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संघ धर्म के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करता: मनमोहनजी वैद्य

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लखनऊ में अ.भा.कार्यकारिणी मण्डल की बैठक शुरू

RSS ABKM Baithak Lucknow-2014लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी मण्डल की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार, 17 अक्टूबर को यहां शुरू हुई.

संघ के सहसरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय संघ के स्वयंसेवक सदैव सहायता के लिये पहुंचते हैं. उदाहरण के लिये हाल में जम्मू कश्मीर, मेघालय और विशाखापत्तनम में राहत और बचाव कार्यों में स्वयंसेवकों ने सक्रियरूप से भाग लिया.

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव घोषणापत्र में पार्टी व्दारा किए गये वादों को पूरा करने का वरीयताक्रम सरकार को तय करना है मसलन आम आदमी के जीवनयापन की समस्याओं का समाधान.

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने मीडिया से अपनी बातचीत के दौरान कहा कि नागपुर में विजयादशमी उत्सव के Manmohan ji ABKM Lucknow-2014दौरान परम पूजनीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवत के दूरदर्शन पर सीधे प्रसारण पर इतिहासकार राम चन्द्र गुहा और अन्य कॉमरेडों व्दारा अनावश्यक विवाद पैदा किया गया. मनमोहनजी ने कहा कि गुहा जैसे इतिहासकार इस बात से चिंतित हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कॉमरेडों व्दारा फैलाए गये असत्य और सही तथ्यों को लोग अब जानने लगेंगे.

मनमोहनजी ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर भारतीय नागरिक को हिन्दू मानता है. वह किसी के भी साथ उसकी धार्मिक आस्था, जाति या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं करता. उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र और हर धर्म के लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सम्मिलित हो रहे हैं.

उन्होंने कहा, “ किसी के भी संघ में शामिल होने के लिये हमने अपनी वेब साइट पर सुविधा उपलब्ध करायी है. 2012 तक, इस सुविधा का इस्तेमाल करते हुए लगभग एक हजार लोगों ने हर महीने संघ में शामिल होने की अपनी इच्छा व्यक्त की. 2013 में यह संख्या बढ़कर ढाई हजार प्रति मास हो गयी और अब सात हजार प्रति मास तक पहुंच गयी है.”

Lucknow Baithak ABKM-2014राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ मुस्लिमों के मेलजोल पर सीधे जबाव देते हुए मनमोहनजी ने कहा, “ मुस्लिम संघ शिक्षा वर्गों (प्रशिक्षण शिविरों) में  आ रहे हैं… संघ में धर्म, जाति और वर्ग का विचार किये बिना सभी भारतीय नागरिक समान हैं.”

उन्होंने बताया कि संघ की कार्यशैली को सीखने के लिये पिछले वर्ष लगभग 80,000 लोगों (13 से 40 वर्ष के आयु समूह) ने सात दिन के प्राथमिक शिक्षा वर्ग (प्रशिक्षण शिविर) में भाग लिया. इस साल यह संख्या 1.2 लाख हो गई है.

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