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पत्रकारिता में मूल्यों को अक्षुण्ण रखना बड़ी चुनौती- भैय्याजी

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Deep Prajjwalanनई दिल्ली. वैचारिक, ध्येयनिष्ठ जीवन और मूल्य आधारित पत्रकारिता को बचाना आज सबसे बड़ी चुनौती है. इस मुख्य प्रवाह को शुद्ध रखने का काम स्वदेश, तरुण भारत, हिन्दुस्थान समाजार एजेंसी जैसे समाचार संस्थान कर रहे हैं. इसी कार्य को लेकर श्रीकांत जोशी ने अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया. यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेश भैय्या जी जोशी ने स्वदेश द्वारा प्रकाशित पुस्तक “श्रीकांत जोशी ध्येयनिष्ठ जीवन” के विमोचन समारोह में कही.

पुस्तक का विमोचन करते हुये श्री जोशी जी ने श्रीकांत जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये उन्हें ऐसा कर्मयोगी बताया जिसने जीवन पर्यन्त देश और समाज के लिये ध्येयनिष्ठ जीवन जिया. भैय्या जी ने श्रीकांत जी के अनछुए पहलुओं को उजाकर करते हुये कहा कि उन्होंने जीवनभर संघ की चुनौतियों को स्वीकारा. हर काम को सहजता के साथ निपटाने की उनमें महारत हासिल थी. किसी भी काम को हाथ में लेते थे तो उसे पूरा करके ही छोड़ते थे. श्री भैय्या जी ने श्रीकांत जी के जीवन के कमलपुष्प के समान बताया. उनका जीवन ऐसा था जिससे हम सभी प्रेरणा ले सकते थे. उन्होंने कहा कि उनमें काम करने की दृढ़ इच्छा शक्ति थी, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानना, यह गुण तो जैसे उनमें कूट-कूट कर भरा था. आरंभ के समय संघ में प्रचारक बने फिर उत्तर-पूर्वी राज्यों में कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने का व्रत लिया. वे लंबे समय तक साधना और तपस्या करते रहे. असम में संघ का प्रचार-प्रसार का कार्य संभाला. वहां की भाषा जानी, संस्कृति व सभ्यता में रम गये और कठोर साधना में लीन रहे. उन्होंने जिस कार्य को अपने हाथ में लिया, उसे पूरी मेहनत से किया. उन्होंने राष्ट्रवादी पत्रकारिता को जीवंत बनाने के लिये स्वदेश जैसे समाचार पत्र को खड़ा किया. उन्होंने मृत प्राय हो चुकी समाचार एजेंसी को पुनः जीवंत करने का काम किया, उन्होंने समाज जागरण के लिये जमीनी स्तर पर काम किया व लिप्त होकर भी अलिप्त रहे, उन्होंने सामाजिक जीवन में काम किया, उनके समर्पण से ऊर्जा प्राप्त होती है. स्वदेश ने विपरीत परिस्थितियों में राष्ट्रवादी पत्रकारिता की चुनौती को स्वीकार किया. वर्तमान में ऐसे भी समाचार पत्र हैं, जो राष्ट्रवाद की अलख को जगाये हुये हैं. निश्चित रूप से व्यवसाय के दौर में राष्ट्रवादी पत्रकारिता का रास्ता कठिन है. कई चुनौतियां भी सामने आईं हैं. इनसे जूझते हुये आगे बढ़ने के लिये स्वदेश प्रबंधन बधाई का पात्र है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी पत्रकारिता करने वाले को विचलित हे की जरूरत नहीं है. जब हिन्दुस्थान समाचार, समाचार एजेंसी के पुनरुत्थान की बात आई तो इस कार्य कि लिये खुद आगे आये और 13 साल तक संघर्ष कर ऐसा अद्भुत उदाहरण पेश कर गये कि हम सभी को प्रेरणा मिलती रहेगी.

Vimochan Samarohकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर उपस्थित थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के उत्तर क्षेत्र के संघचालक डॉ. बजरंगलाल गुप्ता ने की. इस अवसर पर मध्यभारत के प्रांत सहकार्यवाह श्री यशवंत इंदापुरकर, बहुभाषी संवाद समिति के अध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर त्रिखा, स्वदेश के समूह संपादक श्री अतुल तारे व दिल्ली ब्यूरो प्रमुख श्री राकेश शर्मा एवं हिन्दुस्थान समाचार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनिरुद्ध शर्मा मंचासीन थे.

