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मातृशक्ति को प्रणाम – पहले कोरोना टेस्ट किट तैयार की, फिर बेटी को जन्म दिया

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नई दिल्ली. CoVid19 की जांच के लिए भारत में बनी सस्ती किट बाजार में आ चुकी है. पुणे की मायलैब डिस्कवरी ने 150 किट पुणे, मुंबई, दिल्ली, गोवा और बेंगलुरू में भेजी हैं. इससे जांच रिपोर्ट ढाई घंटे में मिल जाती है, जबकि विदेश से मंगवाई गई किट से रिपोर्ट में 6 से 7 घंटे लगते हैं. भारत सरकार के इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने मायलैब किट को सही ठहराया है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के अधीन काम करती है. आईसीएमआर ने कहा कि मायलैब भारत की इकलौती कंपनी है, जिसकी टेस्टिंग किट के नतीजे 100 प्रतिशत सही हैं.

मायलैब में किट तैयार करने वाली टीम की प्रमुख वैज्ञानिक मीनल भोंसले ने गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक लगातार काम किया. बेटी को जन्म देने से महज एक दिन पहले 18 मार्च को उन्होंने मूल्यांकन के लिए किट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को सौंपी. उसी शाम अस्पताल में भर्ती होने से पूर्व व्यवसायिक अनुमति के लिए फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल अथॉरिटी (सीडीएससीओ) के पास भी प्रस्ताव भेजा. मीनल कहती हैं, ‘इमरजेंसी थी. इसलिए इसे चुनौती के रूप में लिया. मुझे भी अपने देश की सेवा करनी है’

मायलैब के मेडिकल मामलों के निदेशक डॉ. गौतम वानखेड़े ने कहा कि एक सप्ताह में एक लाख किट सप्लाई की जाएंगी. 1200 रुपए की इस किट से 100 सैंपल जांचे जा सकते हैं. यानी एक जांच 12 रु. में. जबकि, विदेश से मंगाई जाने वाली किट 4,500 रुपए में पड़ती है. कहा कि ‘हमारे पास बेहद कम समय था. हमारी साख का भी सवाल था. लेकिन पहली बार में ही सबकुछ ठीक रहा. हमारी कोशिशों का नेतृत्व मीनल कर रही थीं.’

मीनल ने बताया कि, 10 वैज्ञानिकों की उनकी टीम ने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए काफी मेहनत की. अपनी बेटी को जन्म देने से महज एक दिन पहले, 18 मार्च को उन्होंने टेस्टिंग किट की परख के लिए इसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को सौंपा.

दिलचस्प यह है कि इस दौरान मीनल खुद भी एक डेडलाइन का सामना कर रही थीं, बीते सप्ताह उन्होंने बेटी को जन्म दिया है. गर्भावस्था के दौरान ही बीते फरवरी महीने में उन्होंने टेस्टिंग किट प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया था. इस किट को परखने के लिए भेजे जाने से पहले टीम ने इस अलग-अलग मापदंडों पर कई बार जांचा परखा ताकि इसके नतीजे सटीक निकलें.
मीनल भोसले बताती हैं, ‘अगर आपको किसी सैंपल के 10 टेस्ट करने हों तो सभी दसों टेस्ट के नतीजे एक समान होने चाहिए. हमने यह परफेक्शन हासिल कर लिया. हमारी किट परफैक्ट है.’

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