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राजस्थान में 122 जोड़ों का सामूहिक विवाह

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8 मई को जयपुर में आयोजित चतुर्थ सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में 22 जातियों के 65 जोड़े विवाह बन्धन में बंधे. इनमें 6 जोड़ों ने अन्तरजातीय विवाह किया. इस विवाह समारोह का आयोजन सेवा भारती समिति, राजस्थान एवं श्रीराम जानकी विवाह समिति, जयपुर ने किया था. ढेहर के बालाजी के संत हरिशंकर दास एवं नवल सम्प्रदाय के संत मुन्नादास खोड़ा ने नव-दम्पतियों को आशीर्वाद दिया. इस भव्य आयोजन की सफलता में लगभग 300 समाजसेवी कार्यकर्ताओं एवं 500 कर्मचारियों का सहयोग रहा. सम्मेलन में भाग लेने वाले स्त्री-पुरुषों की संख्या लगभग 6000 रही.

समिति के जयपुर विभाग के संगठन मंत्री अनिल शुक्ला ने बताया कि समिति द्वारा जयपुर के अलावा 18 मई को भवानीमण्डी में, 24 मई को इटावा(कोटा) में, 25 मई को नैनवा (बूंदी) में तथा 30 मई को बारां में भी इसी प्रकार के सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कराये जायेंगे. इससे पूर्व 3 मई को जोधपुर में भी सेवा भारती और सुदर्शन सेवा संस्थान ने सर्वजातीय सामूहिक विवाह का आयोजन किया. इसमें निर्धन परिवारों के 57 जोड़ों का धूमधाम से विवाह कराया गया. 57 दूल्हों की जब बारात निकली तो मानो पूरा शहर उमड़ पड़ा. जगह-जगह लोगों ने इन दूल्हों का भव्य स्वागत किया. विवाह आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री रतन लाल गुप्ता “काका” ने बताया कि अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सामाजिक समरसता के लिए इस विवाह उत्सव का आयोजन किया गया था. विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक श्री दुर्गादास, प्रान्त प्रचारक श्री मुरलीधर, प्रान्त संघचालक श्री ललित शर्मा, प्रान्त कार्यवाह श्री जसवंत खत्री, राजस्थान के महाधिवक्ता श्री नरपतमल लोढा, सेवा भारती के श्री किशन गहलोत, विभाग प्रचारक श्री चंद्रशेखर, राज्यसभा सांसद श्री नारायण पंचारिया, जोधपुर के विधायक श्री कैलाश भंसाली सहित अनेक लोग उपस्थित थे.

 

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