका कोई इरादा नहीं, वैसे ही यह मुद ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 12

प्राणोत्सर्ग करने का दृढ़ संकल्प मंदिर पर लगे सरकारी ताले के खुलने के बाद सभी हिन्दू संगठनों ने इस स्थान पर एक भव्य मंदिर बनाने के लिए प्रयास शुरु कर दिए. इस कालखंड में निरंतर 6 वर्षों के इंतजार के बाद सरकार भी टालमटोल करती रही और न्यायालय भी इस मुद्दे को लटकाता रहा. निरंतर 6-7 वर्षों के इंतजार के बाद विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक मंडल के सभी संतों महात्माओं ने सर्वसम्मति के साथ एक स्वर में 6 दिसम्बर 1992 ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 11

आध्यात्मिक इतिहास की एक दुलर्भ घटना श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के बनते बिगड़ते स्वरूप और बलिदानों की अविरल श्रृंखला के बीच भी हिन्दुओं के द्वारा आरती वंदन और अखंड रामायण पाठ एक क्षण के लिए भी बंद नहीं हुआ. अयोध्या क्षेत्र में संत महात्मा तथा समस्त हिन्दू समाज अपने श्रीराम की प्रतिमा को जन्मभूमि मंदिर में ही देखने के लिए उतावले हो रहे थे. संयम और उदारता अपनी सीमाएं पार करने ही वाले थे कि एक अनोखी एवं संसार के आध् ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 9

श्रीगुरु गोबिन्दसिंह और बाबा वैष्णवदास का रणकौशल अत्याचारी शासक और हिन्दू संहारक औरंगजेब ने अपने एक दुर्दांत सेनापति जांबाज खान को मुगल सेना के साथ अयोध्या की ओर कूच करने का हुक्म दे दिया. औरंगजेब की इन हिन्दुत्व विरोधी विनाशकारी चालों से हिन्दू संत महात्मा भी अनभिज्ञ नहीं थे. अयोध्या के पास ही सरयु नदी के अहिल्या घाट पर एक महात्मा बाबा वैष्णवदास एक आश्रम बनाकर हिन्दुत्व के प्रचार प्रसार में लगे थे. इस मठ क ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 7

बाबर ने इस्लामिक सिद्धान्तों को भी दफन कर दिया मुगल सेनापति मीरबांकी द्वारा मंदिर को तोड़कर बनाई गई मस्जिद का सफाया करने के लिए हिन्दुओं ने हमलों का तांता लगा दिया. बाबर रोज-रोज के इन युद्धों में हिन्दुओं द्वारा अपमानित हो रहा था. वह कोई समझौता करके अपनी इज्जत बचाने की राह तलाशने लगा. मीरबांकी ने तो अत्यंत दुखी होकर बाबर को एक पत्र भी लिख डाला - ‘मंदिर को भूमिसात करने के पश्चात् उसके ही मलबे से जब से मस्जिद ...

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राम जन्मभूमि का दिव्य स्थान बदला नहीं जा सकता – आलोक कुमार

नई दिल्ली (इंविसंकें). श्रीराम जन्मभूमि राष्ट्रीय धरोहर की पुनर्स्थापना विषय पर आयोजित सेमिनार में विश्व हिन्दू परिषद् के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार जी ने कहा कि देश की आज़ादी के समय कांग्रेस ने जिस प्रकार इंडिया गेट से जार्ज पंचम की प्रतिमा, ब्रिटिश वायसरायों की प्रतिमाएं नई दिल्ली से हटा दीं, अनेक मार्ग जो ब्रिटिश दासता का बोध कराते थे उनको बदला गया, उसी प्रकार अयोध्या में गिराया गया बाबरी ...

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राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 3

मंदिर की रक्षार्थ बलिदानों की झड़ी श्रीराम जन्मभूमि के साथ भारत की अस्मिता और हिन्दुओं का सर्वस्व जुड़ा है. यही कारण है कि रावण से लेकर बाबर तक जिस भी विदेशी और अधर्मी आक्रांता ने रामजन्मभूमि को अपवित्र करने का जघन्य षड्यंत्र रचा, हिन्दुओं ने तुरन्त उसी समय अपने प्राणों का उत्सर्ग करते हुए अपने इस सांस्कृतिक प्रेरणा केन्द्र की रक्षा की. जन्मभूमि पर महाराजा कुश के द्वारा बनवाया गया मंदिर भी आक्रान्ताओं का निशा ...

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