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पालघर – साधुओं की हत्या के षड्यंत्र की हो जांच, जूना अखाड़े ने की सख्त कार्रवाई की मांग

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पालघर (विसंकें). महाराष्ट्र के पालघर जिले में गडचिंचले गाँव में, गुरूवार, 16 अप्रैल की रात को जूना अखाड़े के दो साधू और उनके ड्राइवर की 250-300 लोगों की भीड़ ने हमला किया. भीड़ ने पीट-पीटकर तीनों की हत्या कर दी. इस नृशंस घटना के कुछ वीडियो वायरल हुए. घटना की बर्बरता देख हिन्दू समाज में आक्रोश फैल रहा है. सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है. मामले में 101 को गिरफ्तार किया, इसके अलावा 9 नाबालिगों को भी बालगृह में भेजा है. वाराणसी के श्री दश पंचनाम जूना अखाड़े ने घटना की कड़ी निंदा की है. संत समाज ने भी घटना पर रोष जताया.

गुरूवार रात को अपने गुरु स्व. महंत रामगिरी जी की अंत्येष्टि के लिए मुंबई से सूरत जा रहे वाराणसी जूना आखाडा के महंत कल्पवृक्ष गिरी जी (७०) और महंत सुशीलगिरी जी (३५) तथा उनके ड्राइवर निलेश तेलगडे पर डाभाड़ी में एक भीड़ ने घेरकर पथराव कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें अपनी सुरक्षा में ले लिया, लेकिन भीड़ ने पुलिस को भी घेर लिया और तीनों की लाठियों-डंडों से पीटकर हत्या कर दी. पैसे व आभूषण भी लूट लिए.

साधुओं की हत्या के मामले में 101 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, इसके अलावा 9 नाबालिग आरोपियों को बालगृह में भेजा गया है. गिरफ्तार आरोपियों को डहाणू, तलासरी और कासा में रखा गया है. गिरफ्तार लोगों में से कुछ मार्क्सवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी बताए जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि उनके भड़काने पर ही भीड़ ने पुलिस को घेरा और तीनों की हत्या की. मामले में जयराम धाक भावर, महेश रावते, गणेश राव, रामदास असारे, सुनील रावते को भी गिरफ्तार किया है.

बता दें कि, अनेक वर्षों से इन क्षेत्रों में ईसाई मिशनरी द्वारा धर्मं परिवर्तन का कार्य भी जारी है. वनवासी समाज के मन में विषय घोलने का क्रम चल रहा है. मिशनरी से प्रेरित ‘कष्टकरी संगठन’ तथा वामपंथी संगठन ‘आदिवासी विकास परिषद’ का क्षेत्र में काफी प्रभाव है. इन संगठनों द्वारा कुछ लोगों को बचाने का प्रयास भी किया जा रहा है.

श्री दश पंचनाम जूना अखाड़ा ने घटना की निंदा की

वाराणसी के श्री दश पंचनाम जूना अखाड़ा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. पत्र में कहा गया कि घटना से जूना अखाड़े के संतों में काफी आक्रोश है. अगर तीनों लोग पुलिस कस्टडी में थे तो पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए हवा में फायरिंग क्यों नहीं की. जूना अखाड़े ने मांग की कि घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए.

साधुओं की हत्या के पीछे बड़ा षड्यंत्र – विहिप

विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने साधुओं की हत्या पर तीव्र रोष व्यक्त करते हुए इसके पीछे षड्यंत्र होने की आशंका जताई. महाराष्ट्र को पूज्य संतों के सम्मान और सुरक्षा का गौरव प्राप्त है. पालघर में वामपंथी गतिविधियाँ जोरशोर से चल रहीं है. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर हत्यारों को कठोरतम शिक्षा दी जाए.

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि साधु सन्यासी सदैव निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में रत रहते हैं. पालघर में जूना अखाड़ा के साधुओं की निर्मम हत्या एक निंदनीय एवं अक्षम्य अपराध है. इस पर तुरंत आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिये.

गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पालघर, महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के सन्तों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी,  स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के सम्बन्ध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जी से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया.

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि सन्यासी परमार्थ की प्रतिमूर्ति होता है. सन्यासी होने का अर्थ धरा-जल-अम्बर, अग्नि, पवन, प्रकाश की भाँति जीना है और द्वेषभाव बिना सर्वत्र ईश्वर को देखना है. पालघर मॉब लिंचिग में संतों की हत्या से अति-आहत व स्तब्ध हूँ. हत्यारों को कठोर डंड दिया जाये एवं तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महाराष्ट्र सरकार से यह अपेक्षा करता है कि इस पूरे षड्यंत्र को उजागर करते हुए वास्तविक दोषियों को गिरफ्तार कर यथोचित दंड सुनिश्चित करे.

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