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    वरिष्ठ प्रचारक धनप्रकाश जी जीवन के 100वें वर्ष में करेंगे प्रवेश

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    जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वयोवृद्ध प्रचारक धनप्रकाश जी 10 जनवरी को जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे है. ऐसे तपःपूत के जन्मदिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देने तथा उनकी दीर्घायु की मंगलकामना के निमित्त 8 जनवरी, रविवार को भारती भवन संघ कार्यालय पर प्रातः 10.30 बजे से रुद्राभिषेक तथा यज्ञ का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जयपुर प्रान्त प्रचारक निम्बाराम जी, सह प्रान्त प्रचारक शैलेन्द जी, अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख शंकरलाल जी, सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित थे.

    धनप्रकाश जी त्यागी का जन्म 10 जनवरी 1918 में उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला स्थित मएहपुरा गांव में हुआ. उनके पिता पं. सालिगराम जी त्यागी बडे दयालू, ईमानदार तथा हिन्दू धर्म में प्रबल आस्था रखने वाले व्यक्ति थे. धनप्रकाश जी ने विज्ञान संकाय से उच्च माध्यमिक तक शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली में केन्द्र सरकार में क्लर्क की नौकरी की. उसी दौरान वे संघ के स्वयंसेवक बने. उन्होंने 1942 में दिल्ली से संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग, 1943 में प्रथम वर्ष, 1944 में द्वितीय वर्ष तथा 47 में संघ शिक्षा वर्ग -तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण लिया.

    केन्द्र सरकार में नौकरी त्याग कर अपना पूरा जीवन मां भारती के चरणों में समर्पित कर दिया. वर्ष 1943 में दिल्ली के संघ विस्तारक बने. सहारनपुर नगर और अलीगढ़ नगर प्रचारक के रूप में कार्य किया. अम्बाला, हिसार, गुरूग्राम, शिमला एवं होशियारपुर के जिला प्रचारक का दायित्व भी निभाया. संघ पर लगे प्रथम प्रतिबन्ध के समय आप जेल में रहे. सन् 1962 से 65 तक जम्मू विभाग प्रचारक रहे. इसके बाद आपको संघ कार्य विस्तार के लिए जयपुर भेजा गया और 1965 से 1971 तक जयपुर विभाग प्रचारक के रूप में दायित्व का निर्वाह किया. सन् 1971 से 1986 तक भारतीय मजदूर संघ में विभिन्न दायित्वों पर रहे. सन् 2000 से 2005 तक सेवा भारती जागरण पत्रक के प्रकाशन का कार्यभार संभाला. आज भी अपने स्वयं के कार्य अपने आप करते है. आपका अधिकांश समय स्वाध्याय व लेखन में व्यतीत होता है.

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