समाजहित में सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता – ओमप्रकाश सिसौदिया Reviewed by Momizat on . ग्वालियर (विसंकें). आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को पत्रकार सम्मान समारोह एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. "मामा" माणिकचंद ग्वालियर (विसंकें). आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को पत्रकार सम्मान समारोह एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. "मामा" माणिकचंद Rating: 0
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    समाजहित में सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता – ओमप्रकाश सिसौदिया

    ग्वालियर (विसंकें). आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को पत्रकार सम्मान समारोह एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. “मामा” माणिकचंद वाजपेयी स्मृति सेवा न्यास द्वारा नई सड़क स्थित राष्ट्रोत्थान विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता क्षेत्र की विभिन्न विधाओं में कार्य करने वाले पत्रकारों का सम्मान किया गया.

    कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख ओमप्रकाश सिसौदिया, कार्यक्रम के अध्यक्ष दीपक सचेती, तथा वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र त्रिवेदी कार्यक्रम संयोजक के रूप में मंचासीन रहे. सम्मान समारोह से पूर्व ‘सकारात्मक पत्रकारिता के लिए वर्तमान दौर की चुनौतियां’ विषय पर विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

    ओमप्रकाश जी ने कहा कि प्राचीनकाल में लोकहित में जिस प्रकार देवर्षि नारद जी की स्वीकार्यता थी, ठीक उसी प्रकार आज के दौर में पत्रकारों को समस्त चुनौतियों का सामना करते हुए सकारात्मक पत्रकारिता कर अपनी स्वीकार्यता बढ़ानी चाहिए. जिसके मन में समाज के लिए कुछ करने की प्रवृत्ति होती है, उसे शांत नहीं बैठना चाहिए. प्राचीन समय में नारद जी भी इसी भूमिका में थे.

    उन्होंने कहा कि आज के दौर में पत्रकारों के सामने कई चुनौतियां हैं. लेकिन पत्रकारों को संकल्प लेकर सकारात्मक पत्रकारिता कर चुनौतियों का सामना करना चाहिए. अपनी कलम की ताकत को बढ़ाकर  किसी के सामने न झुकने वाली पत्रकारिता करनी चाहिए. सोशल मीडिया के कारण आज परिदृश्य बिल्कुल बदल गया है. सोशल मीडिया में समाचारों की विश्वसनीयता का संकट बना हुआ है. इसलिए प्रत्येक पत्रकार को तथ्यपरक जानकारी के साथ समाचार प्रस्तुत करना चाहिए. इसी से ही सकारात्मक पत्रकारिता बची रहेगी.

    कार्यक्रम अध्यक्ष दीपक सचेती ने कहा कि पत्रकार बहुत ही विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं. अन्य माध्यमों की अपेक्षा प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय बना हुआ है. समाज और लोकतंत्र को बचाने में पत्रकारों का बहुत बड़ा दायित्व है.

    प्रस्तावना सह प्रचार प्रमुख विजय दीक्षित ने रखी. न्यास द्वारा वर्ष 2000 से पत्रकारों का सम्मान किया जा रहा है. मानव कल्याण के लिए नारद जी लगातार संवाद करते रहते थे. नारद जी का जितना सम्मान देवताओं में था, उतना ही सम्मान असुरों में भी था. कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत सुमित राठौर, राजलखन सिंह और बृजमोहन शर्मा ने किया. कार्यक्रम का संचालन दीपक भार्गव, आभार सुधीर शर्मा ने व्यक्त किया.

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