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    अंतर्बाह्य शुचिता व ध्येय के प्रति प्रतिबद्धता, यही इस वर्ग का सार है – भय्याजी जोशी

    संघ शिक्षा वर्ग – तृतीय वर्ष का नागपुर में शुभारम्भ

    नागपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, संघ शिक्षा वर्ग – तृतीय वर्ष का शुभारंभ ‌नागपुर रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति भवन परिसर के महर्षि व्यास सभागृह में हुआ. उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी जी ने देशभर के सभी प्रान्तों से आए शिक्षार्थियों को उद्बोधित करते हुए कहा कि ‘संघ शिक्षा वर्ग – तृतीय वर्ष’, यह अपने जीवन का एक सुनहरा अवसर है. हम सब यहाँ चयनित कार्यकर्ता हैं. इस वर्ग में शारीरिक, बौद्धिक शिक्षा के साथ साथ स्वयं का आत्म मंथन भी जरूरी है. जितना आत्म मंथन हम करेंगे, उतने ही हम उन्नत होंगे. राष्ट्र के उन्नति के लिये “दृष्टि की व्यापकता” आवश्यक होती है. ‘अखिल भारतीय दृष्टि’ होना और ‘अखिल भारतीयता’ की अनुभूति होना, यह दो भिन्न बातें हैं. स्वयंसेवक होने से ‘अखिल भारतीय दृष्टि’ तो हमें प्राप्त होती ही है. पर, इस वर्ग में आपको ‘अखिल भारतीयता’ की अनुभूति होगी और इससे आपकी ‘अखिल भारतीय दृष्टि’ में व्यापकता भी आएगी.

    भय्याजी जी ने शिक्षण की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा  कि जो सुना उसको समझना, उसका आंकलन होना आवश्यक है. जिसका आंकलन हुआ, उसको मन से स्वीकार करना और जिसको मन से स्वीकृत किया, उसको आचरण में लाना यह आवश्यक है. जीवन में अंतर्बाह्य शुचिता, ध्येय के प्रति प्रतिबद्धता एवं तृतीय वर्ष के बाद जीवन भर सक्रिय रहकर कार्य करना, यही इस शिक्षा वर्ग का सार है.

    सरकार्यवाह जी ने तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के अधिकारियों का परिचय करवाया. समारोह के प्रारंभ में अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह भागय्या जी ने उपस्थित अन्य अधिकारियों का परिचय करवाया. वर्ग में 828 प्रशिक्षार्थी सम्मिलित हुए हैं. वर्ग का समापन 16 जून 2019 को होगा.

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघसंघ शिक्षा वर्ग – तृतीय वर्ष अधिकारी परिचय

    मा. सर्वाधिकारी – अनिरुद्ध जी देशपांडे (अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख)

    कार्यवाह – भारत भूषण जी (दिल्ली प्रान्त कार्यवाह)

    पालक अधिकारी – जगदीश प्रसाद जी (अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख)

    मुख्य शिक्षक – गंगाराजीव जी पांडेय  (प्रांत शारीरिक प्रमुख, महाकौशल प्रांत)

    सह मुख्य शिक्षक – के प्रशांत जी (कन्नूर विभाग प्रचारक, केरल प्रांत)

    बौद्धिक प्रमुख – कृष्णा जी जोशी (प्रांत बौद्धिक प्रमुख, उत्तर कर्नाटक प्रांत)

    सह बौद्धिक प्रमुख – सुरेश कपिल जी (प्रान्त बौद्धिक प्रमुख, हिमाचल प्रांत)

    सेवा प्रमुख – डॉ. उपेंद्र जी कुलकर्णी (पश्चिम क्षेत्र सेवा प्रमुख)

    व्यवस्था प्रमुख – रवींद्र जी मैत्रे (नंदनवन भाग कार्यवाह, नागपुर महानगर)

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