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आपदा पीड़ित क्षेत्रों में राहत लेकर पहुंचे संघ कार्यकर्ता

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देहरादून. (विसंके). उत्तराखंड में जब-जब आपदा आई है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने बढ़-चढक़र भागीदारी की हैं. चाहे संतला देवी मार्ग पर बादल फटा हो अथवा सुदूरवर्ती क्षेत्रों हर समय संघ के कार्यकर्ता सन्नद्ध रहते हैं.

इसी उद्धेश्य से एक संस्था का निर्माण किया गया, जिसे उत्तरांचल दैवी आपदा पीड़ित सहायता समिति नाम दिया गया. इस सीमित के कार्यकर्ताओं द्वारा पीड़ितों के घर जा कर उनकी हरसंभव सेवा का बीड़ा उठाया जाता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्देशन में बनी इस समिति में डी.बी.एस. कालेज के पूर्व भूगोल विभागाध्यक्ष डा. नित्यानंद, महामंत्री नरेश बंसल तथा प्रेम बड़ाकोटी ने भूमिका निभाई.

इस समिति के अध्यक्ष सी.ए. दिनेश गुप्ता हैं और महामंत्री के रूप में मदन सिंह को चुना गया है. अध्यक्ष के ही आवास पर समिति के आपातकालीन बैठक में सुदूरवर्ती आपदा पीड़ित क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्यों की समीक्षा की गई. लगभग तीन दर्जन स्थानों पर चल रहे इन सेवा कार्यों के अलावा समिति ने जिन स्थानों पर बादल फटे हैं, उन क्षेत्रों  में भी सेवा का निर्णय लिया है. इसमें यमकेश्वर ब्लाक के वे चार ग्राम शामिल हैं, जहां बादल फटने से 48 परिवार प्रभावित हुये हैं. उनके लिये भोजन का प्रबंधन समिति की पहली प्राथमिकता है.

समिति के प्रमुख निर्णयों में शीघ्र ही उन स्थानों पर जाकर सेवाकार्य शुरू करना भी है. समिति के कार्यकर्ता इन स्थानों पर जाकर प्रभावित परिवारों को राहत देने की योजना बना चुके हैं. राहत में तात्कालिक रूप से भोजन, वस्त्र तथा दैनिक उपभोग की वस्तुओं के किट्स शामिल हैं.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति त्वरित आपदा सहायता के रूप में प्रति पीड़ित परिवार को दस किलो चावल, दस किलो आटा के अलावा सभी दैनिक उपभोग की वस्तुयें उपलब्ध करायेगी. इसी प्रकार खाना बनाने के बर्तन के साथ-साथ दो-दो कंबल प्रति परिवार वितरित कर दिए गये हैं. इसी प्रकार, मालदेवता से पांच किलोमीटर दूर सरखेत नामक गांव में बांदल नदी की बाढ़ से 11 परिवार बेघर हो गये हैं. उनके खेत और मकान बर्बाद हो गये.

इसी प्रकार, 6 परिवार थत्यूड़ विकास खंड टिहरी के हैं, जिनके खेत-खालिहान पूरी तरह नष्ट हो गये हैं. केवल जन और पशु हानि नहीं हुई है. इसी प्रकार, गत दिनों हुए ज्वालपागांव में बादल फटा था, जहां छह व्यक्ति दो महिलायें, दो बालिकायें  और दो पुरूष काल कवलित हुये तथा सोलह अन्य घायल हो गये हैं. समिति ने अगले ही दिन से सेवा कार्य प्रारंभ कर दिया और चार अगस्त तक  पीड़ित परिवारों को भोजन कराया गया. इन पीड़ित परिवारों को भोजन सामग्री के 16 किट्स वितरित किए गये और 33 कंबल तथा 25 साडिय़ां भी वितरित की गईं.

अध्यक्ष दिनेश गुप्ता तथा महामंत्री मदन सिंह का कहना है कि समिति अपने निजी संसाधनों से तथा देशभर  के स्वयंसेवकों से मिलने वाली राहत राशि से सेवा कार्यों में लगी हुई है और जहां भी आपदा आयेगी समिति सेवा कार्य में जुट जायेगी और लोगों को यथासंभव राहत पहुंचाने का प्रयास करेगी.

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