मताधिकार का सही उपयोग, हम सबका कर्तव्य – भय्याजी जोशी Reviewed by Momizat on . लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत भय्याजी जोशी का संदेश निकट भविष्य में भारत में एक बहुत बड़ा लोकतंत्र का प्रयोग होने जा रहा है. लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति का अपना एक लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत भय्याजी जोशी का संदेश निकट भविष्य में भारत में एक बहुत बड़ा लोकतंत्र का प्रयोग होने जा रहा है. लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति का अपना एक Rating: 0
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    मताधिकार का सही उपयोग, हम सबका कर्तव्य – भय्याजी जोशी

    लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत भय्याजी जोशी का संदेश

    निकट भविष्य में भारत में एक बहुत बड़ा लोकतंत्र का प्रयोग होने जा रहा है. लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति का अपना एक महत्व रहता है. संविधान ने अपनी सरकार चुनने का स्वातंत्र्य जनता के हाथ में रखा है और इसीलिए हर 5 वर्षों में होने वाले चुनाव-निर्वाचन अपने समाज की दृष्टि से, देश के दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इसलिए एक मतदाता के नाते, एक देश के नागरिक के नाते हम सब का कर्तव्य बनता है कि हम उस अधिकार का पूर्ण और सही उपयोग करें. देश के संविधान की संरक्षा हो, देश का विकास हो, जनसामान्य शासन की सब प्रकार की सुविधाओं से लाभान्वित होते रहें, विश्व के मंच पर भारत की प्रतिमा गौरवान्वित होती रहे, इस प्रकार के समूह सत्ता में आना यह देश के लिए अत्यंत आवश्यक है. राष्ट्रीय हित में सोचने वाले कौन है, राष्ट्र विरोधी ताकतें कौन सी हैं, यह एक सामान्य जानकार मतदाता के नाते हम सब लोग समझते हैं और इसलिए एक आपका मत देश की दिशा तय करने वाला सिद्ध होने वाला है. इसलिए हम सभी बंधुओं से, सभी मतदाताओं से निवेदन करते हैं कि वह चुनाव के दिन अपने स्वयं का और अपने स्वयं के परिवार का अपने साथियों का 100 प्रतिशत मतदान हो, उस दिशा में हम सब लोगों ने मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है. हमारे मतों के आधार पर चुनकर निर्वाचित होने वाली सरकार देश के हित में श्रेष्ठ कार्य करेगी, इस प्रकार का विश्वास भविष्य में आने वाली सरकार के बारे में भी हम अपेक्षा भी रखेंगे, विश्वास भी रखेंगे. इस प्रकार का एक लोकतंत्र का प्रयोग हम सब इसमें अंतःकरण से सहभागी हों, इसकी आवश्यकता है.

    यह सारी निर्वाचन प्रक्रिया चलेगी, अत्यंत शांत और सौहार्दपूर्ण वातावरण में ही संपन्न हो, इसकी आवश्यकता है. राजनैतिक मत भिन्नता होती है, लोकतंत्र में इसका भी स्वागत है. लेकिन मत भिन्नता यह विद्वेष का, संघर्ष का कारण न बने, इसका भी हम सब लोगों ने ध्यान रखने की आवश्यकता है.

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