कांवड़ियों को मंदिर में जल चढ़ाने से रोका, विवाद बढ़ने पर किया पथराव Reviewed by Momizat on . चार दरवाजा लक्ष्मीनारायण पुरी के पास स्थित शिव मंदिर में कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पथराव किया और कांवड़ियों को पीटा. इन असामाजिक तत् चार दरवाजा लक्ष्मीनारायण पुरी के पास स्थित शिव मंदिर में कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पथराव किया और कांवड़ियों को पीटा. इन असामाजिक तत् Rating: 0
    You Are Here: Home » कांवड़ियों को मंदिर में जल चढ़ाने से रोका, विवाद बढ़ने पर किया पथराव

    कांवड़ियों को मंदिर में जल चढ़ाने से रोका, विवाद बढ़ने पर किया पथराव

    चार दरवाजा लक्ष्मीनारायण पुरी के पास स्थित शिव मंदिर में कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं पर मुस्लिम समाज के लोगों ने पथराव किया और कांवड़ियों को पीटा. इन असामाजिक तत्वों ने कांवड़ तोड़ दी तथा पवित्र जल गिरा दिया. कांवड़ में उपयोग होने वाले डंडे से कांवड़ियों को पीटा.

    लक्ष्मीनारायण पुरी चार दरवाजा के आसपास का क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य हो गया है और मुस्लिम समाज हिन्दू समाज की धार्मिक गतिविधियों पर अघोषित रोक लगा देता है. यही रविवार को भी हुआ. श्रद्धालु मंदिर में जल चढ़ा रहे थे, इसी दौरान कुछ लोगों ने आकर उन्हें रोक दिया.

    इसी दौरान शाम को चार दरवाजा से कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया. जिसके पश्चात माहौल तनावपूर्ण हो गया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला तथा स्थिति को नियंत्रण में किया.

    जानकारी के अनुसार रविवार शाम गलता जी से कांवड़ ला रहे श्रद्धालुओं की यात्रा जब चार दरवाजा पहुंची तो इस दौरान वहां डीजे और बम-बम भोले के नारों के बीच कुछ अज्ञात लोगों ने कांवड़ यात्रा पर थराव किया. पथराव में कुछ लोगों को चोटें आई हैं. पथराव की घटना के पश्चात श्रद्धालु और स्थानीय लोग आमने सामने आ गए.

    सूचना मिलने पर पुलिस मौंके पर पहुंची तथा घायल हुए लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. इसके साथ ही पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शान्त किया. श्रद्धालु पथराव करने वालों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए. जिसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई. पुलिस व प्रशासन क्षेत्र में शामति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं. साथ ही कांवड़ यात्रा पर पथराव करने वाले अज्ञात लोगों की तलाश भी शुरू कर दी है.

    About The Author

    Number of Entries : 5569

    Leave a Comment

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top