श्री रामायण एक्सप्रेस – भगवान राम से संबंधित स्थानों के दर्शन करवाएगी ट्रेन Reviewed by Momizat on . 16 दिनों के सफर में श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन अयोध्या (Ayodhya), नंदीग्राम (Nandigram), जनकपुर, वाराणसी (Varanasi), प्रयाग (Prayag), श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट (C 16 दिनों के सफर में श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन अयोध्या (Ayodhya), नंदीग्राम (Nandigram), जनकपुर, वाराणसी (Varanasi), प्रयाग (Prayag), श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट (C Rating: 0
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    श्री रामायण एक्सप्रेस – भगवान राम से संबंधित स्थानों के दर्शन करवाएगी ट्रेन

    16 दिनों के सफर में श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन अयोध्या (Ayodhya), नंदीग्राम (Nandigram), जनकपुर, वाराणसी (Varanasi), प्रयाग (Prayag), श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट (Chitrakoot), नासिक (Nashik), हम्पी और रामेश्वरम (Rameshwaram) के दर्शन कराएगी. श्रीलंका तक जाने वाले श्रद्धालु कोलंबो (Colombo), कैंडी, नुवारा एलिया के दर्शन भी कर पाएंगे.

    भारतीय रेलवे पुनः श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन (Shri Ramayan Express Train) चलाने जा रही है. यह ट्रेन 3 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन (Safdarganj Station) से रवाना होकर 16 दिनों में भारत और श्रीलंका (Srilanka) की यात्रा पूरी करेगी और श्रद्धालुओं को भगवान राम से जुड़ी जगहों पर लेकर जाएगी. पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ ट्रेन में एक टूर मैनेजर भी होगा जो गाइड की भूमिका में भी होगा और यात्रियों को समस्त जानकारियां उपलब्ध कराएगा. ट्रेन के 800 यात्रियों में 40 यात्री श्रीलंका भी जाएंगे.

    श्री रामायण एक्सप्रेस की यात्रा

    श्री रामायण एक्सप्रेस की यात्रा दो भागों में होगी. एक भारत में और दूसरा श्रीलंका में. इस टूर के श्रीलंका भाग का शुल्क अलग होगा. यात्रा में भारत से श्रीलंका की उड़ान की भी व्यवस्था है. रामायण एक्सप्रेस का सफर कुल 16 दिनों का होगा. इस ट्रेन में 800 यात्री सफर कर पाएंगे, जिनमें से 40 श्रद्धालु श्रीलंका तक की यात्रा करेंगे.

    भारत में यह ट्रेन अयोध्या, नंदीग्राम, जनकपुर, वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, नासिक, हम्पी और रामेश्वरम के दर्शन कराएगी. श्रीलंका तक जाने वाले श्रद्धालु कोलंबो, कैंडी, नुवारा एलिया के दर्शन भी कर पाएंगे.

    पिछले साल भी 14 नवंबर को दिल्ली से और 22 नवंबर को जयपुर से यह ट्रेन चलाई गई थी. दिल्ली से चलने वाली 800 सीटों वाली ट्रेन की सभी सीटें बुक हो गई थीं. पिछले साल भारत में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन का किराया 15120 रखा गया था, वहीं श्रीलंका तक जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए किराया 36970 रुपये था. आशा है कि इस बार भी यात्रा पर भी करीब इतना ही खर्च होगा.

    यात्रा के दौरान उच्च दर्जे की सुरक्षा व्यस्था का इंतजाम रहेगा और टूर मैनेजर श्रद्धालुओं के साथ रहेंगे जो यात्रियों को हर तीर्थ स्थान का विवरण सुनाएंगे.

    इनपुट – न्यूज़ 18

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    Comments (1)

    • Anil Gupta

      श्रीलंका में भी रामायण से सम्बंधित लगभग ५५ स्थान हैं! अगर भारत सरकार श्रीलंका से सहयोग करके उन स्थानों के लिए भी रेलवे लाइन की व्यवस्था करदे तो भारतीयों का वहां जाना बढ़ जाएगा ओर श्रीलंका में भी पर्यटन को बढ़ावा देने में भारत का अद्वित्तीय योगदान होगा!

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