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    बापट जी ने सिद्धान्तों को आचरण का हिस्सा बनाया – भय्याजी जोशी

    बिलासपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने कहा कि बापट जी सिद्धान्तों को जीवन का हिस्सा मानकर चलते थे. उन्होंने सिद्धान्तों को केवल शब्दों में नहीं रहने दिया, बल्कि उसका अपने जीवनपर्यन्त पालन किया. सरकार्यवाह पद्मश्री दामोदर गणेश बापट जी की श्रंद्धाजलि सभा में बोल रहे थे. श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सोमवार को दयालबंद स्थित महाराजा रणजीत सिंह सभागार में भारतीय कुष्ठ निवारण संघ, कात्रे नगर चांपा ने किया था.

    भय्याजी जोशी ने बापट जी का स्मरण करते हुए कहा कि साधना के मार्ग पर चलते हुए बापट जी को प्रेरणा मिली. कुष्ठरोगी स्वाभिमान और सम्मान से जीवन जीएं, इसके लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए, बापट जी ने इस मार्ग को प्रशस्त किया. ऐसे रोग से पीड़ित व्यक्ति को अपमानित जीवन का आभास न हो, इस बात का समाज को ध्यान रखना चाहिए. बापट जी के मन में समाज की एकात्मता का भाव था. वे सामाजिक कार्य के लिए पूर्णतः समर्पित थे तथा हर बाधा में एक रास्ता देखते थे. उन्होंने कुष्ठ रोगियों के जीवन को सम्मानजनक बनाने के लिए स्वावलंबन का रास्ता बनाया.

    इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की सह सरकार्यवाहिका सुलभा ताई देशपांडे ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बालिकाओं की शिक्षा के लिए बापट जी ने बहुत सघन प्रयास किया. बिलासपुर में स्थित तेजस्विनी बालिका छात्रावास उन्हीं की देन है. उन्होंने बापट जी को समर्पित करते हुए एक गीत का भी गान किया साथ ही उन्होंने राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका वंदनीय प्रमिला ताई मेढे जी का शोक पत्र भी पढ़ा.

    मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते जी ने बापट जी को याद करते हुए कहा कि कुष्ठ रोग का नाम सुनकर लोगों का मन कांप जाता है. लेकिन बापट जी जैसे महान व्यक्तित्व ने इसे ईश्वरीय कार्य माना और उन्हें हर मुश्किलों से निकालने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया. उन्होंने बापट जो को रामकृष्ण परमहंस का अवतार बताया.

    सक्षम के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. कमलेश जी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापट जी मानवता के अभूतपूर्व उदाहरण थे. उन्होंने एक जीवन, एक ध्येय रखकर जीवन जिया. बापट जी के जीवन का हर एक क्षण प्रेरणा का स्रोत है.

    श्रद्धाजलि सभा में महामहीम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढे, कुष्ठ निवारक केंद्र आनंदवन महाराष्ट्र के प्रमुख विकास आम्टे व विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत जी का श्रद्धांजलि संदेश सुप्रिया जी ने पढ़ा.

    कार्यक्रम की प्रस्तावना भारतीय कुष्ठ निवारक संघ चांपा के सचिव सुधीर देव जी ने प्रस्तुत की. कार्यक्रम का संचालन बृजेन्द्र शुक्ल जी ने किया.

    इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख शिवराम समदरिया जी, संपर्क प्रमुख अनिल जी, प्रान्त संघ चालक बिसराराम यादव जी, प्रान्त सह संघचालक डॉ. पूर्णेन्द्रू सक्सेना जी, सहित मातृ शक्ति व गणमान्य नागरिकों ने बापट जी को श्रद्धांजलि अर्पित की.

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