उत्तर क्षेत्र के संघचालक बजरंगलाल गुप्त ने श्रीकांत जी के जीवन को ध्येयनिष्ठ जीवन बताते हुये कहा कि उनका जीवन सही मायने में निष्काम कर्मयोगी की तरह था. वे प्रचारक थे इसलिये कठिन साधक होना कोई बड़ी बात नहीं लेकिन कठिन परिस्थियों में सहज बने रहना उनको उदात्त गुण था. बड़ी-बड़ी बातों को सहजता के साथ हल कर लेना उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी. कार्यकर्ताओं की भावनाओं की चिंता करना एवं संगठन के पदाधिकारियों का मान रखना यह काम स्व श्री जोशी अद्भुत तरीके से करते थे. डॉ. गुप्ता ने कहा कि वे एक श्रेष्ठ प्रचारक थे. संघ प्रचारक ध्येयनिष्ठ ही होता है और वे आजीवन अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे.

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने अपने वीडियो सन्देश में कहा कि श्रीकांत जी जोशी कर्मनिष्ठ जीवन की मिसाल थे, उन्होंने अपना पूरा जीवन श्रेष्ठ पत्रकारिता स्थापित करने में लगा दिया. उन्होंने बताया की श्रीकांत जोशी जी की कर्मभूमि महाराष्ट्र भी रही जहां उनसे निकट से सीखने-समझने का मौका मिला. श्री जावड़ेकर ने स्वदेश को श्रीकांत जी के जीवन पर आधारित पुस्तक के प्रकाशन करने के लिये बधाई दी.

कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर केन्द्रीय इस्पात, खनन, श्रम व रोजगार मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि श्रीकांत जी का जीवन उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के कारण आकर्षणमय था. तोमर ने कहा कि वे खुद उनके जीवन और उदात्त मूल्यों से प्रेरित रहते थे और हर मुलाकात में असम की दशा, विदेशियों की घुसपैठ, शरणार्थियों के बारे में चिंतन करते थे. नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि ध्येय निष्ठ श्रीकांत जोशी का अनेक लोगों से जीवंत संपर्क था मेरा भी संघ के वरिष्ठ प्रचारक के नाते उनसे सम्पर्क हुआ. उनका व्यक्तित्व और कृतित्व ऐसा था जो भी उनसे मिलता था तो वह उन से प्रभावित हुये बिना नहीं रह सकता है. उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली उसका निर्वाह सफलता के साथ किया. प्रचार माध्यम को राष्ट्रीयता और समाज सुधार की दिशा में बढ़ाने की उनकी मुख्य भूमिका रही, चाहे स्वदेश या अन्य परिवार से जुड़े अखबार, निर्जीव हो चुकी समाचार एजेंसी को आगे बढ़ाने का काम किया. आज प्रसन्नता है कि स्वदेश यह महान कार्य कर रहा है.

श्रीकांत जोशी ध्येयनिष्ठ जीवन पुस्तक के विषय में स्वदेश के समूह संपादक श्री अतुल तारे ने कहा कि श्रीकांत जोशी का जीवन समर्पण परिश्रम एवं जीवन की त्रिवेणी है. उनके कर्मत्व को एक ग्रंथ में समाहित करना असंभव है, यह प्रयास कार्य सिद्धि के लिये प्रेरणा एवं ऊर्जा देता है. श्री तारे ने कहा कि स्वदेश राष्ट्रीय विचारों का जनतर्क है. स्वदेश की यात्रा 1948 से लखनऊ से प्रारंभ हुई 1966 में इंदौर से इसका पुनः प्रकाशन प्रारंभ हुआ, जो आज तक अखंड है. इससे पहले हिन्दुस्थान समाचार के कार्यकारी अधिकारी अनिरुद्ध शर्मा ने समाचार एजेंसी के प्रारंभ से अब तक के सफर के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला.

कार्यक्रम में हिन्दुस्थान समाचार के संरक्षक लक्ष्मीकांत भाला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य मधुभाई कुलकर्णी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सांसद प्रभात झा, दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अभय महाजन, ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री, दिनकर सबनीस, सांसद एवं भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी, सूर्या रोशनी के चेयरमेन जयप्रकाश अग्रवाल, टीटी लिमिटेड के चेयरमेन रिखब चंद्र जैन, बाबा रामदेव के प्रवक्ता एस के गुप्ता, सुदर्शन टीवी के चेयरमेन सुरेश चौहान, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधांशु मित्तल, माखन सिंह चौहान, पाञ्चजन्य के प्रबंध संचालक विजय कुमार, विहिप के दिल्ली मीडिया प्रमुख विनोद बंसल, भाजपा के पूर्व संगठन महामंत्री संजय जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सचिदानंद जोशी, संस्कार भारती के संगठन मंत्री बांकेलाल जी वरिष्ठ पत्रकार बलदेव भाई शर्मा (दिल्ली), सुनील पावगी (लखनऊ), देवश्री माली (ग्वालियर), संजीव पांडे (चंडीगढ़), शक्तिसिंह परमार, भाजपा नेता धीरसिंह तोमर, ओ, एन शर्मा, सहित सांसद, विधायक एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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