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कोरोना संकट में गरीबों की मदद करने वाली बेटी बनी गुडविल एंबेसडर

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पढ़ाई के लिए जमा पांच लाख रुपये गरीबों की सहायता को खर्च किये

UNADAP – यूनाइटेंड नेशंस एसोसिएशन फॉर डेवलपमेंट एंड पीस ने की घोषणा

तमिलनाडु. अपनी पढ़ाई के लिये जमा राशि को लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की सहायता में खर्च करने वाली 13 वर्षीय छात्रा को गुडविल एंबेसडर टू द पुअर नियुक्त किया गया है. मदुरै की रहने वाली 13 वर्षीय एम नेत्रा छात्रा को यूनाइटेंड नेशंस एसोसिएशन फॉर डेवलपमेंट एंड पीस ने गुडविल एंबेसडर बनाया है. नेत्रा के परिवार के इस प्रयास की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात कार्यक्रम में प्रशंसा की थी.

नेत्रा के पिता सी मोहन ने कहा कि हम इस समाचार को सुनकर वास्तव में प्रसन्न हैं. किडिक्सन छात्रवृत्ति ने नेत्रा को 1,00,000 रुपये की छात्रवृत्ति राशि से सम्मानित किया है. हमारा छोटा सा परिवार साधारण परिवार है. उस प्रकार के सम्मान की हमें आशा नहीं थी.

सी मोहन का परिवार तमिलनाडु के मदुरै में रहता है, मोहन एक सैलून के मालिक हैं. UNADAP ने नेत्रा के नाम की घोषणा करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) सम्मेलनों और सिविल सोसायटी मंचों और सम्मेलनों में उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा.

UNADAP की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह स्थिति उसे दुनिया के नेताओं, शिक्षाविदों, राजनेताओं और नागरिकों से बात करने का अवसर और जिम्मेदारी देगी, जिससे गरीब लोगों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.

मोहन की बेटी ने अपनी पढ़ाई के लिए जमा राशि से पांच लाख रुपये लॉकडाउन में गरीबों को भोजन उपलब्ध करवाने में खर्च किए थे. नेत्रा ने संकट के समय गरीबों की सहायता के लिए परिवार को तैयार किया था. मोहन ने कहा कि प्रारंभ में कुछ लोगों को राशन किट उपलब्ध करवाई थी, अन्य लोगों को पता लगने पर वे भी सहायता के लिये आने लगे. बेटी की पढ़ाई व विवाह के लिये जमा पांच लाख रुपए की राशि गरीबों की सहायता में खर्च कर दी. ईश्वर की कृपा से मैं दोबारा पैसे कमा लूंगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में सी मोहन के बारे में जानकारी दी थी. उनकी तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि था कि इस संकट में वह कैसे जरुरतमंदों की मदद कर रहे हैं.

देश में कोरोना वायरस से जंग के तहत लॉकडाउन का पांचवा चरण चल रहा है. इससे पहले के सभी चरणों में जरुरतमंद लोगों की सहायता के लिए समाज के हर वर्ग के लोग सामने आए थे.

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