संघ को समझना है तो संघ के भीतर आना होगा – जगदीश प्रसाद Reviewed by Momizat on . जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर महानगर के मानसरोवर भाग के माधव नगर घोष केंद्र का वार्षिकोत्सव रविवार को सोडाला स्थित मोदी ग्राउंड में संपन्न हुआ. जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर महानगर के मानसरोवर भाग के माधव नगर घोष केंद्र का वार्षिकोत्सव रविवार को सोडाला स्थित मोदी ग्राउंड में संपन्न हुआ. Rating: 0
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    संघ को समझना है तो संघ के भीतर आना होगा – जगदीश प्रसाद

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    जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर महानगर के मानसरोवर भाग के माधव नगर घोष केंद्र का वार्षिकोत्सव रविवार को सोडाला स्थित मोदी ग्राउंड में संपन्न हुआ. वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश प्रसाद ने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने आजादी के अनेकों आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन सन् 1925 में संघ की स्थापना इसलिए की थी कि अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद देश दोबारा परतंत्र नहीं हो, संघ स्थापना के बाद से ही स्वयंसेवक समाज का संगठन करने के लिए 95 वर्षों से अनवरत कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग संघ के बारे में कई प्रकार के भ्रम फैलाते हैं. लेकिन आपको संघ समझना है तो संघ के भीतर आना होगा. इसी प्रकार महिलाओं के संगठन के लिए राष्ट्र सेविका समिति कार्य करती है. माता-बहनों को सेविका समिति से जुड़कर समाज के संगठन में भूमिका निभानी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि संघ स्थापना के बाद घोष शुरु हुआ था जो धीरे-धीरे बढ़ते ही जा रहा है. पहले हम सेना की रचनाओं का वादन के लिए उपयोग करते थे. लेकिन अब संघ के स्वयंसेवकों द्वारा बनाई गई घोष की रचनाओं का उपयोग अन्य करते हैं, यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है.

    उन्होंने कहा कि हमारा समाज संगठित, शक्ति संपन्न हो तथा भारत परम वैभव पर पहुंचे, यही संघ का मूल ध्येय है. ऐसे में समाज के लोगों को संघ से जुड़कर समाज परिवर्तन व संगठन का कार्य करना चाहिए.

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध तबला वादक शंकरलाल डांगी ने कहा कि बाल स्वयंसेवकों ने घोष का सुरमय वादन करके लोगों को प्रेरणा दी है. इससे पहले घोष वादकों ने करीब दो दर्जन रचनाओं की प्रस्तुति दी.

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