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ऋतम् (Ritam) व चौथा खम्भा न्यूज़ ने आयोजित किया सोशल मीडिया कॉन्क्लेव

गुरुग्राम. चौथा खम्भा न्यूज़ व ऋतम् (Ritam) ने गुरुग्राम में 28 अप्रैल को सोशल मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया. इसमें प्रो. राकेश सिन्हा, कपिल मिश्रा, डॉ. नील, मनोज कुरील और अधिवक्ता प्रशांत उमराव पटेल ने वक्ता के रूप में भाग लिया. कॉन्क्लेव का उद्देश्य सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, इसका सदुपयोग एवं मुख्य चेतावनियां रहा. डॉ. नील ने पावर ऑफ सोशल मीडिया के बारे में कहा कि सोशल मीडिया से आम आदमी को अपनी भावना को र ...

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पत्रकार होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन

मेरठ. होली का त्यौहार हमारी सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एवं भारतीयता का प्रतीक है. होली का पर्व भारत में 2400 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा है. वरिष्ठ पत्रकार एवं आईआईएमटी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेन्द्र मिश्र ने विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित ‘पत्रकार होली मिलन समारोह’ में संबोधित किया. उन्होंने कहा कि आज ही भारत के विभिन्न प्रदेशों में होली को अलग-अलग स्वरूपों के साथ मनाया ...

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ध्येयनिष्ठ पत्रकारिता के प्रतीक हैं मामाजी माणिकचंद्र वाजपेयी – रामबहादुर राय

भोपाल (विसंकें). विश्व संवाद केंद्र की ओर से 'ध्येयनिष्ठ पत्रकारिता' विषय पर आयोजित परिसंवाद में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय ने कहा कि मामाजी माणिकचंद्र वाजपेयी श्रेष्ठ संपादकों की श्रेणी में तो थे ही, वह आपातकाल में लोकतंत्र के सिपाही भी थे. आपातकाल के समय लोकतंत्र की रक्षा के लिए वह जेल तक गए. उनकी पत्रकारिता की यात्रा को देखें तो पाएंगे कि मामाजी ध्येयनिष्ठ पत्रकारिता के प्रतीक हैं. इस अवसर ...

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लोकतंत्र के समक्ष व्यक्तिवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद सबसे बड़ी चुनौती – डॉ. राकेश सिन्हा

देहरादून (विसंकें). राज्यसभा सांसद डॉ. राकेश सिन्हा ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के सामने व्यक्तिवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद व साम्प्रदायिकता सबसे बड़ी चुनौती है. व्यक्तिवाद के कारण लोकतंत्र व्यक्ति विशेष का बंधक बन जाता है जो न समाज हित में है और न ही देश हित में. डॉ. सिन्हा ए.एम.एन. घोष सभागार (ओ.एन.जी.सी.) में विश्व संवाद केन्द्र द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र के समक्ष उपस्थित चुनौतियां’ विषय पर कार्यक्रम को मुख्य वक् ...

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जीवन के अर्थशास्त्र को समझें महिलाएं – ग्राम गीताचार्य पूर्णिमा सवाई

अमरावती (विसंकें). भारतीय परिवार व्यवस्था की मुख्य रीढ़ महिलाओं को जीवन का अर्थशास्त्र अब तक समझ में नहीं आया है. सभी महिलाओं को इसे समझना चाहिए, तभी हमारी संस्कृति व परिवार व्यवस्था का अस्तित्व बना रहेगा. यह आह्वान प्रगतिशील किसान व ग्राम गीताचार्य पूर्णिमा सवई ने किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विदर्भ प्रांत प्रवासी कार्यकर्ता शिविर के निमित्त अंबानगरी में मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन की अध्यक ...

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मेरठ में नारद जयंती पर नारद सम्मान समारोह का आयोजन

मेरठ (विसंकें). माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने जी ने कहा कि पत्रकारिता में सबसे ज्यादा महत्व एक पत्रकार का है. समाचारों को किस स्वरूप में प्रस्तुत करना है, समाचार का एंगल क्या रखना है? यह पत्रकार को ही तय करना होता है. समाचार पत्र में सम्पादक हो या मालिक, दोनों की भूमिका सीमित है. आज पत्रकारिता व्यवसाय के दौर में है. ऐसा नहीं कहा जा सकता कि कोई भी व्यवस ...

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