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संघ के स्वयंसेवक बने प्रवासी श्रमिकों का संबल

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आगरा हाइवे पर भोजन सेवा में जुटे स्वयंसेवक

जयपुर (विसंकें). लॉकडाउन के बीच अपने घरों को लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की मदद करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक तन-मन-धन के साथ जगह-जगह सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं. स्वयंसेवक प्रवासी श्रमिकों समेत पशु-पक्षियों को दाना-पानी की व्यवस्था भी कर रहे हैं. अजमेर, जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पैदल व साइकिल आदि से आगरा व ग्वालियर की ओर जा रहे श्रमिकों की जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर संघ के स्वयंसेवकों द्वारा भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है. दौसा के महुवा कस्बे के पास राजमार्ग पर संघ के स्वयंसेवकों द्वारा पिछले कई सप्ताह से भोजन व पेयजल पैकेट का वितरण प्रवासी श्रमिकों को किया जा रहा है. सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के बाद भूख से थके हारे श्रमिक स्वयंसेवकों के हाथों से भोजन पाकर अपनी भूख मिटा रहे हैं तो वहीं स्वयंसेवक भी निःस्वार्थ भाव से अनथक सेवा में जुटे हुए हैं.

स्वयंसेवक खेमचंद ने बताया कि लॉकडाउन लागू के बाद पहले तो महुवा कस्बे में स्थित अभावग्रस्त परिवारों को भोजन पैकेट व राशन सामग्री का वितरण किया गया, इसके बाद राजमार्ग से गुजरने वाले श्रमिकों को कई सप्ताह से भोजन पैकेट का वितरण लगातार किया जा रहा है. प्रतिदिन तीन सौ से अधिक पैकेट बांटे जा रहे हैं. इसी प्रकार निकटपुरी व सिकंदरा के पास समाज के लोगों द्वारा प्रवासी श्रमिकों को भोजन वितरण किया जा रहा है. स्वयंसेवक गौरव बताते हैं कि सभी स्वयंसेवक मिलकर वाहनों के अभाव में पैदल जा रहे श्रमिकों की भोजन सेवा कर रहे हैं. यह कार्य अब स्वयंसेवकों की दिनचर्या का अंग बन चुका है.

पैदल व साइकिल पर जा रहे श्रमिकों को करवाया भोजन

तीसरे लॉकडाउन में जैसे ही श्रमिकों को आने जाने की छूट मिली वैसे ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने सेवा कार्य का एक मोर्चा हाइवे पर खोल  दिया. हाइवे या रेलवे ट्रेक से जाने वाले श्रमसाधकों के लिए राहत कार्य पीने का पानी, बैठने विश्राम के लिये बिछायत, भोजन आदि की व्यवस्था की जाए.

बड़ी संख्या में बालक, बड़े, गोद में बालक को लेकर चलने वाली माताएं, पैदल व साइकिल से जा रहे हैं. उनको सहायता करना. इनके मार्ग पर जहाँ-जहाँ भी अपनी शाखाएं या कार्यकर्ता हैं, उनको बताया जा रहा है कि श्रमिकों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिये.

इसी क्रम में भरतपुर से आगरा, मथुरा की तरफ रोजाना 2-3 हजार श्रमिकों को भोजन व अल्पाहार की व्यवस्था दी गई. अहमदाबाद से जयपुर अजमेर रोड होते हुए झाँसी, गोरखपुर आदि जाने वाले लगभग 400 श्रमिकों को प्रतिदिन दो समय का भोजन कराने का प्रबंध  रहा. सांगानेर में जयपुर से कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन 500 श्रमिकों को भोजन पैकेट, ठंडे पानी की बोतल की व्यवस्था की गई, ऐसे ही सवाई माधोपुर होते हुए मध्यप्रदेश के श्योपुर सतना शिवपुरी आदि स्थानों पर जा रहे श्रमिकों को अभी तक 14000  भोजन पैकेट दे चुके हैं.

जयपुर से मध्यप्रदेश जा रहे करीब 40 श्रमिकों के जत्थे को भोजन करवाया. उनसे बातचीत पर पता चला कि जयपुर में लोहे की दुकान पर काम करते हैं. पावटा में श्रमिक रुके हुए हैं और उनका भोजन नहीं हुआ, यह समाचार मिलते ही 6-7 स्वयंसेवकों ने उन सभी को भोजन पहुँचाया. परागपुरा के स्वयंसेवकों ने NH 8 पर घूमकर पैदल व साइकिल से जाने वाले श्रमिकों के भोजन की व्यवस्था की.

जो सड़क मार्ग गोपालपुरा बाईपास से अपने घरों पर लौट रहे हैं, उनके लिए अल्पाहार वितरण किया. जिसमें बिस्कुट, केला, मुरमुरे, भुने चने के पैकेट दिए.

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