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टिकटॉक को पसंद नहीं चीन का विरोध, प्रोफाइल बर्खास्त

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जयपुर. चायनीज एप टिकटॉक की सच्चाई अब दुनिया के सामने आने लगी है. युवाओं के साथ बालक- बालिकाएं भी टिकटॉक के मायाजाल में तेजी से फंसते जा रहे हैं. टिकटॉक अपने चायनीज एजेंडे पर काम कर रहा है. एक तरफ यह भारत में लोगों को भ्रमित कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ चीन के खिलाफ किसी भी प्रकार की नकारात्मक और व्यंग्यात्मक टिप्पणी करने वालों के टिकटॉक अकाउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं. हालांकि यह भी सत्य है कि भारत में टिकटॉक का ग्राफ अब तेजी नीचे जा रहा है. वीडियो बनाने के चक्कर में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. टिकटॉक पर जारी वीडियो को लेकर देश में आपसी विवाद की खबरें निरंतर सामने आ रही हैं. टिकटॉक पर स्टंट करते हुए वीडियो शूट करने के दौरान पिछले दिनों उत्तरप्रदेश में भी पांच युवक नदी में बह गए थे. दौसा में पिछले दिनों एक किशोर ने वीडियो बनाने के चक्कर में अपनी जान दे दी. टिकटॉक ने भारत- चीन सीमा विवाद को लेकर चीन पर टिप्पणी करने वाली नजमा आप्पा का अकाउंट ही हटा दिया है. कोरोना के भ्रमित करने वाले समाचार फैलाने में भी टिकटॉक की बड़ी भूमिका रही.

बीते दिनों चीन के विरोध में वीडियो अपलोड किए जाने पर प्रोफाइल बर्खास्त करने के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसा वाकया हुआ – मशहूर यूट्यूबर सलोनी गौड़ नजमा के साथ. हंसने पर मजबूर कर लोगों का एंटरटेन भी करने वाली सलोनी का नजमा आपी वाला पात्र लोगों का बहुत पसंद आता है. लेकिन उसके द्वारा चीन पर बनाया गया एक फनी वीडियो टिकटॉक को पंसद नहीं आया और जिसे उसने हटा दिया. इस वीडियो में उन्होंने चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद पर चुटकी ली. इसके साथ उन्होंने वीडियो में कोरोना वायरस और टिकटॉक पर भी टांग खींची. इसके बाद सलोनी का वीडियो टिकटॉक ने हटा दिया. वीडियो हटने के बाद सलोनी ने ट्वीट कर लिखा कि टिकटॉक ने मेरा वीडियो हटा दिया क्योंकि उसमें चीन का उपहास उड़ाया गया था. चीन जैसा देश है, वैसा ही ऐप है. जहां कुछ भी बोलने की स्वतंत्रता ही नहीं है.

राजस्थान के दौसा में स्टंट करना एक किशोर को भारी पड़ गया, वह स्टंट करने के दौरान ही अपनी जान गंवा बैठा. आठवी कक्षा में अध्ययनरत मृतक किशोर चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था. परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है. दौसा जिला मुख्यालय पर यह घटना दरवाजापाडा मोहल्ले में हुई. टिकटॉक पर वीडियो बनाने का शौकीन 15 वर्षीय किशोर विक्रम महावर घर के एक कमरे में फंदा लटकाकर उससे स्टंट करने का प्रयास कर रहा था. संतुलन बिगड़ने से फंदा विक्रम के गले में बुरी- तरह फंस गया, इससे उसकी मौत हो गई. काफी देर बाद परिजन पहुंचे तो विक्रम फंदे से लटका मिला. उसे जिला अस्पताल पहुंचाया तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

विक्रम के पिता शंकरलाल ने बताया कि उसका बेटा टिकटॉक पर वीडियो बनाने व मोबाइल पर गेम खेलने का शौकीन था. उसे कई बार खतरनाक स्टंट करते देख समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह नहीं माना और वीडियो बनाकर टिकटॉक पर अपलोड करता रहा. लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद होने से वह दिनभर मोबाइल पर गेम खेलने व वीडियो बनाने में ही लगा रहता था. पुलिस मामले में की जांच में जुटी हुई है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मद्रास उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर टिकटॉक को प्रतिबंधित कर दिया था. इस याचिका में कहा गया था कि इस मोबाइल ऐप पर अश्लील सामग्री अपलोड की जा रही है. बहरहाल, न्यायालय ने इस पर से सशर्त प्रतिबंध हटा लिया था. दुर्घटनाओं के अनेकों मामले सामने आने के बाद सरकार को टिकटॉक पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा देना चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.

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