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भारत विश्व सत्ता न बने, इसलिए अंग्रेजों ने विभाजन की साजिश रची – इन्द्रेश कुमार जी

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अखंड भारत संकल्प दिवस

DSC_1398गुजरात (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने कहा कि भारतीयों को आज तक पता ही नहीं है कि मालद्वीव कभी भारत का ही हिस्सा था. विभाजन क्यों हुआ ? यह जानने के लिए फ्लैश बैक में जाना पड़ेगा. वर्ष 1857 की क्रांति को दबाने में कुछ हद तक अंग्रेज सफल हुए थे. वर्ष 1858 में कोलकत्ता में वाइस राय के पीछे लगे  भारत के नक्शे में वर्तमान 15 पड़ोसी देश अखंड भारत का भूभाग थे. भारत की कुल जमीन थी …83 लाख वर्ग किलोमीटर. वर्ष 1857 से 1947 तक चले 90 वर्ष के संग्राम में 3 करोड़ 12 लाख लोगों की हत्याएं अंग्रेजों ने की. प्लेग, हैजे, चेचक जैसी सामूहिक बीमारी का हल न निकाल कर लोगों को बेमौत मरने को छोड़ दिया गया. अंडमान की सेकुलर जेल में काले पानी की सजा प्राप्त स्वतंत्रता सेनानियों को लोहे की जंजीरों में जकड़ लिया जाता, बीमार व अशक्त होने पर कोई ईलाज की व्यवस्था नहीं होती थी. आदमी मरता तो समन्दर में फैंक दिया जाता. देशभक्तों की ऐसी लाशों पर हम आज स्वतंत्र है.

इन्द्रेश कुमार जी आनंद नगर (गुजरात) के डीएन हाई स्कूल के महात्मा गांधी हॉल में 12 अगस्त को अखंड भारत विषय पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वर्ष 1930 में रावी के तट पर तत्कालीन कांग्रेस ने अखंड भारत और पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया, लेकिन कांग्रेस ने 17 वर्षों में ही अपने संकल्प को भुला दिया. देश की जनता से द्रोह कर विभाजन स्वीकार किया. विभाजन में 3 करोड़ से ज्यादा लोग विस्थापित हुए, 10 लाख की हत्याएं और 4 लाख माता बहनों के साथ बलात्कार हुए. वर्ष 1947 में भारत में तीन प्रमुख ताकतें थी. स्वयं अंग्रेज, नेहरु कांग्रेस और जिन्ना की मुस्लिम लीग. चौथी ताकत थी, प्रिंसेस काउंसिल यानि जो स्वतंत्र रजवाड़े थे और उनकी संख्या
DSC_1407562 थी. सरदार पटेल ने प्रिंसेस काउंसिल को एक छत्र  में लाने का अद्भुत  प्रयास किया. जवाहरलाल ने कश्मीर  को विशेष रूप से हेन्डल किया, शेख अब्दुल्ला को पनाह दी, उस समय बहुत बड़ी गलतफहमी थी कि कश्मीर मुस्लिम बहुल था. कश्मीर में आज भी मुस्लिम बहुमत में नहीं है, लेह लद्दाख बौद्ध और शिया पन्थी एवं जम्मू हिन्दू क्षेत्र है.

इन्द्रेश जी ने कहा कि स्वतंत्रता पूर्व राजस्थान में जैसलमेर एवं अमरकोट हिन्दू सत्तायें थीं, दोनों में अनबन थी. अमरकोट ने जैसलमेर जहां जायेगा उनके विरूद्ध जुड़ने की बात कही और अपने  को पाकिस्तान में मिला दिया. हिन्दू बहुल अमरकोट आज पाकिस्तान में सर्वनाश की कगार पर है. अंग्रेजों की सोच भारत स्वतंत्र होने के बाद विश्व सत्ता न बने ऐसी थी. इसी कारण उन्होंने भारत को विभाजित करने में अपनी सर्व शक्ति झोंक दी. अंग्रेजों ने जवाहरलाल नेहरु को अपने अधीन कर लिया, गांधी जी को अलग थलग किया और मुस्लिम लीग को पाकिस्तान का सपना दिखाया, जिसके चलते अंग्रेज अपनी इस योजना में सफल हो गए. स्वतंत्रता के बाद भी भारत का 1 लाख 74 हजार वर्ग किलोमीटर भूभाग पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन, म्यांमार जैसे देशों ने हड़प लिया है.

उन्होंने कहा कि भारत हमारे लिए केवल भूमि नहीं मातृभूमि है. भारत को जमीन का टुकड़ा मानने वाले नेहरु जैसे नेताओं ने भारत का नेतृत्व किया, चीन के हमले पर नेहरु ने कहा “ वहां हिमालय में बर्फ में एक तिनका भी नहीं उगता. भारत के पास 1197 टापू है, 23 400 किलोमीटर अंतर्राष्ट्रीय सीमा है, दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा.  दुनिया में 113 क्रिश्चयन, 72 इस्लामिक देश, 18 बौद्धिज्म को मानने वाले देश हैं, लेकिन एक दूसरे का गला काटते हैं. दुनिया में भारत को सबसे ज्यादा नाम से पुकारा जाता है. हिंदुस्तान, भारतवर्ष, आर्यावर्त, इंडिया, हिन्दु देश. भारत आज विश्व की महासत्ता बनने की दहलीज पर खड़ा है. विदेशी धरती पर भारत माता की जय के नारे लगते हैं. मंचस्थ महानुभवों का परिचय जिला संपर्क प्रमुख डॉ. केशवभाई कमालिया ने कराया. कार्यक्रम में जिला संघचालक मा. हेमंतभाई पटेल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.

 

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