रानी दुर्गावती शोध संस्थान में ‘निष्पक्ष चुनाव, स्वस्थ प्रजातंत्र’ विषय पर परिचर्चा Reviewed by Momizat on . परिचर्चा में रूस, जर्मनी, जापान, ब्राजील के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया भारत विश्व का सबसे बड़ा स्वस्थ प्रजातंत्र है और इसकी मजबूती का कारण मताधिकार है. यहां के परिचर्चा में रूस, जर्मनी, जापान, ब्राजील के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया भारत विश्व का सबसे बड़ा स्वस्थ प्रजातंत्र है और इसकी मजबूती का कारण मताधिकार है. यहां के Rating: 0
    You Are Here: Home » रानी दुर्गावती शोध संस्थान में ‘निष्पक्ष चुनाव, स्वस्थ प्रजातंत्र’ विषय पर परिचर्चा

    रानी दुर्गावती शोध संस्थान में ‘निष्पक्ष चुनाव, स्वस्थ प्रजातंत्र’ विषय पर परिचर्चा

    परिचर्चा में रूस, जर्मनी, जापान, ब्राजील के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया

    भारत विश्व का सबसे बड़ा स्वस्थ प्रजातंत्र है और इसकी मजबूती का कारण मताधिकार है. यहां के हर नागरिक को यह अधिकार है कि वह अपनी पसंद का जनप्रतिनिधि चयनित कर सके. जाति, धर्म, भाषा तथा वेशभूषा की समस्त विभिन्नताओं के बावजूद भारत निष्पक्ष और सफल लोकतंत्र के लिए जाना जाता है. पूरी दुनिया यहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव कराने की व्यवस्था का लोहा मानती है.

    विश्व के कई देशों में आम जनता को लंबे संघर्ष के बाद मताधिकार मिला. लेकिन भारत के लोगों को स्वतंत्रता के साथ ही मताधिकार प्राप्त हो गया. अमेरिका में महिलाओं को 144 वर्ष के बाद मताधिकार मिला. स्विट्जरलैण्ड में 1974 में महिलाओं को मताधिकार मिला. लेकिन भारत में 18 वर्ष (नियमानुसार) से अधिक आयु के व्यक्ति को मताधिकार प्राप्त है.

    रानी दुर्गावती शोध संस्थान द्वारा ‘निष्पक्ष चुनाव, स्वस्थ प्रजातंत्र’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में विदेशी प्रतिनिधि के रूप में ब्राज़ील से *Dr. Helcimara de Souza Telles* (Assistant Professor, Universidade Federal de Minas Gerais), जर्मनी से *Mr. Edmund Christian Wagner* (Senior Fellow, German Institute for International and Security Affairs), जापान से * Kazuya Nakamizo* (Professor, Graduate School of Asian and African Area Studies, Kyoto University), रूस से *Mr. Evgenii Mangul* (Member, Gagarin Municipal Council, Sevastopol; Assistant of the Deputy of the State Duma of the Russian Federation) उपस्थित रहे.

    परिचर्चा में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. पवन तिवारी (सह संगठन मंत्री विद्याभारती पूर्वोत्तर क्षेत्र), प्रो. हरिराम मिश्र (जे.एन.यू. नई दिल्ली), डॉ. पवन स्थापक (अध्यक्ष, रानी दुर्गावती शोध संस्थान), प्रो. ए.डी.एन. वाजपेयी (पूर्व कुलपति हिमाचल विश्वविद्यालय), डॉ. बिपिन बिहारी ब्यौहार (पूर्व अध्यक्ष मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग), डॉ. ए.बी. श्रीवास्तव (सचिव, रानी दुर्गावती शोध संस्थान), सहित अन्य गणमान्यजन व पदाधिकारी सम्मिलित रहे.

    About The Author

    Number of Entries : 5602

    Leave a Comment

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top