रज्जू भैय्या सैनिक विद्या मंदिर का शिलान्यास समारोह Reviewed by Momizat on . 32 बीघा भूमि पर 40 करोड़ से होगा निर्माण शिकारपुर. राजपाल सिंह जनकल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में जनसहयोग से विद्या भारती, अ.भा. शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध रज्जू 32 बीघा भूमि पर 40 करोड़ से होगा निर्माण शिकारपुर. राजपाल सिंह जनकल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में जनसहयोग से विद्या भारती, अ.भा. शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध रज्जू Rating: 0
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    रज्जू भैय्या सैनिक विद्या मंदिर का शिलान्यास समारोह

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    32 बीघा भूमि पर 40 करोड़ से होगा निर्माण

    शिकारपुर. राजपाल सिंह जनकल्याण सेवा समिति के तत्वाधान में जनसहयोग से विद्या भारती, अ.भा. शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध रज्जू भैय्या सैनिक विद्यालय के निर्माण हेतु खण्डवाया, तहसील शिकारपुर, जनपद बुलन्दशहर (उ.प्र.) में भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया.

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह निकटवर्ती गाँव बनैल (बुलन्दशहर) के निवासी थे. उनके नाम पर बनाए जाने वाले सैनिक स्कूल के लिए 32 बीघा जमीन को राजपाल सिंह जी ने दान स्वरूप प्रदान किया. जिसका शिलान्यास 24 अगस्त 2018 को आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य श्री अवधेशानन्द गिरि के कर कमलों से सम्पन्न हुआ.

    समारोह के मुख्य अतिथि ब्रहमदेव (भाई जी) ने जानकारी दी कि इस योजना पर 40 करोड़ की राशि व्यय होने का अनुमान है. भूमि दानदाता राजपाल सिंह जी ने बताया कि सैनिक विद्यालय मेरा स्वप्न है, इस क्षेत्र में सैनिकों की अधिकाधिक संख्या होने के कारण सैनिक विद्यालय का निर्माण किया जाना अपरिहार्य है. इस श्रेष्ठ कार्य हेतु भूमि दान की प्रेरणा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के क्षेत्र सेवा प्रमुख जी से मिली, तभी से प्रयास किया गया और आज हवन कार्यक्रम द्वारा समर्पण का संकल्प साकार हुआ. हवन कार्यक्रम में उनका पूरा परिवार, रिश्तेदार एवं निकटवर्ती गाँव के निवासी उपस्थित रहे.

    हवन एवं शिलान्यास समारोह में स्वामी अवधेशानन्द गिरि ने दानदाताओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जीवन में जो पुण्य का कार्य करता है, उसको इस लोक तथा परलोक में कीर्ति मिलती है और उसकी अन्तः शक्ति का प्रादुर्भाव होता है, अतः जीवन में पुण्य का कार्य करते रहना चाहिये.

    विद्या भारती के संरक्षक तथा समारोह के मुख्य अतिथि ब्रहमदेव जी (भाईजी) ने कहा कि रज्जू भैया ने ऊँच-नीच, छूआ-छूत एवं भेदभाव मुक्त भारत के लिए अपना जीवन समर्पित किया और राष्ट्र को गौरवशाली बनाने हेतु शिक्षा को अपना माध्यम बनाया.

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक भाऊराव देवरस जी का तो मानना था कि विद्यालयों में सैनिक शिक्षा दी जानी चाहिए, जैसे इज़राइल ने अपने राष्ट्र को सैनिक शिक्षा को अनिवार्य कर वैभव सम्पन्न एवं सुरक्षित किया. इज़राइल ने शिक्षा और सुरक्षा पर सबसे अधिक बजट का हिस्सा व्यय किया. एक करोड़ की आबादी वाला यह देश इज़राइल, जिसकी ओर कोई भी आँख उठा कर नहीं देख सकता.

    मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह जी ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय भारतीय संस्कृति, संस्कार युक्त नागरिकों का निर्माण कर रहे हैं. विद्यालय के लिए 32 बीघा जमीन दान करने वाले राजपाल सिंह जी का सम्मान किया.

    राष्ट्रीय सेवा भारती के अ.भा. संगठन मंत्री राकेश जैन जी कहा कि अर्जित धन की भी एक सीमा है, अच्छे कार्यों में धन लगाने से स्वर्ग में स्थान मिलता है. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक सूर्य प्रकाश टोंक जी ने सभी का आभार व्यक्त किया.

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