शरीर और मस्तिष्क के स्वस्थ रहने से मिलता है आत्मिक सुख – अशोक बेरी जी Reviewed by Momizat on . ब्रज (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी जी ने कहा कि योग का नियमित अभ्यास करने से सबसे पहले हमारा शरीर स्वस्थ बनता ब्रज (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी जी ने कहा कि योग का नियमित अभ्यास करने से सबसे पहले हमारा शरीर स्वस्थ बनता Rating: 0
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    शरीर और मस्तिष्क के स्वस्थ रहने से मिलता है आत्मिक सुख – अशोक बेरी जी

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    ब्रज प्रांत (3)ब्रज (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी जी ने कहा कि योग का नियमित अभ्यास करने से सबसे पहले हमारा शरीर स्वस्थ बनता है और शरीर के स्वस्थ रहने से मन और मस्तिष्क भी ऊर्जावान बनते हैं. शरीर और मस्तिष्क दोनों के स्वस्थ्य रहने से हमें आत्मिक सुख की प्राप्ति होती है और हम जीवन में खुशी और सफलता की ओर अग्रसर होते हैं. अशोक जी मंगलवार को विश्व योग दिवस एवं पनवारी ग्राम में आयोजित संघ शिक्षा वर्ग ‘प्रथम वर्ष के समापन समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे.

    समापन समारोह में उपस्थित स्वयंसेवकों को अशोक बेरी जी ने प्रकृति व पर्यावरण के विषय में बताते हुए कहा कि प्रकृति और मनुष्य का संबंध पुराना है. पर्यावरण की स्वच्छता, निर्मलता और संतुलन से ही अपनी सृष्टि को बचाया जा सकता है. हम सभी अधिक से अधिक पौधों का रोपण अपने आसपास के क्षेत्रों में न केवल करें, बल्कि दूसरों को पौधारोपण हेतु प्रेरित भी करें. उन्होंने कहा कि जुलाई माह का एक सप्ताह वृक्षारोपण सप्ताह के रूप में अवश्य मनाएं.

    समारोह के अध्यक्ष नगर के प्रमुख समाजसेवी व डॉक्टर सोप के स्वामी अशोक जी ने कहा कि संघ का उद्देश्य राष्ट्र को परम वैभव के शिखर पर पहुंचाना है. जीवन में महापुरुषों के विचारों को युवा आत्मसात करें. क्योंकि इससे शरीर की सकारात्मक ऊर्जा जाग्रत होती है. कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ. बाद में नियुद्ध, दण्ड व दण्डयुद्ध, पदविन्यास के प्रदर्शन के साथ संगठन में शक्ति है, भाई तू कहां, सहायता, पिरामिड जैसे खेलों के साथ-साथ घोष एवं विभिन्न योगासनों का स्वयंसेवकों द्वारा प्रदर्शन किया गया. घोषवाहिनी के मंत्रमुग्ध करने वाले ब्रज प्रांत (2)प्रदर्शन व संगीत की धुनों को सभी अतिथियों ने सराहा. पनवारी में चले संघ शिक्षा वर्ग में 318 स्थानों से आए 441 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर मातृभूमि की सेवा में कार्य करने का संकल्प लिया. वर्ग में 35 शिक्षकों ने शिक्षार्थियों को शारीरिक, मानसिक व चारित्रिक विकास हेतु प्रशिक्षण दिया. वर्ग में मातृहस्त भोजन और ग्रामीण लोगों के जीवन को जानने हेतु ग्राम्य दर्शन व 40 ग्रामों की माताओं के हाथ से बनी रोटियां सामाजिक समरसता के सूत्र को जीवंत करती दिखाई दी.

    समारोह में वर्गाधिकारी सतीश जी, वर्ग कार्यवाह केशव जी, प्रांत संघचालक जगदीश वशिष्ठ जी, प्रांत कार्यवाह राजपाल जी, ब्रज प्रांत प्रचारक हरीश जी रौतेला, सह प्रांत प्रचारक मुनीश जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे.

    ब्रज प्रांत (1)

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