बालाकोट में भारत की कार्रवाई से हुआ बड़ा नुकसान, जैश आतंकी ने स्वीकारा Reviewed by Momizat on . नई दिल्ली. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने भी बालाकोट में हवाई हमले की सच्चाई को स्वीकार किया है. शनिवार 02 मार्च से एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वक्ता यह कह र नई दिल्ली. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने भी बालाकोट में हवाई हमले की सच्चाई को स्वीकार किया है. शनिवार 02 मार्च से एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वक्ता यह कह र Rating: 0
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    बालाकोट में भारत की कार्रवाई से हुआ बड़ा नुकसान, जैश आतंकी ने स्वीकारा

    नई दिल्ली. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने भी बालाकोट में हवाई हमले की सच्चाई को स्वीकार किया है. शनिवार 02 मार्च से एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वक्ता यह कह रहा है कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट स्थित उसके ट्रेनिंग कैम्प को निशाना बनाया गया, जिसमें काफी नुकसान हुआ. आतंकी का यह ऑडियो पाकिस्तान के उस झूठे दावे की पोल खोलता है कि जिसमें कहा गया था – भारतीय वायुसेना के हवाई हमले में सिर्फ कुछ पेड़ ही गिरे थे.

    दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में मौलाना अम्मार की आवाज है, जो जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का भाई है. अधिकारियों ने कहा, ”इस ऑडियो मैसेज को फ्रांस में रहने वाले एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ट्वीट किया है, जिसका सत्यापन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी किया है.” ऑडियो किसी सम्मेलन का हो सकता है. जिसमें आतंकी संबोधित कर रहा है.

    ऑडियो में आतंकी कह रहा है – ‘सीमा पार करते हुए एक इस्लामिक देश में घुसकर और मुस्लिम स्कूलों (मदरसा) में बम से हमला कर दुश्मनों ने जंग का ऐलान कर दिया है. इसीलिए, अब तुम भी अपने हथियार उठाओ और उन्हें दिखा दो कि जिहाद सिर्फ एक बंधन है या एक दायित्व.’

    भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को तड़के सीमापार स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर बड़ा हमला किया था, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए थे. विदेश सचिव विजय गोखले ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया था कि पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के बालाकोट में मौजूद सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर खुफिया सूचनाओं के बाद की गई यह कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि आतंकी संगठन भारत में आत्मघाती हमले करने की साजिश रच रहा था. आतंकी शिविर बालाकोट में घने जंगल में, एक पहाड़ी पर, नागरिक क्षेत्र से दूर था और इसकी देखरेख मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था जो जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का रिश्तेदार था.

    वायु सेना की कार्रवाई से 12 दिन पहले (14 फरवरी) जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली थी.

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