तपन मिश्र को नारद सम्मान – सत्य व भेदभाव शून्य खबरें देना पत्रकार का धर्म Reviewed by Momizat on . भुवनेश्वर (विसंकें). विश्व संवाद केन्द्र ओड़िशा द्वारा वर्ष 2018 के नारद सम्मान से वरिष्ठ पत्रकार तपन मिश्र को सम्मानित किया गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके भुवनेश्वर (विसंकें). विश्व संवाद केन्द्र ओड़िशा द्वारा वर्ष 2018 के नारद सम्मान से वरिष्ठ पत्रकार तपन मिश्र को सम्मानित किया गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके Rating: 0
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    तपन मिश्र को नारद सम्मान – सत्य व भेदभाव शून्य खबरें देना पत्रकार का धर्म

    भुवनेश्वर (विसंकें). विश्व संवाद केन्द्र ओड़िशा द्वारा वर्ष 2018 के नारद सम्मान से वरिष्ठ पत्रकार तपन मिश्र को सम्मानित किया गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के मद्देनजर तपन जी को 16वाँ नारद सम्मान प्रदान किया गया. पुरस्कार के तौर पर 10 हजार रूपये, श्रीफल, स्मारक, प्रशस्ति पत्र और अंग वस्त्र भेंट किया गया. स्थानीय जयदेव भवन में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर के पूर्व निदेशक प्रो. डॉ. अशोक कुमार महापात्र जी मुख्य अतिथि, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने जी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे.

    मुख्य अतिथि डॉ. अशोक महापात्र जी ने कहा कि आजकल समाज में नकारात्मक खबरों का बोलबाला अधिक देखा जा रहा है, मगर सकारात्मक खबरों का प्रभाव सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है. आमतौर पर सकारात्मक खबरें अखबार के किसी एक कोने में छाप दी जाती हैं और नेगेटिव खबरें हेड लाईन बनती हैं. पत्रकारों को चाहिए कि वे भले नकारात्मक तथ्य सामने लाएं, साथ ही सकारात्मक खबरों को भी उतनी ही कवरेज मिलनी चाहिए. इससे समाज का स्वास्थ्य सुधरता है. उन्होंने कहा कि चिकित्सक होने के नाते मेरा तो यही मानना है कि समाज का स्वास्थ्य सुधारना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इस कार्य में पत्रकार महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.

    मुख्य वक्ता जगदीश उपासने जी ने कहा कि राष्ट्र गठन में पत्रकारों की अहम भूमिका होती है. लेकिन पश्चिमी संस्कृति में जो नेशन की अवधारणा है, वह भारतीय संस्कृति के राष्ट्र की अवधारणा से अलग है. हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है. समाज में व्याप्त नकारात्मकता के वातावऱण को दूर कर सकारात्मक वातावरण निर्माण करने में अखबारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. आजकल देखा जा रहा है कि एक एजेंडे के तहत अखबारों में खबरें चलती हैं और लोगों की धारणा भी उसी के अनुरुप बनती-बिगड़ती है. पहले संपादक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत खबरों का सटीक चयन करते थे. बाद में अखबार मालिकों का हस्तक्षेप बढ़ा और अब तो कोई तीसरी ताकत अखबारों के लिए एजेंडा सेट करती है. सब कुछ एजेंडा के तहत होता है. एक राष्ट्र के लिए यह स्थिति शुभकारी नहीं है. उन्होंने पत्रकार बंधुओं से आग्रह किया कि वे अपनी वृत्ति में आने वाली बाधाओं को दर किनार करते हुए समाज कल्याण को ध्यान में ऱखकर सत्य निष्ठ खबरों पर ध्यान केन्द्रित करें. सत्य व भेदभाव शून्य खबरें देना पत्रकार का धर्म है. विश्व संवाद केन्द्र के अध्यक्ष डॉ. निरंजन जी ने सभा की अध्यक्षता की और संपादक सुमन्त पंडा जी ने वार्षिक विवरण रखा. चिन्मय बोड़े जी ने संचालन का उत्तरदायित्व संभाला.

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