प. बंगाल – हावड़ा में लॉकडाउन का पालन करवाने गई पुलिस पर हमला, लात-घुसे, पत्थर बरसाए Reviewed by Momizat on . कोलकत्ता. पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. लॉकडाउन के निर्देशों की पालना के लिए गई पुलिस व आरएएफ टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया, ला कोलकत्ता. पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. लॉकडाउन के निर्देशों की पालना के लिए गई पुलिस व आरएएफ टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया, ला Rating: 0
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    प. बंगाल – हावड़ा में लॉकडाउन का पालन करवाने गई पुलिस पर हमला, लात-घुसे, पत्थर बरसाए

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    कोलकत्ता. पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. लॉकडाउन के निर्देशों की पालना के लिए गई पुलिस व आरएएफ टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया, लात घुसे बरसाए, पथराव किया. हावड़ा के टिकियापाड़ा में मंगलवार को भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया. पुलिस लोगों को लॉकडाउन के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रही थी. लेकिन लोग नहीं माने और पुलिस पर पत्थर फेंकने लगे. हमले में कई कर्मी घायल हुए हैं.

    घटना के पश्चात पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि हम आज हावड़ा के टिकियापाड़ा की घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं. अपराधियों की पहचान की जाएगी और उन्हें दंडित किया जाएगा. कहीं भी कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    टिकियापाड़ा जैसी घटनाएं आम

    टिकियापाड़ा में पुलिस पर हुआ हमला राज्य के लिए कोई नई घटना नहीं है. अभी कुछ दिन पहले आसनसोल के जमुरिया में मुस्लिमों ने आइसोलेशन वार्ड बनाने का विरोध किया था. स्थानीय लोगों की मेडिकल टेस्टिंग न हो उसे लेकर खूब हाय तौबा काटा. जब पुलिस ने इस विरोध को दबाने का प्रयास किया तो जमात के उन्मादियों ने उपस्थित पुलिस बल पर बमबारी शुरू कर दी. इस हमले में 27 पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे, तो पुलिस स्टेशन के कर्मी सौरभ कुमार घोष को जमात के लोगों ने पकड़ लिया था और उनकी पिटाई करते हुए दोनों पैर तोड़ दिए थे.

    सामान्य नहीं हावड़ा की घटना

    हावड़ा और आसनसोल में अराजकता की घटनाएं साधारण नहीं हैं. हावड़ा राज्य का ऐसा जिला है जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसी संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने इस क्षेत्र को “नियन्त्रण जोन” घोषित किया है और यहां धारा 144 लागू है. इस सबके बावजूद पुलिस बल पर जो हमला हुआ वह सिद्ध करता है कि पश्चिम बंगाल में जमात इतनी ताकतवर है कि वह पुलिस को भी कुछ नहीं समझती. इस इलाके में समय-समय पर पुलिस बल पर हमले हो चुके हैं. लेकिन राज्य के शासन और प्रशासन ने कोई सीख नहीं ली, न ही अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की. लिहाजा समय के साथ-साथ इनके हौसले बुलंद होते गए.

    एक सप्ताह पहले ही पश्चिम-बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के मुस्लिम बहुल क्षेत्र राजाबाजार में स्वयं जाकर लॉकडाउन के कारण हो रही असुविधा के लिए मुस्लिमों से माफ़ी मांगती नजर आई थीं. ममता के लचर रवैये को पहचानने के बाद तो राज्य में जमात के हौसले सातवें आसमान में पहुँच गए. जिसकी झलक हावड़ा में दिखाई दी.

    मंगलवार के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 28 नए केस मिले हैं और मरीजों का कुल आंकड़ा 522 हो चुका है. वहीं पिछले 24 घंटे में 1180 कोरोना टेस्ट हुए हैं. अब तक 13,223 की जांच हुई है. कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना जिले अभी भी रेड जोन में बने हुए हैं. राज्य में 5388 लोग क्वारेंटाइन में रखे गए हैं. 227 कंटेंनमेंट जोन के साथ पश्चिम बंगाल में कोलकाता कोरोना केंद्र बना हुआ है.

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