You Are Here: Home » Posts tagged "Ramjanambhumi"

विहिप अध्यक्ष वीएस कोकजे का शोक संदेश

विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष विष्णु हरि डालमिया के निधन से सिर्फ विहिप ही नहीं सम्पूर्ण हिन्दू समाज को एक अपूर्णीय क्षति हुई है. अपने शोक प्रस्ताव में विहिप अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि श्री डालमियां सरलता, सक्रियता, सौम्यता व दृढ़ता के संगम थे. वे विश्व हिन्दू परिषद् से एक लम्बे कालखंड तक जुड़े रहे. हर मुद्दे पर उनके संवेदनशील विचार मस्तिष्क को झकझोर देते थे. सन् 1979 में प्रयागराज की पुण्य भ ...

Read more

राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 10

राष्ट्रवादी मुस्लिम सरदार और धूर्त अंग्रेज औरंगजेब के पश्चात् कुछ समय तो शांति से कटा, परन्तु धर्मान्ध मुस्लिम नवाबों के अहम के कारण यह विवाद सुलझने के स्थान पर उलझता चला गया. हिन्दुओं ने एक दिन भी मंदिर पर अपने अधिकार को नहीं छोड़ा. एक कालखंड ऐसा भी आया जब हिन्दू मुस्लिम सद्भाव का वातावरण बना. सन् 1789 में महाराष्ट्र के एक सशक्त हिन्दू राजा महादजी सिंधिया ने दिल्ली पर आक्रमण करके विजय प्राप्त की. मुगल शासक ...

Read more

राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 8

तथाकथित मानवतावादी अकबर की कुटिल कूटनीति इस्लाम की मूल भावना और शरीयत के सभी उसूलों को ताक पर रखकर बाबर ने मंदिर तोड़कर जो मस्जिद का ढांचा खड़ा कर दिया. यह हिन्दू समाज पर एक कलंक का टीका था. बाबर की विजय विदेश की विजय थी. आक्रमणकारी बाबर द्वारा किसी भी प्रकार का स्मृति चिन्ह समस्त भारत का अपमान था. राष्ट्र के हृदय-स्थल पर एक विदेशी आक्रांता द्वारा हिन्दुओं के ही श्रद्धा केन्द्र को ध्वस्त करके बनाए गए इस ढांचे ...

Read more

राष्ट्रीय चेतना का उद्घोष : अयोध्या आंदोलन – 5

दो विधर्मी फकीरों की गद्दारी सम्पूर्ण भारत के भूगोल, इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को बर्बाद करने के उद्देश्य से विदेशी हमलावरों ने जो हिंसक रणनीति अपनाई थी, उसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़ना और अत्यंत अपमानजनक हथकंडे अपना कर भारत के राष्ट्रीय समाज का उत्पीड़न करना. इसी अमानवीय व्यवहार के अंतर्गत हजारों मंदिर टूटे, ज्ञान के भंडार विश्वविख्यात विद्या परिसर जले, अथाह धन सम्पदा लूट ...

Read more

अब देश के हिन्दुओं को राम मंदिर के लिए लड़ना नहीं अड़ना है – डॉ. मोहन भागवत जी

राम मंदिर निर्माण हेतु नागपुर में विशाल हुंकार सभा नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि पाठशालाओं में “justice delayed is justice denied” ऐसा वाक्य पढ़ाया जाता है. जिसका अर्थ होता है कि, “न्याय में विलंब अन्याय है”. लेकिन राम मंदिर के बारे में सर्वोच्च न्यायालय कि भूमिका को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस वाक्य को पाठ्यक्रम से हटा देना चाहिए. सरसंघचालक जी राम मंदिर ...

Read more
Scroll to top