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शैलेशभाई रावल को श्री रमणभाई शाह “साधना” पत्रकारिता गौरव पुरस्कार

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Patrakarita Gaurav Puraskarअहमदाबाद (विसंके). गुजरात विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और कर्नाटक के पदनामित राज्यपाल श्री वजुभाई वाला ने गत 31  अगस्त को श्री रमणभाई शाह साधना पत्रकारिता गौरव पुरस्कार इंडिया टुडे मैगज़ीन के फोटो-जर्नलिस्ट श्री शैलेश रावल को प्रदान किया.

साधना साप्ताहिक के पूर्व संपादक स्व. श्री रमणभाई शाह के नाम से प्रारंभ किया गया पत्रकारिता गौरव पुरस्कार  अर्पण समारोह का आयोजन गांधी श्रम संस्थान, अहमदाबाद में किया गया. अपने उद्बोधन में श्री बजुभाई वाला ने कहा कि राष्ट्रीय भावना और उच्च चरित्र की भावना के साथ समाज निर्माण का कार्य पत्रकारिता  का है. स्व. श्री रमणभाई शाह द्वारा पत्रकारत्व के उच्च आदर्शों के साथ साधना साप्ताहिक का जतन एवं संवर्धन हुआ, उन्होंने साधना साप्ताहिक के लिये वास्तव में साधना की थी. टेक्नोलोजी, बौद्धिक संपदा की दृष्टि से भारत विश्व में अग्रसर है. परंतु यदि स्वदेशी की भावना अधिक तीव्र बने तो समग्र विश्व में अग्रसर बनने की हम क्षमता रखते हैं. श्री बाला ने कहा कि कलम तलवार से भी तेज है, समाज कैसा है, यह दर्शाने का काम पत्रकारिता का है.

Patrakrita Puraskar Samarohगुजरात के पूर्व मुख्य सचिव श्री पी.के. लहेरी ने इस अवसर पर कहा कि सुसंस्कारों की रक्षा एवं उनके संवर्धन के साथ साप्ताहिक पत्र चलाना यह आज के समय में एक चुनौती है. परंतु 1956 से शुरू हुई साधना आज भी चल रही है, यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है.

साधना साप्ताहिक के संपादक श्री मुकेशभाई शाह ने स्व. श्री रमणभाई शाह की व्यवस्थापक, संपादक तथा न्यासी के रूप में 56 वर्षों की सुदीर्घ यात्रा की सराहना की. साथ ही उनके नाम पर पुरस्कार प्रारंभ करने और साधना साप्ताहिक के बारे में जानकारी दी.

पुरस्कार विजेता श्री शैलेशभाई रावल ने इस अवसर पर कहा कि साधन (कैमरा), साधना और साध्य के बीच तादात्म्य स्थापित कर पूरी निष्ठा से कार्य करने से श्रेष्ठ कार्य होता है. जहां शब्दों की कहने की ताकत पूरी होती है, वहां से फोटो की ताकत शुरू होती है. एक फोटो हजारों शब्दों का कार्य पूरा करता है. इस अवसर पर साधना साप्ताहिक के न्यासीगण, पत्रकार मित्रों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.

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