संघ की शाखा में समरसता प्रत्यक्ष दिखायी देती है – कृपाशंकर Reviewed by Momizat on . [caption id="attachment_8963" align="alignleft" width="300"] Avadh prant[/caption] लखनऊ (विसंकें). सामाजिक सद्भाव विषयक गोष्ठी का आयोजन सामाजिक समरसता मंच के तत [caption id="attachment_8963" align="alignleft" width="300"] Avadh prant[/caption] लखनऊ (विसंकें). सामाजिक सद्भाव विषयक गोष्ठी का आयोजन सामाजिक समरसता मंच के तत Rating: 0
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    संघ की शाखा में समरसता प्रत्यक्ष दिखायी देती है – कृपाशंकर

    Avadh prant

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    लखनऊ (विसंकें). सामाजिक सद्भाव विषयक गोष्ठी का आयोजन सामाजिक समरसता मंच के तत्वाधान में शनिवार को विश्व संवाद केन्द्र के अधीश सभागार में किया गया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड के संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी ने कहा कि सामाजिक समरसता के लिए संघ ने कोई दरवाजा नहीं छोड़ा. चाहे वह छोटा हो या बड़ा, पिछड़ा हो या अति पिछड़ा, दलित, किसी भी समाज से संघ अछूता नहीं है. संघ की शाखा में आने वाले सभी स्वयंसेवक हिन्दू हैं. सामाजिक समरसता संघ की शाखाओं में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देती है. संघ में कोई भी एक दूसरे से नहीं पूछता कि आपकी जाति क्या है. उन्होंने कहा कि संघ सामाजिक समरसता विषय पर वर्षों से कार्य कर रहा है.

    कार्यक्रम में मजदूर संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सर्वेश ने अपने विचार रखते हुए कहा कि परम्पराओं में विकृतियां आने के कारण समाज मे छूआ छूत भेद-भाव पनपना शुरू हुआ, जिससे सामाजिक सद्भाव बिगड़ा हुआ है. गोष्ठी की अध्यक्षयता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के प्रान्त संघचालक प्रभुनारायण जी ने की. अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सामाजिक समरसता जीवन का महामंत्र है, समरसता जीवन में हर घड़ी हर क्षण होनी चाहिये. प्रान्त प्रचारक संजय जी, विभाग कार्यवाह प्रशान्त भाटिया सहित अन्य उपस्थित थे.

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