करंट टॉपिक्स


Warning: sprintf(): Too few arguments in /home/sandvskbhar21/public_html/wp-content/themes/newsreaders/assets/lib/breadcrumbs/breadcrumbs.php on line 252

नव वर्ष में सैनिकों के सम्मान और बेहतरी के लिए संकल्पबद्ध हो समाज – इंद्रेश कुमार

Spread the love

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें देश के जांबाज सैनिकों के सम्मान और बेहतरी के लिए सदैव संकल्पबद्ध रहना चाहिए. भारतीय नववर्ष संपूर्ण प्रकृति में नई चेतना के आने का सूचक है. हमारे धर्म ग्रंथ बताते हैं कि इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी. इसी दिन ऋतुओं का आगमन हुआ और सुसंस्कृत मानव समाज की रचना हुई थी. इसलिए आज का दिन केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व एवं मानव जाति के लिए बड़े ही महत्व का दिन है. वे पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद में यमुना के सूरघाट पर संस्कार भारती द्वारा आयोजित विक्रम संवत 2076 के अभिनंदन समारोह में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह दिन पूरे विश्व के लिए एकता एवं भाईचारे की नई दिशा तय करने के लिए भी बेहत उपयुक्त है.

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी ने भारतीय संस्कृति को उदय और पाश्चात्य संस्कृति को अंधकार का प्रतीक करार दिया. उन्होंने कहा कि अनंत काल से अटूट चट्टान की तरह अडिग भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि हम सूर्योदय के साथ नववर्ष की शुरुआत करते हैं.

विजय शंकर तिवारी ने कहा कि अंग्रेजी नव वर्ष का आरंभ रात्रि 12 बजे तामसिक मनोभाव के साथ होता है, जबकि हिन्दू नववर्ष सूर्य देवता की पहली किरण के साथ प्रात: की बेला में सात्विक मनोभाव के साथ मनाया जाता है. इसलिए अगर दुनिया को सात्विकता की तरफ ले जाना है तो भारतीय जीवन मूल्यों में आस्था व विश्वास को बढ़ाना जरूरी है.

प्रख्यात गायक जगदीश भारद्वाज और अरुण दूबे के मधुर संगीत, वैदिक मंत्रोच्चार तथा ढोल, नगाड़े, झांझ-मंजीरे, शंख के लयबद्ध नाद के मध्य उपस्थित अपार जनसमूह ने नूतन वर्ष के सूर्य की प्रथम किरण का स्वागत अर्घ्य देकर किया. इस अवसर पर मोहिनीअट्टम की प्रसिद्ध नृत्यांगना जयप्रभा मेनन ने अपनी शिष्याओं के साथ मनोहारी नृत्य की प्रस्तुति की. विख्यात कवियत्री डॉ. कीर्ति काले ने नव वर्ष का स्वागत कविता पाठ से कियाय कार्यक्रम परिसर में अनेकों स्थानों पर रंगोली सजायी गयी थी और मंच के सम्मुख जलते दीपों से लिखा गया नव संवत 2076 कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहा था.

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *